ग्रेटर नोएडा में नारी सम्मान और युवा स्वाभिमान पर बोले योगी आदित्यनाथ, महिला सशक्तिकरण से आत्मनिर्भरता तक की योजनाओं पर जोर
ग्रेटर नोएडा, 21 सितंबर 2026। ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित ‘प्रेरणा विमर्श-2026’ के समापन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नारी सम्मान, युवा स्वाभिमान और प्रदेश के विकास में महिलाओं की भागीदारी पर अपने विचार रखे। दो दिवसीय कार्यक्रम 19 और 20 सितंबर को आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का प्रमुख विषय महिलाओं के सम्मान और युवाओं के आत्मविश्वास से जुड़ा रहा।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में महिला सशक्तिकरण को केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित विषय न मानते हुए इसे सामाजिक और आर्थिक बदलाव से जोड़कर देखने की बात कही। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को आवास, स्वच्छता, बैंकिंग और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं तक बेहतर पहुंच मिलती है, तो इसका असर पूरे परिवार और समाज की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है।
महिलाओं को सम्मान और अधिकार देने पर जोर
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए आवासीय सुविधाओं और संपत्ति में अधिकार की चर्चा की। उनके संबोधन का एक प्रमुख संदेश यह रहा कि महिला के नाम पर घर या संपत्ति का अधिकार उसके सामाजिक सम्मान और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करने वाला कदम हो सकता है।
केंद्र सरकार के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़ी संख्या में आवास महिलाओं के नाम पर भी स्वीकृत किए गए हैं। मार्च 2026 तक प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 2.99 करोड़ घर पूरे होने की जानकारी सरकार ने दी है। वहीं पीएमएवाई-शहरी 2.0 के तहत स्वीकृत आवासों में महिलाओं के नाम आवंटन पर भी विशेष जोर दिया गया है।
योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में महिलाओं की गरिमा को रोजमर्रा की सुविधाओं से जोड़ते हुए स्वच्छ ईंधन, शौचालय और घर जैसी आवश्यकताओं का उल्लेख किया। उनका तर्क रहा कि ऐसी सुविधाएं महिलाओं के जीवन में सुरक्षा, सुविधा और सम्मान से जुड़े बदलाव ला सकती हैं।
उज्ज्वला और शौचालय योजनाओं का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण परिवारों में पारंपरिक ईंधन की जगह एलपीजी के इस्तेमाल को बढ़ाने और घर-घर शौचालय उपलब्ध कराने से जुड़े प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने इन्हें महिलाओं के स्वास्थ्य, सुविधा और गरिमा से जोड़कर प्रस्तुत किया।
यहां उपलब्ध केंद्रीय सरकारी आंकड़ों के अनुसार 14 मई 2026 तक प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 10.55 करोड़ एलपीजी कनेक्शन जारी किए जा चुके थे। इसी तरह अगस्त 2026 तक स्वच्छ भारत मिशन के तहत 12.19 करोड़ से अधिक व्यक्तिगत घरेलू शौचालयों के निर्माण की जानकारी सरकारी तथ्यों में दी गई है।
इससे यह स्पष्ट होता है कि वीडियो में बताए गए स्वच्छ ईंधन और शौचालय से जुड़े व्यापक आंकड़े केंद्र की योजनाओं के राष्ट्रीय स्तर के आंकड़ों से संबंधित हैं। अलग-अलग समय और स्रोतों में संख्या बदल सकती है, इसलिए आंकड़ों के साथ उनकी तारीख और दायरा देखना महत्वपूर्ण है।
बलिनी मॉडल को बताया महिला आत्मनिर्भरता का उदाहरण
कार्यक्रम में बुंदेलखंड की बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी का उदाहरण भी चर्चा में आया। यह पहल विशेष रूप से महिला दुग्ध उत्पादकों को संगठित कर उन्हें बाजार, तकनीकी सहायता और नियमित भुगतान से जोड़ने के उद्देश्य से काम करती है।
बलिनी की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक कंपनी की स्थापना 2019 में झांसी में हुई थी और इसमें केवल महिला दुग्ध उत्पादकों को सदस्य बनाया गया। कंपनी ने बुंदेलखंड के सात जिलों में लगभग 63 हजार महिला दुग्ध उत्पादकों को जोड़ा है।
इस मॉडल की खासियत यह है कि दूध संग्रह और भुगतान की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जाता है। कंपनी के अनुसार दूध की मात्रा और गुणवत्ता का रिकॉर्ड डिजिटल माध्यम से तैयार किया जाता है तथा भुगतान सदस्य के बैंक खाते में भेजा जाता है। इससे ग्रामीण महिला उत्पादकों को अपने काम और आय से सीधे जुड़ने का अवसर मिलता है।
