मिशन शक्ति की पहल: कालपी में कक्षा सात की छात्रा आस्था विश्नोई बनीं एक दिन की कोतवाल, जनसुनवाई में सुनीं शिकायतें
देव पटेल
हिट एंड हॉट न्यूज़ संवाददाता जालौन
कालपी, जालौन | 17 अक्टूबर 2026 | महिला सशक्तिकरण एवं पुलिस समाचार
उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में महिलाओं और बालिकाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत कालपी पुलिस ने एक प्रेरणादायक पहल की। एमएसवी इंटर कॉलेज में कक्षा सात की छात्रा आस्था विश्नोई को एक दिन के लिए प्रतीकात्मक कोतवाल की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस अवसर पर छात्रा ने न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली को करीब से समझा, बल्कि कोतवाली में आयोजित जनसुनवाई के दौरान फरियादियों की समस्याएं सुनने का अनुभव भी प्राप्त किया।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं के भीतर आत्मविश्वास बढ़ाना, उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करना और उन्हें प्रशासनिक व्यवस्था से परिचित कराना था। पुलिस अधिकारियों ने छात्रा का उत्साहवर्धन करते हुए यह संदेश दिया कि उचित शिक्षा, मेहनत और मार्गदर्शन से बेटियां भी समाज में जिम्मेदार पदों पर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
कोतवाली पहुंचने पर छात्रा का किया गया स्वागत
मिशन शक्ति अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में कालपी कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अजय ब्रह्म तिवारी और मिशन शक्ति प्रभारी उपनिरीक्षक ममतेश कुमारी ने अहम भूमिका निभाई। दोनों पुलिस अधिकारियों ने छात्रा आस्था विश्नोई का स्वागत किया और उसे एक दिन के लिए प्रतीकात्मक कोतवाल बनाए जाने के अवसर पर प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रभारी निरीक्षक ने छात्रा को अपनी कुर्सी पर बैठाया। यह क्षण छात्रा के लिए उत्साह बढ़ाने वाला रहा। इस पहल के माध्यम से उसे यह समझने का अवसर मिला कि पुलिस विभाग में जिम्मेदारी निभाने के लिए केवल पद ही नहीं, बल्कि धैर्य, संवेदनशीलता, अनुशासन और निर्णय लेने की क्षमता भी आवश्यक होती है।
पुलिस अधिकारियों का प्रयास था कि छात्रा इस अनुभव के माध्यम से प्रशासनिक जिम्मेदारियों को समझ सके और भविष्य में अपने लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित हो।
जनसुनवाई में तीन प्रार्थना पत्रों से जुड़ी समस्याएं सुनीं
एक दिन की प्रतीकात्मक कोतवाल के रूप में आस्था विश्नोई ने कोतवाली में आयोजित जनसुनवाई में भाग लिया। इस दौरान फरियादियों ने अपनी समस्याओं को सामने रखा। कार्यक्रम में कुल तीन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए गए, जिनके माध्यम से लोगों ने अपनी शिकायतों के संबंध में जानकारी दी।
छात्रा को बताया गया कि पुलिस के पास शिकायत लेकर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की बात ध्यानपूर्वक सुनना और उसकी समस्या को समझना कितना महत्वपूर्ण है। जनसुनवाई के दौरान उसे शिकायत प्राप्त होने से लेकर उसके निस्तारण की प्रक्रिया तक की सामान्य जानकारी दी गई।
इस अनुभव से आस्था को यह जानने का अवसर मिला कि पुलिस का कार्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिकों की समस्याओं को सुनना, उन्हें उचित मार्गदर्शन देना और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करना भी उसकी जिम्मेदारियों में शामिल है।
यह कार्यक्रम शैक्षिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि इसमें छात्रा को किताबों में पढ़ी जाने वाली प्रशासनिक व्यवस्था को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर मिला।
पुलिस की कार्यप्रणाली और अधिकारियों की जिम्मेदारियों से कराया परिचित
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने छात्रा को कोतवाली के कामकाज और विभिन्न जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी। उसे समझाया गया कि किसी भी शिकायत पर कार्रवाई करते समय तथ्यों को जानना, संबंधित पक्षों की बात सुनना और कानून के अनुसार निर्णय लेना आवश्यक होता है।
पुलिस व्यवस्था में अनुशासन, निष्पक्षता और जनसेवा का विशेष महत्व है। शिकायतों को सुनते समय लोगों के प्रति संवेदनशील व्यवहार करना भी एक जिम्मेदार अधिकारी की महत्वपूर्ण विशेषता मानी जाती है।
आस्था विश्नोई के लिए यह अवसर इसलिए भी खास रहा, क्योंकि उसे प्रशासनिक व्यवस्था को नजदीक से देखने और अधिकारियों के काम करने के तरीके को समझने का मौका मिला। इस तरह की गतिविधियां विद्यार्थियों को भविष्य के प्रति जागरूक बनाने के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों का बोध कराने में भी सहायक हो सकती हैं।
