अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम के निधन पर पूरे अमेरिका में शोक, राष्ट्रीय ध्वज आधा झुकाने की घोषणा

वॉशिंगटन डीसी, 13 जुलाई 2026। अमेरिका के वरिष्ठ रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम के निधन के बाद पूरे देश में शोक की लहर है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनके सम्मान में संघीय भवनों और सरकारी संस्थानों पर अमेरिकी राष्ट्रीय ध्वज को शनिवार शाम तक आधा झुकाए रखने का निर्देश दिया। यह निर्णय ग्राहम की सार्वजनिक सेवा और राष्ट्र के प्रति उनके लंबे योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से लिया गया है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर श्रद्धांजलि देते हुए लिंडसे ग्राहम को अपना करीबी मित्र, समर्पित जनप्रतिनिधि और सच्चा देशभक्त बताया। उन्होंने कहा कि ग्राहम ने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में दक्षिण कैरोलाइना और अमेरिका के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी तथा उनकी सेवाओं को लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
लिंडसे ग्राहम के कार्यालय की ओर से जारी बयान में बताया गया कि उनका निधन 11 जुलाई को अचानक आई स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के कारण हुआ। परिवार ने इस कठिन समय में गोपनीयता बनाए रखने की अपील करते हुए लोगों से प्रार्थनाओं और संवेदनाओं की अपेक्षा की है।
अमेरिकी सीनेट में वर्षों तक सक्रिय रहने वाले ग्राहम राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा नीति और विदेश मामलों के प्रमुख चेहरों में गिने जाते थे। वे अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के बीच मजबूत संबंधों के समर्थक रहे। विशेष रूप से यूक्रेन के समर्थन, ट्रांसअटलांटिक साझेदारी और अमेरिका-इज़राइल संबंधों को लेकर उनकी स्पष्ट और प्रभावशाली भूमिका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय रही।
उनके निधन की खबर सामने आने के बाद अमेरिकी राजनीति से जुड़े नेताओं, विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों तथा कई विदेशी नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया। अनेक नेताओं ने उन्हें सिद्धांतों पर अडिग रहने वाला, स्पष्ट विचारों वाला और सार्वजनिक जीवन के प्रति समर्पित राजनेता बताया।
राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा राष्ट्रीय ध्वज आधा झुकाने की घोषणा इस बात का प्रतीक मानी जा रही है कि अमेरिका ने एक ऐसे नेता को खो दिया है, जिसने लंबे समय तक राष्ट्रीय राजनीति और विदेश नीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी प्रभावशाली छाप छोड़ी। लिंडसे ग्राहम का निधन अमेरिकी राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के अंत के रूप में देखा जा रहा है और उनकी सार्वजनिक सेवा को लंबे समय तक याद किया जाएगा।