ग्वालियर में डिलीवरी बॉय विवेक मीणा हत्याकांड के बाद पुलिस मुठभेड़, दो आरोपी गिरफ्तार

0

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में डिलीवरी बॉय विवेक मीणा की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मंगलवार तड़के शंकरपुर हाईवे के पास आरोपियों और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान एक आरोपी सौरव यादव के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। दूसरा आरोपी राहुल यादव भी पुलिस की गिरफ्त में आ गया, जबकि तीसरा आरोपी लाला अग्रवाल अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहा। पुलिस उसकी तलाश में अभियान चला रही है।

खाने के बिल को लेकर हुआ था विवाद

मामला 27 अगस्त का बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, विवेक मीणा एक डिलीवरी बॉय के रूप में काम करता था। स्थानीय स्तर पर खाने के बिल को लेकर हुए विवाद ने अचानक गंभीर रूप ले लिया। आरोप है कि विवाद के दौरान तीन युवकों ने विवेक पर गोली चला दी। गोली लगने से विवेक की मौत हो गई।

घटना के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया। मामले की गंभीरता इसलिए भी बढ़ गई क्योंकि विवेक को लेकर सामने आई जानकारी के अनुसार वह स्थानीय बजरंग दल नेता का भाई था। घटना से जुड़े CCTV फुटेज भी सामने आए, जिनमें वारदात से संबंधित गतिविधियां दिखाई देने की बात कही गई है।

CCTV फुटेज से जांच को मिली मदद

हत्या की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज तथा अन्य जांच के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान और उनके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाने का प्रयास किया।

पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ना थी। घटना के बाद पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर उनकी तलाश शुरू कर दी। इसी दौरान पुलिस को आरोपियों के बारे में महत्वपूर्ण सूचना मिलने की बात सामने आई।

तड़के शंकरपुर हाईवे के पास पहुंची पुलिस

पुलिस को सूचना मिली कि हत्या के मामले में संदिग्ध तीनों आरोपी शंकरपुर हाईवे के आसपास मौजूद हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने बताए गए क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई। मंगलवार तड़के करीब 3:15 बजे पुलिस ने संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों को रोकने के दौरान गोलीबारी शुरू हो गई। इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। अंधेरे और सुनसान इलाके में हुई इस मुठभेड़ के दौरान सौरव यादव के पैर में गोली लग गई।

गोली लगने के बाद पुलिस ने उसे मौके से हिरासत में लिया और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। पुलिस की निगरानी में उसका उपचार कराया जा रहा है। वहीं, दूसरे आरोपी राहुल यादव को भी पुलिस ने मौके से पकड़ लिया।

तीसरा आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार

मुठभेड़ के दौरान तीसरा आरोपी लाला अग्रवाल पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहा। बताया जा रहा है कि उसने अंधेरे का फायदा उठाया और मौके से फरार हो गया।

उसके फरार होने के बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान तेज कर दिया है। संभावित रास्तों पर निगरानी रखी जा रही है और आरोपी के भागने की दिशा का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

पुलिस ने इलाके में बैरिकेडिंग भी की है, ताकि फरार आरोपी दूसरे क्षेत्र में आसानी से न निकल सके। पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश देने में जुटी हैं।

हत्या के बाद बढ़ा था पुलिस पर दबाव

विवेक मीणा की हत्या के बाद मामले ने स्थानीय स्तर पर काफी ध्यान आकर्षित किया। CCTV फुटेज सामने आने और घटना की जानकारी सार्वजनिक होने के बाद आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग उठी। ऐसे में पुलिस ने जांच को तेज करते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की।

पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई को इसी जांच की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, पूरे मामले की परिस्थितियों और मुठभेड़ से जुड़े तथ्यों की विस्तृत जांच अभी जारी है।

पुलिस कर रही फरार आरोपी की तलाश

फिलहाल पुलिस का मुख्य ध्यान फरार आरोपी लाला अग्रवाल को पकड़ने पर है। इसके लिए संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है। आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई है।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि तीनों संदिग्ध घटना के बाद किन रास्तों से आगे बढ़े थे। CCTV कैमरों और स्थानीय स्तर पर मिली सूचनाओं को जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।

पुलिस गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों से पूछताछ कर हत्या से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटा सकती है। पूछताछ के आधार पर घटना में इस्तेमाल हथियार, वारदात की पूरी परिस्थितियों और आरोपियों की भूमिका को लेकर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

आगे की जांच से सामने आएगी पूरी तस्वीर

विवेक मीणा हत्याकांड में दो संदिग्धों की गिरफ्तारी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है, लेकिन तीसरे आरोपी के फरार होने के कारण कार्रवाई अभी पूरी नहीं हुई है। पुलिस की कोशिश है कि फरार आरोपी को भी जल्द गिरफ्तार किया जाए।

इस मामले में मुठभेड़ के दौरान हुई गोलीबारी और पुलिस कार्रवाई से जुड़े सभी तथ्यों की जांच भी महत्वपूर्ण होगी। वहीं, विवेक की हत्या के पीछे वास्तविक विवाद, आरोपियों की आपसी भूमिका और वारदात की पूरी वजह जांच आगे बढ़ने के साथ स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल ग्वालियर पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को कानून के दायरे में लाकर मामले की आगे की कार्रवाई की जाएगी।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

इन्हे भी देखें