नवरात्रि में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, 480 किलो संदिग्ध कुट्टू का आटा बरामद कर कराया नष्ट
महिपाल सिंह
हिट एंड हॉट न्यूज़ संवाददाता रामपुर
नवरात्रि व्रत के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर विभाग की नजर, सात नमूने जांच के लिए भेजे गए; खाद्य पंजीकरण नहीं होने का मामला भी आया सामने

रामपुर, उत्तर प्रदेश। नवरात्रि पर्व के दौरान व्रत रखने वाले लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग ने विशेष छापामार अभियान चलाया। इस अभियान के तहत विभिन्न खाद्य कारोबारियों के प्रतिष्ठानों पर जांच-पड़ताल की गई। कार्रवाई के दौरान करीब 480 किलोग्राम संदिग्ध कुट्टू का आटा बरामद हुआ, जिसे नियमानुसार नष्ट करा दिया गया। जब्त किए गए आटे की अनुमानित कीमत लगभग 48 हजार रुपये बताई गई है। इसके साथ ही अलग-अलग दुकानों से खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए हैं।
नवरात्रि के दिनों में बड़ी संख्या में लोग व्रत रखते हैं। इस दौरान कुट्टू का आटा, साबूदाना, सिंघाड़े का आटा और अन्य व्रत संबंधी खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण हो जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की जांच तेज की और संदिग्ध सामग्री के खिलाफ कार्रवाई की।
480 किलोग्राम संदिग्ध कुट्टू का आटा कराया गया नष्ट
खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच के दौरान विभिन्न दुकानों में छिपाकर रखा गया करीब 480 किलोग्राम संदिग्ध कुट्टू का आटा सामने आया। संबंधित खाद्य कारोबारियों से इस सामग्री को वापस मंगवाया गया। इसके बाद बिलासपुर रोड स्थित डंपिंग ग्राउंड पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पूरे आटे को नष्ट कराया गया।
विभागीय कार्रवाई में नष्ट की गई सामग्री का अनुमानित मूल्य 48 हजार रुपये बताया गया है। इस कदम का उद्देश्य संदिग्ध खाद्य सामग्री को बाजार में बिकने से रोकना और उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही लोगों के स्वास्थ्य के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। विशेष रूप से व्रत के दौरान सीमित प्रकार के खाद्य पदार्थों का सेवन करने वाले लोगों के लिए उनकी शुद्धता पर ध्यान देना आवश्यक है। हालांकि, संदिग्ध घोषित की गई सामग्री के संबंध में अंतिम वैज्ञानिक निष्कर्ष प्रयोगशाला जांच और संबंधित अभिलेखों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा।
विभिन्न प्रतिष्ठानों से लिए गए सात नमूने
अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग ने अलग-अलग कारोबारियों के यहां से खाद्य पदार्थों के कुल सात नमूने एकत्र किए। इन नमूनों को परीक्षण के लिए भेजा गया है, ताकि उनकी गुणवत्ता और निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप होने की जांच की जा सके।
जांच के दौरान संबंधित कारोबारी से कुट्टू के आटे के दो नमूने भी लिए गए। नमूनों की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के संबंध में आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की ऐसी कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य बाजार में बिकने वाली खाद्य सामग्री की निगरानी करना और उपभोक्ताओं को मानकों के अनुरूप खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है। यदि प्रयोगशाला जांच में किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट या अन्य अनियमितता की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
एसके ट्रेडर्स और अन्य दुकानों पर भी हुई जांच
विशेष अभियान के दौरान मिस्टन गंज स्थित एसके ट्रेडर्स की दुकान पर भी खाद्य पदार्थों की जांच की गई। यहां से साबूदाना, मयूर ब्रांड कुट्टू का आटा और कुट्टू मींग के एक-एक नमूने संग्रहित किए गए।
इसके अतिरिक्त भगत जी किराना स्टोर से साबूदाना का नमूना लिया गया। वहीं स्टेशन रोड के सामने स्थित दशमेश किराना स्टोर से सिंघाड़े के आटे का नमूना एकत्र किया गया।
इन नमूनों को जांच के लिए भेजे जाने का उद्देश्य यह पता लगाना है कि संबंधित खाद्य पदार्थ निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं। त्योहारों के दौरान खाद्य सामग्री की बिक्री बढ़ने के कारण दुकानदारों के लिए भी यह जरूरी हो जाता है कि वे विश्वसनीय स्रोतों से सामान खरीदें और खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन करें।
खाद्य पंजीकरण नहीं होने का मामला आया सामने
अभियान के दौरान खाद्य कारोबार से संबंधित पंजीकरण की स्थिति भी जांची गई। इस दौरान एक मामले में खाद्य पंजीकरण नहीं होने की बात सामने आई। खाद्य कारोबार करने वाले प्रतिष्ठानों के लिए लागू नियमों के अनुसार आवश्यक पंजीकरण या लाइसेंस की व्यवस्था का पालन करना जरूरी है।
खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का उद्देश्य कारोबारियों की गतिविधियों को निर्धारित मानकों के दायरे में रखना और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है। इस कारण खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वाले दुकानदारों को अपने प्रतिष्ठान से संबंधित जरूरी दस्तावेज पूरे रखने चाहिए।
विभागीय जांच में अखाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाले केमिकल की बिक्री का मामला भी सामने आया। इस संबंध में संबंधित खाद्य कारोबारकर्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस जारी होने का अर्थ है कि संबंधित कारोबारी से मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है। आगे की कार्रवाई उपलब्ध तथ्यों, जवाब और लागू नियमों के आधार पर तय की जाएगी।
व्रत के खाद्य पदार्थ खरीदते समय बरतें सावधानी
नवरात्रि के दौरान कुट्टू का आटा और अन्य व्रत संबंधी खाद्य पदार्थ खरीदते समय उपभोक्ताओं को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। खाद्य सुरक्षा विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे खुले में पिसे कुट्टू के आटे की खरीद और इस्तेमाल से बचें।
आटा खरीदते समय सीलबंद पैकेट को प्राथमिकता दें। पैकेट पर लिखी पैकिंग तिथि, अवसान तिथि और निर्माता का पूरा पता ध्यान से जांचें। इसके अलावा पैकेट की सील और उसकी बाहरी स्थिति पर भी नजर रखें। यदि पैकेट खुला हुआ हो, उस पर जरूरी जानकारी उपलब्ध न हो या उसकी गुणवत्ता को लेकर संदेह हो, तो उसे खरीदने से बचना बेहतर है।
साबूदाना, सिंघाड़े का आटा और अन्य व्रत सामग्री खरीदते समय भी पैकेजिंग तथा उत्पाद से संबंधित जानकारी की जांच करना उपयोगी है। उपभोक्ताओं को ऐसे दुकानदारों से खाद्य सामग्री खरीदने का प्रयास करना चाहिए जो साफ-सफाई बनाए रखते हों और आवश्यक खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करते हों।
संदिग्ध खाद्य सामग्री से क्यों जरूरी है बचाव?
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता खराब होने, अनुचित भंडारण या दूषित सामग्री के सेवन से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए केवल किसी उत्पाद का व्रत में इस्तेमाल होना उसकी सुरक्षित गुणवत्ता की गारंटी नहीं है। उसकी पैकेजिंग, भंडारण और गुणवत्ता पर भी ध्यान देना चाहिए।
कुट्टू का आटा खरीदने के बाद उसे नमी और गंदगी से बचाकर साफ, सूखे स्थान पर रखना चाहिए। आटे में असामान्य गंध, रंग या बनावट दिखाई देने पर उसका उपयोग नहीं करना चाहिए। किसी खाद्य पदार्थ को लेकर गंभीर संदेह होने पर उसे खाने के बजाय संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को जानकारी देना उचित है।
यदि किसी संदिग्ध खाद्य पदार्थ के सेवन के बाद तबीयत खराब होती है, तो चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। खाद्य सामग्री की गुणवत्ता के मामले में सावधानी बरतना उपभोक्ता और विक्रेता, दोनों की जिम्मेदारी है।
आगे भी जारी रहेगा विशेष अभियान
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि नवरात्रि सहित त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग की ओर से बाजार में बिकने वाली खाद्य सामग्री की जांच, नमूने एकत्र करने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने पर जोर दिया जा रहा है।
करीब 480 किलोग्राम संदिग्ध कुट्टू के आटे को नष्ट कराने और सात नमूने जांच के लिए भेजने की कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों को भी यह संदेश मिला है कि खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और नियमों के पालन को गंभीरता से लेना आवश्यक है।
नवरात्रि का पर्व आस्था, उपवास और धार्मिक परंपराओं से जुड़ा है। इस दौरान व्रत रखने वाले लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्रशासन और कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। वहीं, उपभोक्ताओं को भी खरीदारी के समय सावधानी बरतनी चाहिए। विभागीय जांच की रिपोर्ट सामने आने के बाद नमूनों की वास्तविक गुणवत्ता के संबंध में अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
निष्कर्ष: नवरात्रि के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई ने व्रत में इस्तेमाल होने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित किया है। संदिग्ध आटे को बाजार से हटाना, नमूनों की जांच कराना और नियमों के पालन पर निगरानी रखना उपभोक्ताओं के हित में महत्वपूर्ण कदम हैं। लोगों को भी खुले और संदिग्ध खाद्य पदार्थों से बचते हुए पैकेट पर उपलब्ध जानकारी की जांच करके ही खरीदारी करनी चाहिए।