स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के एसी फर्स्ट क्लास में शराब की बड़ी खेप बरामद, दो संदिग्ध गिरफ्तार

0

समस्तीपुर, 5 सितंबर 2026: बिहार में शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब की तस्करी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी क्रम में समस्तीपुर में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के एसी फर्स्ट क्लास कोच से शराब की बड़ी खेप बरामद करने का दावा किया है। ट्रेन जय

नगर की ओर जा रही थी। गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में महंगी और प्रीमियम ब्रांड की शराब यात्रियों के सामान से मिलने की बात सामने आई है। मामले में दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

Crime AI Generated syemboli photo

गुप्त सूचना पर RPF ने की कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, समस्तीपुर RPF को ट्रेन में शराब ले जाए जाने की सूचना मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा बल के जवानों ने ट्रेन के समस्तीपुर पहुंचने के बाद निर्धारित तरीके से जांच शुरू की। तलाशी के दौरान टीम ने स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के एसी फर्स्ट क्लास कोच को भी जांच के दायरे में लिया।

प्रीमियम श्रेणी के इस कोच में तलाशी के दौरान एक यात्री के सामान पर सुरक्षा कर्मियों को संदेह हुआ। इसके बाद सामान की जांच की गई। तलाशी आगे बढ़ने पर उसके भीतर शराब की कई बोतलें मिलने की बात सामने आई। बरामदगी के बाद मौके पर मौजूद अधिकारियों ने सामान को कब्जे में ले लिया।

महंगे ब्रांड की शराब मिलने से मचा हड़कंप

तलाशी में जिन शराब ब्रांडों के नाम सामने आए हैं, उनमें V80, 69, 100 Pipers, Teachers और Blenders Pride शामिल बताए जा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, बरामद शराब की मात्रा काफी अधिक थी और इसमें कई प्रीमियम श्रेणी के ब्रांड मौजूद थे।

शराब की खेप ट्रेन के सामान्य सामान की तरह ले जाने की कोशिश की जा रही थी। हालांकि, गुप्त सूचना के आधार पर की गई जांच के कारण कथित तौर पर यह प्रयास सफल नहीं हो सका। बरामद शराब को जब्त कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है।

दो लोगों के नाम सामने आए

मामले में 25 वर्षीय नेहा कुमारी और 31 वर्षीय ईशान कुमार की पहचान की गई है। दोनों से पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि शराब उन्हें कहां से मिली और इसे ट्रेन के जरिए कहां पहुंचाया जाना था।

अधिकारियों के लिए यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण है कि क्या दोनों कथित तौर पर अकेले इस गतिविधि में शामिल थे या उनके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था। पूछताछ के दौरान शराब की खरीद, परिवहन और संभावित प्राप्तकर्ता से संबंधित जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है।

स्रोत और मंजिल का पता लगाने में जुटी पुलिस

बरामदगी के बाद जांच का अगला महत्वपूर्ण चरण शराब की पूरी सप्लाई चेन का पता लगाना है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि शराब किस स्थान से लाई गई थी और जय नगर या किसी अन्य जगह पर इसे किसे सौंपा जाना था।

जांच में यह भी देखा जा सकता है कि आरोपियों ने यात्रा से पहले शराब को किस माध्यम से हासिल किया और उसे ट्रेन तक कैसे पहुंचाया। यदि जांच में किसी बड़े तस्करी नेटवर्क से संबंध सामने आता है, तो मामले का दायरा और बढ़ सकता है।

प्रीमियम कोच में तस्करी की कोशिश ने खड़े किए सवाल

इस घटना ने इसलिए भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया है क्योंकि कथित तौर पर शराब को एसी फर्स्ट क्लास में ले जाने की कोशिश की गई। आम तौर पर इस श्रेणी के कोच को अपेक्षाकृत सुरक्षित और कम भीड़ वाला माना जाता है। ऐसे में यात्रियों के बीच भी यह चर्चा होने लगी कि तस्करों ने प्रीमियम कोच को शराब ले जाने के लिए क्यों चुना।

घटना की जानकारी सामने आने के बाद यात्रियों और आम लोगों में भी हैरानी देखी गई। लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि अगर सुरक्षा बलों को गुप्त सूचना नहीं मिलती, तो क्या शराब की खेप अपने कथित गंतव्य तक पहुंच सकती थी।

बिहार में शराबबंदी के बीच चुनौती

बिहार में शराब की बिक्री और सेवन पर कानूनी प्रतिबंध है। इसके बावजूद अलग-अलग माध्यमों से अवैध शराब पहुंचाने की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। सड़क मार्ग के साथ-साथ ट्रेनों का इस्तेमाल भी कथित तौर पर तस्करी के लिए किए जाने की खबरें आती रही हैं।

रेल मार्ग से शराब की तस्करी सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक चुनौती है, क्योंकि लंबी दूरी की ट्रेनों में बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं और सामान की जांच हर यात्री की विस्तृत स्तर पर करना व्यावहारिक रूप से आसान नहीं होता। ऐसे में सूचना आधारित जांच और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

RPF की कार्रवाई से खुला मामला

स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस में हुई इस कार्रवाई से एक बार फिर यह सामने आया है कि रेलवे नेटवर्क के जरिए अवैध सामान की आवाजाही को रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हैं। गुप्त सूचना के आधार पर की गई तलाशी में कथित तौर पर शराब की बरामदगी और दो संदिग्धों की पहचान जांच की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

हालांकि, शराब की वास्तविक मात्रा, उसकी कीमत, खरीद का स्थान और कथित तस्करी के अंतिम गंतव्य से संबंधित पूरी जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल अधिकारियों का ध्यान पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियों को जोड़ने पर है।

आगे की जांच पर टिकी नजर

पूछताछ के दौरान आरोपियों से मिलने वाली जानकारी इस मामले में अहम साबित हो सकती है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि शराब कहां से आई, इसे किसके लिए ले जाया जा रहा था और क्या इससे जुड़े अन्य लोग भी मौजूद हैं।

यदि किसी संगठित नेटवर्क की जानकारी सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल बरामद शराब को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

नोट: इस रिपोर्ट में गिरफ्तारी/आरोप से संबंधित बातें उपलब्ध वीडियो रिपोर्ट के आधार पर प्रस्तुत की गई हैं। आरोपों की अंतिम पुष्टि संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के निष्कर्ष पर निर्भर करेगी।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

इन्हे भी देखें