मिशन शक्ति का उद्देश्य बालिकाओं को आत्मविश्वासी बनाना
उत्तर प्रदेश में मिशन शक्ति अभियान महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, जागरूकता तथा सशक्तिकरण से जुड़ी पहल है। इसके अंतर्गत विभिन्न स्तरों पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनसे बालिकाओं को अपने अधिकारों, सुरक्षा उपायों और उपलब्ध अवसरों के बारे में जानकारी मिल सके।
कालपी पुलिस की इस पहल में बालिका को प्रतीकात्मक रूप से कोतवाल बनाकर नेतृत्व की जिम्मेदारी का अनुभव कराया गया। इसका उद्देश्य यह बताना था कि बेटियों को भी आगे बढ़ने, निर्णय लेने और समाज में अपनी पहचान बनाने के समान अवसर मिलने चाहिए।
जब विद्यार्थियों को कम उम्र में ही जिम्मेदारी निभाने का अवसर मिलता है, तो उनमें संवाद कौशल, आत्मविश्वास और समस्याओं को समझने की क्षमता विकसित करने में मदद मिल सकती है। इस तरह के आयोजन बालिकाओं को अपने सपनों को लेकर सकारात्मक सोच अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।
मिशन शक्ति से जुड़े कार्यक्रमों का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि बालिकाएं अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक बनें और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों से सहायता लेने में संकोच न करें।
शिक्षा और मार्गदर्शन से आगे बढ़ सकती हैं बेटियां
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अजय ब्रह्म तिवारी और मिशन शक्ति प्रभारी उपनिरीक्षक ममतेश कुमारी ने छात्रा के उत्साह की सराहना की और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा, निरंतर मेहनत और सही मार्गदर्शन के माध्यम से बालिकाएं अपने जीवन में सफलता हासिल कर सकती हैं।
समाज में कई बार बालिकाओं को नेतृत्व और निर्णय लेने से जुड़ी भूमिकाओं में आगे आने के लिए पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाते। ऐसे में विद्यालयों, प्रशासनिक विभागों और पुलिस की ओर से आयोजित प्रेरणात्मक कार्यक्रम उनके लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकते हैं।
आस्था विश्नोई को एक दिन की प्रतीकात्मक कोतवाल बनाए जाने का कार्यक्रम इसी सोच को आगे बढ़ाने वाला प्रयास रहा। इससे छात्राओं को यह संदेश मिलता है कि उनकी क्षमताओं को पहचानना और उन्हें प्रोत्साहित करना आवश्यक है।
हालांकि इस तरह की प्रतीकात्मक जिम्मेदारी वास्तविक प्रशासनिक नियुक्ति नहीं होती, लेकिन यह विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों की कार्यप्रणाली समझने और भविष्य में उन क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करने का प्रभावी माध्यम बन सकती है।
समाज में सकारात्मक संदेश देने वाली पहल
कालपी पुलिस का यह कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ पुलिस और आम नागरिकों के बीच संवाद को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा सकता है। जब विद्यार्थियों को पुलिस विभाग की गतिविधियों में शामिल किया जाता है, तो उन्हें कानून-व्यवस्था और जनसेवा की भूमिका को समझने का अवसर मिलता है।
इस प्रकार के आयोजनों से बालिकाओं के मन में प्रशासनिक सेवाओं, पुलिस विभाग और अन्य जिम्मेदार पदों के प्रति रुचि विकसित हो सकती है। साथ ही, उन्हें यह भी समझने में मदद मिलती है कि किसी भी जिम्मेदारी को निभाने के लिए ईमानदारी, अनुशासन और संवेदनशीलता जरूरी हैं।
आस्था विश्नोई का यह अनुभव अन्य छात्राओं के लिए भी प्रेरणा बन सकता है। विद्यालयों में पढ़ने वाली बालिकाओं को यदि शिक्षा के साथ नेतृत्व और सामाजिक भागीदारी के अवसर दिए जाएं, तो वे अपने कौशल को बेहतर ढंग से विकसित कर सकती हैं।
निष्कर्ष
जालौन जिले के कालपी में मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत आयोजित यह कार्यक्रम बालिका सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में सामने आया। एमएसवी इंटर कॉलेज की कक्षा सात की छात्रा आस्था विश्नोई को एक दिन के लिए प्रतीकात्मक कोतवाल बनाकर पुलिस ने उसे प्रशासनिक जिम्मेदारियों को समझने का अवसर दिया।
प्रभारी निरीक्षक अजय ब्रह्म तिवारी और मिशन शक्ति प्रभारी उपनिरीक्षक ममतेश कुमारी के मार्गदर्शन में छात्रा ने जनसुनवाई में भाग लिया और तीन प्रार्थना पत्रों से संबंधित शिकायतों को सुना। इस दौरान उसे पुलिस की कार्यप्रणाली तथा जनसमस्याओं के निस्तारण की प्रक्रिया से परिचित कराया गया।
यह पहल बताती है कि बालिकाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें जिम्मेदारी का अनुभव देना कितना महत्वपूर्ण है। शिक्षा, आत्मविश्वास और सही मार्गदर्शन के सहारे बेटियां अपने सपनों को साकार कर सकती हैं तथा समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।