वीडियो में बलिनी समूह की शुरुआत कुछ महिलाओं से होने और बाद में हजारों महिलाओं के इससे जुड़ने का उल्लेख किया गया। इस उदाहरण को महिला आर्थिक आत्मनिर्भरता और ग्रामीण स्तर पर सामूहिक उद्यम के मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया।
गांवों में बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच
मुख्यमंत्री ने बीसी सखी व्यवस्था का भी उल्लेख किया। बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट सखियां ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं को लोगों के करीब पहुंचाने में भूमिका निभाती हैं। इस व्यवस्था के माध्यम से उन क्षेत्रों में भी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है जहां बैंक की शाखा तक पहुंच आसान नहीं होती।
ग्रामीण महिलाओं की बैंकिंग व्यवस्था में भागीदारी का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि सरकारी योजनाओं, स्वयं सहायता समूहों, छोटे कारोबार और प्रत्यक्ष बैंक हस्तांतरण जैसी व्यवस्थाओं के लिए औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जुड़ाव जरूरी है।
महिला सशक्तिकरण को आर्थिक भागीदारी से जोड़ने की कोशिश
योगी आदित्यनाथ के भाषण में महिला सशक्तिकरण के कई पहलुओं को एक साथ जोड़ने का प्रयास दिखाई दिया। आवास का अधिकार, स्वच्छ रसोई, शौचालय, बैंकिंग सुविधा और आजीविका—इन सभी को महिलाओं के सम्मान और आत्मनिर्भरता के व्यापक संदर्भ में रखा गया।
हालांकि किसी भी सरकारी योजना के प्रभाव का आकलन केवल लाभार्थियों की संख्या से नहीं किया जा सकता। वास्तविक प्रभाव समझने के लिए यह देखना भी जरूरी होता है कि लाभ किस स्तर तक पहुंचा, उसका उपयोग कितना नियमित है और उससे परिवारों की सामाजिक तथा आर्थिक स्थिति में कितना बदलाव आया।
युवाओं की भूमिका पर भी चर्चा
कार्यक्रम के नाम में ही ‘युवा स्वाभिमान’ को प्रमुख स्थान दिया गया था। मुख्यमंत्री ने युवाओं को प्रदेश की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उनके संबोधन में युवा पीढ़ी से कौशल, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।
उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में युवाओं की शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता और तकनीकी कौशल को लेकर नीतियां विकास की दिशा को प्रभावित करती हैं। ऐसे में महिला सशक्तिकरण के साथ युवा विकास को एक ही मंच पर रखना कार्यक्रम के व्यापक सामाजिक एजेंडे का हिस्सा रहा।
राजनीतिक प्रसंग ने भी खींचा ध्यान
कार्यक्रम के बाद वीडियो के एक हिस्से में बातचीत का विषय व्यक्तिगत राजनीतिक अनुभवों की ओर मुड़ता दिखाई देता है। इसमें राजनीतिक प्रस्तावों और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के साथ पुराने राजनीतिक संपर्कों से संबंधित प्रसंगों का उल्लेख किया गया।
ऐसे राजनीतिक संस्मरण किसी व्यक्ति के निजी अनुभव और उनके बताए घटनाक्रम पर आधारित होते हैं। इसलिए उनसे जुड़े दावों को संबंधित वक्ता के बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए, जब तक उनके समर्थन में स्वतंत्र दस्तावेज या अन्य विश्वसनीय स्रोत उपलब्ध न हों।
नारी सम्मान और विकास का व्यापक संदेश
ग्रेटर नोएडा के इस आयोजन में महिलाओं के सम्मान को सामाजिक गरिमा, बुनियादी सुविधाओं और आर्थिक अवसरों के साथ जोड़कर पेश किया गया। बलिनी जैसी महिला-नेतृत्व वाली ग्रामीण पहल का उदाहरण यह दिखाता है कि स्वयं सहायता समूह और उत्पादक संगठनों के माध्यम से महिलाएं कृषि एवं पशुपालन आधारित अर्थव्यवस्था में संगठित भूमिका निभा सकती हैं।
बलिनी की आधिकारिक जानकारी के अनुसार उसका उद्देश्य महिला दुग्ध उत्पादकों को बेहतर बाजार पहुंच, समय पर भुगतान, क्षमता निर्माण और पशुधन संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराना है।
कुल मिलाकर, प्रेरणा विमर्श-2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संबोधन महिला सम्मान, बुनियादी सुविधाओं, ग्रामीण आर्थिक भागीदारी और युवा शक्ति के इर्द-गिर्द केंद्रित रहा। कार्यक्रम में प्रस्तुत योजनाओं और उदाहरणों के माध्यम से यह संदेश सामने आया कि विकास की प्रक्रिया में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी को बढ़ाना नीति और सामाजिक विमर्श दोनों का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।