सरकारी राशन वितरण में अनियमितता के आरोप, 100 से अधिक परिवारों ने किया प्रदर्शन
बिछिया, बहराइच। कतर्नियाघाट वन क्षेत्र के आंबा गांव में सरकारी राशन वितरण को लेकर ग्रामीणों…
अमृत पाल बहराइच
रिपोर्टर हिट एंड हॉट न्यूज़

बिछिया, बहराइच। कतर्नियाघाट वन क्षेत्र के आंबा गांव में सरकारी राशन वितरण को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया है। राशन न मिलने से नाराज बिछिया और आसपास के गांवों की महिलाओं समेत बड़ी संख्या में कार्डधारकों ने राशन दुकान के बाहर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कोटेदार पर कई महीनों से वितरण व्यवस्था में गड़बड़ी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि राशन लेने के लिए पहुंचने पर ई-पॉस मशीन में उनका अंगूठा लगवाया जाता है और उसके बाद पर्ची भी दे दी जाती है। हालांकि, कथित तौर पर राशन मांगने पर दुकान संचालक स्टॉक खत्म होने का हवाला देकर उन्हें वापस भेज देता है। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने दावा किया कि उनके पास पूर्व के महीनों में मशीन से निकली पर्चियां भी हैं, लेकिन उन पर्चियों के बावजूद उन्हें पूरा राशन नहीं मिल सका।
बताया गया कि शुक्रवार को कई कार्डधारक राशन लेने के लिए दुकान पहुंचे थे। आरोप है कि उस दौरान कुछ लोगों के साथ विवाद की स्थिति बन गई और पुलिस को भी बुलाना पड़ा। कुछ कार्डधारकों को राशन उपलब्ध कराया गया, जबकि अन्य लोगों को अगले दिन आने के लिए कहा गया।
शनिवार को जब ग्रामीण दोबारा दुकान पर पहुंचे तो एक बार फिर अंगूठा लगवाकर पर्ची दिए जाने की बात सामने आई। राशन तत्काल नहीं मिलने पर लोगों का गुस्सा बढ़ गया। ग्रामीणों के विरोध के बीच दुकान संचालक के वहां से चले जाने की बात कही गई।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार बिछिया, आंबा, भवानीपुर, भरथापुर और तेलागौड़ी सहित कई क्षेत्रों के परिवार इस राशन दुकान पर निर्भर हैं। ग्रामीणों का दावा है कि हर महीने 100 से अधिक परिवारों को किसी न किसी वजह से सरकारी खाद्यान्न से वंचित रहना पड़ता है।
ग्रामीणों ने राशन लेने में आने वाली भौगोलिक परेशानी का भी मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि बिछिया क्षेत्र के लोगों को आंबा स्थित दुकान तक पहुंचने के लिए जंगल के दुर्गम रास्तों से लगभग 5 से 10 किलोमीटर तक की दूरी तय करनी पड़ती है। कई लोग पैदल, साइकिल या रिक्शे से राशन लेने जाते हैं।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि बिछिया ग्राम पंचायत के कार्डधारकों के लिए अलग सरकारी राशन दुकान अथवा अलग कोटेदार की व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों को दूर जंगल क्षेत्र में जाकर राशन लेने की परेशानी न हो।
ग्रामीणों ने कथित अनियमितताओं की जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई और लाइसेंस निलंबित करने की भी मांग उठाई है। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासनिक जांच और खाद्य विभाग की कार्रवाई पर है।