📰 ट्रंप के टैरिफ ऐलान से हिला वैश्विक बाजार: अमेरिकी और यूरोपीय शेयर सूचकांकों में जबरदस्त गिरावट

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📅 2 अगस्त 2025 | न्यूज़ डेस्क

नई दिल्ली: पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 70 देशों पर पारस्परिक आयात शुल्क (टैरिफ) लगाने की घोषणा के बाद शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जबरदस्त हलचल देखी गई। भारत भी उन देशों में शामिल है, जिन्हें इस टैरिफ नीति के तहत लाया गया है। ट्रंप के इस फैसले ने न केवल अमेरिकी अर्थव्यवस्था में महंगाई की आशंका बढ़ा दी है, बल्कि वैश्विक निवेशकों के बीच भी घबराहट फैला दी है।

📉 अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट का दौर

नए टैरिफ की घोषणा के बाद अमेरिका के प्रमुख स्टॉक इंडेक्सों में तीव्र गिरावट दर्ज की गई।

  • डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.2% की गिरावट के साथ 43,588.58 पर बंद हुआ।
  • S&P 500 में 1.6% की गिरावट देखी गई और यह 6,238 के स्तर पर बंद हुआ।
  • टेक्नोलॉजी-प्रधान नैस्डैक इंडेक्स में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जो 2.2% लुढ़ककर 20,650 पर बंद हुआ।

बड़ी अमेरिकी कंपनियों के शेयर भी इस गिरावट की चपेट में आ गए। अमेजन के शेयरों में 8.27% की भारी गिरावट आई, जबकि एप्पल के शेयर 2.5% गिरे, जिससे टेक सेक्टर पर दबाव और बढ़ गया।

💼 लेबर ब्यूरो प्रमुख को ट्रंप ने हटाया

इस आर्थिक उथल-पुथल के बीच एक और बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। ट्रंप ने श्रम सांख्यिकी ब्यूरो (BLS) की प्रमुख डॉ. एरिका मैकएंटरफर को अचानक पद से हटा दिया। उनका आरोप है कि डॉ. मैकएंटरफर ने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले “झूठे” जॉब डेटा जारी किए, जिससे डेमोक्रेट्स की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को लाभ हुआ।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया बयान में कहा,

“हमें अभी जानकारी मिली है कि जॉब्स से जुड़े आंकड़े एक बिडेन समर्थक द्वारा गलत तरीके से पेश किए गए थे। मार्च 2024 में 818,000 और फिर अगस्त-सितंबर में 112,000 की बढ़त दिखाई गई, जो सच्चाई से परे है। ऐसे ‘रिकॉर्ड्स’ की जांच जरूरी है।”

उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने इस पद के लिए एक “अधिक योग्य और ईमानदार” व्यक्ति की नियुक्ति का आदेश दिया है।

🌍 यूरोपीय बाजार भी नहीं बचे असर से

अमेरिकी बाजार की इस गिरावट का असर यूरोप पर भी पड़ा।

  • जर्मनी का DAX इंडेक्स 2.7% लुढ़का।
  • फ्रांस का CAC 40 लगभग 2.99% गिरा, जो निवेशकों की चिंता को साफ दर्शाता है।

ट्रंप की टैरिफ नीति से निवेशकों को यह आशंका है कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर असर पड़ेगा और वस्तुओं की लागत में वृद्धि होगी, जिससे महंगाई बढ़ेगी और उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ेगा।


📊 निष्कर्ष:
ट्रंप की नई टैरिफ नीति ने वैश्विक बाजारों में घबराहट की स्थिति पैदा कर दी है। इस नीति के चलते आने वाले समय में निवेश, महंगाई और व्यापार समीकरणों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। अमेरिका में आगामी राष्ट्रपति चुनाव की राजनीतिक सरगर्मी भी इन आर्थिक नीतियों से गहराई से जुड़ी हुई है।


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📰 ट्रंप के टैरिफ ऐलान से हिला वैश्विक बाजार: अमेरिकी और यूरोपीय शेयर सूचकांकों में जबरदस्त गिरावट

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:अगस्त 2, 2025

📅 2 अगस्त 2025 | न्यूज़ डेस्क

नई दिल्ली: पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 70 देशों पर पारस्परिक आयात शुल्क (टैरिफ) लगाने की घोषणा के बाद शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जबरदस्त हलचल देखी गई। भारत भी उन देशों में शामिल है, जिन्हें इस टैरिफ नीति के तहत लाया गया है। ट्रंप के इस फैसले ने न केवल अमेरिकी अर्थव्यवस्था में महंगाई की आशंका बढ़ा दी है, बल्कि वैश्विक निवेशकों के बीच भी घबराहट फैला दी है।

📉 अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट का दौर

नए टैरिफ की घोषणा के बाद अमेरिका के प्रमुख स्टॉक इंडेक्सों में तीव्र गिरावट दर्ज की गई।

बड़ी अमेरिकी कंपनियों के शेयर भी इस गिरावट की चपेट में आ गए। अमेजन के शेयरों में 8.27% की भारी गिरावट आई, जबकि एप्पल के शेयर 2.5% गिरे, जिससे टेक सेक्टर पर दबाव और बढ़ गया।

💼 लेबर ब्यूरो प्रमुख को ट्रंप ने हटाया

इस आर्थिक उथल-पुथल के बीच एक और बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। ट्रंप ने श्रम सांख्यिकी ब्यूरो (BLS) की प्रमुख डॉ. एरिका मैकएंटरफर को अचानक पद से हटा दिया। उनका आरोप है कि डॉ. मैकएंटरफर ने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले “झूठे” जॉब डेटा जारी किए, जिससे डेमोक्रेट्स की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को लाभ हुआ।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया बयान में कहा,

“हमें अभी जानकारी मिली है कि जॉब्स से जुड़े आंकड़े एक बिडेन समर्थक द्वारा गलत तरीके से पेश किए गए थे। मार्च 2024 में 818,000 और फिर अगस्त-सितंबर में 112,000 की बढ़त दिखाई गई, जो सच्चाई से परे है। ऐसे ‘रिकॉर्ड्स’ की जांच जरूरी है।”

उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने इस पद के लिए एक “अधिक योग्य और ईमानदार” व्यक्ति की नियुक्ति का आदेश दिया है।

🌍 यूरोपीय बाजार भी नहीं बचे असर से

अमेरिकी बाजार की इस गिरावट का असर यूरोप पर भी पड़ा।

ट्रंप की टैरिफ नीति से निवेशकों को यह आशंका है कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर असर पड़ेगा और वस्तुओं की लागत में वृद्धि होगी, जिससे महंगाई बढ़ेगी और उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ेगा।


📊 निष्कर्ष:
ट्रंप की नई टैरिफ नीति ने वैश्विक बाजारों में घबराहट की स्थिति पैदा कर दी है। इस नीति के चलते आने वाले समय में निवेश, महंगाई और व्यापार समीकरणों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। अमेरिका में आगामी राष्ट्रपति चुनाव की राजनीतिक सरगर्मी भी इन आर्थिक नीतियों से गहराई से जुड़ी हुई है।