CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर राहुल गांधी और INDIA bloc का लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन, सड़कों पर जारी विपक्ष का आंदोलन
नई दिल्ली, 8 अक्टूबर 2026। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और INDIA bloc के कई अन्य नेता इस आंदोलन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आपत्तियां जताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से इस्तीफे की मांग दोहराई।

विपक्ष का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया और उससे संबंधित निर्णयों को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया जाना आवश्यक है। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने यह भी मांग रखी कि पिछले दिनों विरोध-प्रदर्शन के दौरान दर्ज की गईं प्राथमिकी वापस ली जाएं। विपक्षी नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रखने का उनका इरादा है।
संसद से चुनाव आयोग तक निकला था मार्च
विरोध प्रदर्शन की शुरुआत संसद भवन से चुनाव आयोग कार्यालय की ओर मार्च के साथ हुई थी। विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या इस मार्च में शामिल हुई। प्रदर्शनकारियों का उद्देश्य चुनाव आयोग तक पहुंचकर अपनी मांगों को सामने रखना था।
हालांकि, मार्च के दौरान पुलिस की ओर से हस्तक्षेप किया गया और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका गया। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया। विपक्षी दलों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे अपने शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार से जोड़कर देखा।
पहले दिन के बाद आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा। इस बार प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहे थे। वहां भी पुलिस की ओर से उन्हें रोके जाने की जानकारी सामने आई। प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रमों के बाद राहुल गांधी सहित कुछ विपक्षी नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने की बात वीडियो में कही गई है।
तीसरे दिन भी पीछे हटने को तैयार नहीं विपक्ष
लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन के दौरान राजधानी में विपक्षी नेताओं और समर्थकों की मौजूदगी देखने को मिली। वीडियो में राहुल गांधी तथा अन्य नेताओं को बस के जरिए प्रदर्शन स्थल की ओर जाते हुए दिखाया गया है। उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक और INDIA bloc के नेता भी नजर आए।
प्रदर्शनकारियों के बीच मुख्य मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर रही। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े कुछ निर्णयों और कदमों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष चाहता है कि इन मुद्दों पर जवाबदेही तय हो और संबंधित मामलों पर स्पष्टता सामने आए।
राहुल गांधी ने आंदोलन को आगे जारी रखने का संकेत दिया है। उनका कहना है कि विपक्ष अपनी मांगों को लेकर पीछे नहीं हटेगा और सड़क से लेकर राजनीतिक मंचों तक अपनी आवाज उठाता रहेगा।
FIR वापस लेने की भी मांग
विरोध प्रदर्शन के दौरान दर्ज की गईं प्राथमिकी भी विपक्ष के आंदोलन का महत्वपूर्ण मुद्दा बन गई हैं। विपक्षी नेताओं का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान दर्ज मामलों को वापस लिया जाना चाहिए। उनका तर्क है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों को अपनी बात रखने तथा विरोध दर्ज कराने का अधिकार होना चाहिए।
दूसरी ओर, प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। ऐसे में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति को लेकर भी राजनीतिक बहस तेज हो गई है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उन्हें आगे बढ़ने से रोका गया, जबकि प्रशासन की कार्रवाई का उद्देश्य व्यवस्था बनाए रखना बताया जाता है।
INDIA bloc की एकजुटता दिखाने की कोशिश
इस आंदोलन के जरिए INDIA bloc के घटक दलों ने एकजुटता प्रदर्शित करने की कोशिश की है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ विपक्ष के अन्य नेताओं की भागीदारी ने प्रदर्शन को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना दिया है।
विपक्षी नेताओं का कहना है कि यह केवल किसी एक दल का आंदोलन नहीं है, बल्कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर व्यापक राजनीतिक चर्चा की आवश्यकता को सामने लाने वाला अभियान है। प्रदर्शन के दौरान अलग-अलग दलों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भी नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई।
आंदोलन के तीसरे दिन भी बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी से विपक्ष ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि वह अपने मुद्दे को लंबे समय तक उठाने के लिए तैयार है।
राहुल गांधी ने जारी रखने का दिया संदेश
राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान अपने रुख में बदलाव के संकेत नहीं दिए। वीडियो में उनके हवाले से बताया गया है कि विपक्ष अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर संघर्ष जारी रखेगा। उनका जोर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और प्रदर्शन से संबंधित FIR वापस लेने की मांग पर रहा।
विपक्ष का दावा है कि जब तक इन मांगों पर संतोषजनक कदम नहीं उठाए जाते, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। इससे आने वाले दिनों में भी राजधानी में राजनीतिक गतिविधियां तेज रहने की संभावना बनती है।
चुनाव आयोग पर विपक्ष के सवाल
INDIA bloc के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका और चुनाव आयोग से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं ने चुनावी व्यवस्था को लेकर उसकी चिंताओं को बढ़ाया है।
हालांकि, इन आरोपों और दावों पर संबंधित संस्थाओं तथा सत्तापक्ष का पक्ष भी राजनीतिक बहस का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे मामलों में अंतिम निष्कर्ष तथ्यों, आधिकारिक बयानों और संबंधित प्रक्रियाओं के आधार पर ही निकाला जा सकता है।
वर्तमान में विपक्ष का आंदोलन मुख्य रूप से अपनी मांगों को सार्वजनिक रूप से मजबूती से उठाने और सरकार तथा चुनाव आयोग पर राजनीतिक दबाव बनाने की रणनीति के रूप में सामने आया है।
आगे क्या होगा?
लगातार तीन दिनों से जारी प्रदर्शन के बाद अब सभी की नजरें विपक्ष के अगले कदम और प्रशासन की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। यदि विपक्ष अपनी मांगों पर कायम रहता है, तो आने वाले दिनों में और प्रदर्शन आयोजित किए जा सकते हैं।
राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने आंदोलन जारी रखने का संकेत देकर यह स्पष्ट किया है कि फिलहाल पीछे हटने की तैयारी नहीं है। वहीं, प्रशासन के सामने प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती बनी हुई है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे, FIR वापस लेने और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों को लेकर जारी यह राजनीतिक टकराव आने वाले दिनों में संसद और सार्वजनिक मंचों पर भी चर्चा का प्रमुख विषय बन सकता है।
फिलहाल राजधानी में विपक्षी दलों का आंदोलन जारी है और INDIA bloc अपनी मांगों को लेकर एकजुट दिखाई दे रहा है। तीसरे दिन के प्रदर्शन ने यह संकेत दिया है कि विपक्ष इस मुद्दे को जल्द समाप्त करने के बजाय इसे व्यापक राजनीतिक अभियान के रूप में आगे बढ़ाने की तैयारी में है।