दिल्ली के सरिता विहार में भीषण डंपर हादसा, CCTV लगाने के दौरान चार लोगों की मौत, दो घायल

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नई दिल्ली, 21 सितंबर 2026। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के सरिता विहार इलाके में रविवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे ने चार परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। यातायात पुलिस के लिए CCTV कैमरे लगाने और उनकी जांच का काम कर रहे कर्मचारियों के पास खड़ी क्रेन और ऑटो-रिक्शा को एक डंपर ने टक्कर मार दी। हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल बताए गए हैं। पुलिस ने डंपर को कब्जे में लेकर चालक की तलाश शुरू कर दी है।

सुबह करीब 3:20 बजे हुआ हादसा

पुलिस के अनुसार दुर्घटना करीब सुबह 3:20 बजे रोड नंबर-13/सरिता विहार क्षेत्र में हुई। बताया गया कि नोएडा की दिशा से आ रहा डंपर अचानक वहां काम कर रहे कर्मचारियों की ओर बढ़ा और सड़क पर खड़ी क्रेन तथा ऑटो-रिक्शा से जा टकराया। टक्कर इतनी तेज थी कि मौके पर मौजूद कर्मचारियों को संभलने का पर्याप्त मौका नहीं मिला।

उस समय कर्मचारी यातायात पुलिस से जुड़े CCTV और ट्रैफिक उल्लंघन की निगरानी करने वाले कैमरों की स्थापना एवं जांच के काम में जुटे थे। कुछ कर्मचारी क्रेन पर मौजूद थे, जबकि अन्य लोग सड़क के नीचे काम की निगरानी कर रहे थे।

चार कर्मचारियों की गई जान

हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान उमेश कुमार, प्रवीण कुमार, सूरज नयाल और अनूप कुमार के रूप में की गई है। रिपोर्टों के अनुसार उमेश ऑटो चालक थे, जबकि बाकी मृतकों में कंपनी के तकनीकी और प्रबंधकीय कर्मचारी शामिल थे। प्रवीण और अनूप आपस में चचेरे भाई बताए गए हैं।

पुलिस और अस्पताल से जुड़ी जानकारी के अनुसार घायलों की पहचान आकाश और खेम सिंह के रूप में हुई है। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी बताया गया। हादसे के समय एक अन्य व्यक्ति भी मौके पर मौजूद था, लेकिन वह सुरक्षित बच गया।

CCTV लगाने वाली टीम रात में कर रही थी काम

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक हादसे के समय निजी कंपनी के कर्मचारी दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के लिए कैमरे लगाने और उनकी जांच का काम कर रहे थे। यह काम रात के समय किया जा रहा था, ताकि दिन के व्यस्त यातायात पर कम असर पड़े।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कर्मचारी सड़क के एक हिस्से में क्रेन और अन्य वाहनों के साथ काम कर रहे थे। घटनास्थल से कुछ दूरी पहले काम चलने का संकेत देने वाली सुरक्षा व्यवस्था भी मौजूद होने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसे के समय सभी निर्धारित सुरक्षा उपाय पर्याप्त रूप से लागू थे या नहीं।

डंपर की टक्कर से क्रेन और ऑटो क्षतिग्रस्त

प्रत्यक्ष परिस्थितियों के अनुसार डंपर पहले क्रेन से टकराया और इसके बाद ऑटो-रिक्शा भी उसकी चपेट में आ गया। टक्कर के प्रभाव से क्रेन को काफी नुकसान पहुंचा। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल वाहनों को कब्जे में ले लिया है और घटनास्थल से संबंधित साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है।

हादसे के बाद आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। दुर्घटना के कारण कुछ समय के लिए सड़क पर यातायात भी प्रभावित हुआ।

हादसे के बाद चालक फरार

पुलिस के मुताबिक दुर्घटना के बाद डंपर चालक मौके से फरार हो गया। वाहन पर हरियाणा का पंजीकरण नंबर होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने वाहन को जब्त कर चालक की पहचान और तलाश के लिए जांच शुरू कर दी है।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि दुर्घटना के समय डंपर की गति कितनी थी और चालक ने वाहन पर नियंत्रण क्यों खोया। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार के साथ चालक के ध्यान भटकने या नींद आने जैसी संभावनाओं की भी जांच किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, हादसे का अंतिम कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

लापरवाही के आरोपों की भी जांच

हादसे के बाद मृतकों के परिवारों की ओर से कार्यस्थल पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। परिजनों का कहना है कि रात में सड़क पर काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है और ऐसे स्थानों पर पर्याप्त चेतावनी, बैरिकेडिंग तथा यातायात नियंत्रण होना चाहिए।

दूसरी ओर, पुलिस की शुरुआती जांच में घटनास्थल के आसपास सुरक्षा संकेत और बैरिकेड से संबंधित जानकारी भी सामने आई है। इसलिए जांच एजेंसियां केवल डंपर चालक की भूमिका ही नहीं, बल्कि कार्यस्थल की सुरक्षा व्यवस्था और रात में सड़क पर काम करने की पूरी प्रक्रिया की भी जांच कर रही हैं।

चार परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

इस हादसे ने मृतकों के परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। रिपोर्टों के अनुसार मृतकों में कई ऐसे लोग थे जो अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां संभाल रहे थे। प्रवीण लंबे समय से कैमरा तकनीशियन के तौर पर काम कर रहे थे, जबकि सूरज कंपनी में HR से जुड़ी जिम्मेदारी निभाते थे। अनूप भी इसी काम से जुड़े थे। उमेश ऑटो चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे।

परिजनों के लिए यह हादसा केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि उनके परिवारों के भविष्य पर पड़ा बड़ा आघात है। अचानक हुई मौतों के बाद परिवारों के सामने भावनात्मक पीड़ा के साथ आर्थिक चुनौतियां भी खड़ी हो गई हैं।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

पुलिस ने घटना को लेकर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार चालक के खिलाफ तेज और लापरवाही से वाहन चलाने तथा लापरवाही के कारण मौत से संबंधित भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।

जांच में दुर्घटना स्थल की स्थिति, डंपर की दिशा, सड़क की व्यवस्था, CCTV फुटेज और मौके पर मौजूद लोगों के बयान जैसे पहलुओं को देखा जा रहा है। पुलिस फरार चालक तक पहुंचने के लिए वाहन से जुड़े विवरणों और अन्य उपलब्ध सुरागों की जांच कर रही है।

सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

सरिता विहार की यह घटना रात के समय सड़क पर होने वाले निर्माण, रखरखाव और तकनीकी कार्यों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण सवाल खड़े करती है। दिल्ली जैसे व्यस्त महानगर में कई सरकारी और निजी परियोजनाओं के लिए रात में सड़क पर काम किया जाता है। ऐसे में काम करने वाले कर्मचारियों के साथ-साथ गुजरने वाले वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी जरूरी है।

इस घटना ने यह सवाल भी सामने रखा है कि रात के समय सड़क पर काम कर रही टीमों के लिए चेतावनी संकेत, पर्याप्त रोशनी, बैरिकेडिंग और यातायात नियंत्रण की व्यवस्था कितनी प्रभावी है। हालांकि इस मामले में सुरक्षा इंतजामों की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

फिलहाल पुलिस का ध्यान फरार डंपर चालक को पकड़ने और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने पर है। चार लोगों की मौत और दो लोगों के घायल होने की इस घटना ने सरिता विहार समेत दिल्ली में सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ हादसे की परिस्थितियों और जिम्मेदारी से जुड़े और तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

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