काबुल के एबी गेट हमले की पांचवीं बरसी: 13 अमेरिकी सैनिकों को श्रद्धांजलि और न्याय की तलाश

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वॉशिंगटन/काबुल, 27 अगस्त 2026: अफगानिस्तान के काबुल स्थित एबी गेट पर 26 अगस्त 2021 को हुए आतंकवादी हमले की पांचवीं बरसी पर अमेरिका में उन 13 सैन्यकर्मियों को याद किया जा रहा है, जिन्होंने अफगानिस्तान से अमेरिकी नागरिकों और सहयोगियों को निकालने के अभियान के दौरान अपनी जान गंवाई थी। इस अवसर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए उनके परिवारों के प्रति सम्मान और संवेदना व्यक्त की।

एबी गेट हमला अफगानिस्तान से अमेरिकी सैन्य वापसी के सबसे दुखद अध्यायों में से एक माना जाता है। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, 26 अगस्त 2021 को काबुल के हामिद करजई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के एबी गेट के पास आईएसआईएस-खुरासान (ISIS-K) से जुड़े आत्मघाती हमलावर ने विस्फोट किया था। इस हमले में 13 अमेरिकी सैन्यकर्मियों की मौत हुई और बड़ी संख्या में अफगान नागरिक भी मारे गए। अमेरिकी सैन्य जांच में मृत अफगान नागरिकों की संख्या 160 से अधिक बताई गई थी।

13 अमेरिकी सैनिकों की शहादत को किया गया याद

पांच साल बाद भी एबी गेट हमले में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की स्मृति उनके परिवारों और देशवासियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ये सैनिक उस समय काबुल हवाई अड्डे पर चल रहे बड़े निकासी अभियान का हिस्सा थे। उनका उद्देश्य संकट की स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया में सहायता करना था।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड की तत्कालीन जांच के अनुसार, हमला एक विस्फोटक उपकरण से किया गया था। बाद की सैन्य जांच में यह निष्कर्ष निकला कि यह कोई संयुक्त गोलीबारी और विस्फोट वाला हमला नहीं था, बल्कि एक आत्मघाती हमलावर द्वारा किया गया विस्फोट था। जांचकर्ताओं ने बताया कि विस्फोट के कारण बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए।

इन 13 सैन्यकर्मियों की मौत ने अमेरिका में अफगानिस्तान से सैन्य वापसी को लेकर पहले से चल रही बहस को और तेज कर दिया। घटना के बाद अमेरिकी प्रशासन और सैन्य नेतृत्व की तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था तथा निकासी अभियान से जुड़े फैसलों पर व्यापक राजनीतिक चर्चा हुई।

ट्रंप ने बाइडन प्रशासन की नीतियों पर उठाए सवाल

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एबी गेट की बरसी पर अपने संदेश में पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के नेतृत्व में हुई अफगानिस्तान से अमेरिकी वापसी को लेकर तीखी आलोचना की। ट्रंप ने इसे गंभीर प्रशासनिक विफलता बताया और कहा कि इस घटना की जिम्मेदारी तय करना तथा पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाना जरूरी है।

हालांकि, अफगानिस्तान से अमेरिकी वापसी और एबी गेट हमले की परिस्थितियों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच लंबे समय से मतभेद रहे हैं। इसलिए इस घटना की चर्चा करते समय राजनीतिक आरोपों और आधिकारिक जांच के निष्कर्षों के बीच अंतर समझना महत्वपूर्ण है।

अमेरिकी सैन्य जांच में यह भी कहा गया था कि एबी गेट पर तैनात अधिकारियों ने उपलब्ध परिस्थितियों और खतरे की जानकारी के आधार पर सुरक्षा संबंधी फैसले किए थे। 2024 में किए गए एक अतिरिक्त समीक्षा प्रयास में कहा गया कि सामरिक स्तर पर निकासी अभियान को नुकसान पहुंचाए बिना हमले को रोकना संभव नहीं माना गया।

हमले से जुड़े आरोपी की गिरफ्तारी

एबी गेट हमले के बाद अमेरिकी एजेंसियां लंबे समय तक इस मामले से जुड़े लोगों की तलाश करती रहीं। मार्च 2025 में अमेरिकी अधिकारियों ने अफगान नागरिक मोहम्मद शरीफुल्लाह को गिरफ्तार कर अमेरिका लाया। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, शरीफुल्लाह ISIS-K से जुड़ा था और उसने हमले से पहले हवाई अड्डे के आसपास के रास्ते की निगरानी करने तथा हमलावर के लिए मार्ग साफ होने की जानकारी देने में भूमिका निभाई थी।

यहां एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि अमेरिकी न्याय विभाग ने शरीफुल्लाह को हमले का मुख्य आत्मघाती हमलावर नहीं बताया। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, वास्तविक विस्फोट करने वाला व्यक्ति अब्दुल रहमान अल-लोगारी था। शरीफुल्लाह पर हमले की तैयारी में सहायता करने और ISIS-K की गतिविधियों में शामिल होने का आरोप था।

अप्रैल 2026 में अमेरिकी संघीय जूरी ने शरीफुल्लाह को ISIS-K के लिए सामग्री और संसाधन उपलब्ध कराने की नौ वर्ष लंबी साजिश में दोषी ठहराया। न्याय विभाग के मुताबिक, उसके खिलाफ पेश किए गए सबूतों में एबी गेट हमले से पहले की निगरानी गतिविधियां भी शामिल थीं।

गोल्ड स्टार परिवारों के साथ मुलाकात

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने संदेश में एबी गेट में मारे गए सैनिकों के परिवारों, जिन्हें अमेरिका में गोल्ड स्टार परिवार कहा जाता है, के साथ अपनी मुलाकातों का भी उल्लेख किया। इन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोने के बाद वर्षों तक घटना की पूरी सच्चाई और जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग की है।

2025 में एबी गेट हमले की चौथी बरसी पर ट्रंप ने गोल्ड स्टार परिवारों के साथ व्हाइट हाउस में मुलाकात की थी। उस समय उन्होंने हमले से जुड़े आरोपी की गिरफ्तारी को अमेरिकी प्रशासन की कार्रवाई का महत्वपूर्ण परिणाम बताया था।

परिवारों के लिए न्याय का अर्थ केवल किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं है। उनके लिए यह जानना भी महत्वपूर्ण है कि उस दिन क्या हुआ, सुरक्षा व्यवस्था में क्या कमियां थीं और भविष्य में ऐसी त्रासदी को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए।

पांच साल बाद भी जारी है समीक्षा

एबी गेट हमले की पांचवीं बरसी पर अमेरिकी रक्षा विभाग की ओर से यह भी बताया गया कि अफगानिस्तान से वापसी और हमले की परिस्थितियों की विशेष समीक्षा जारी है। 26 अगस्त 2026 को जारी अमेरिकी रक्षा विभाग की जानकारी के अनुसार, समीक्षा पैनल को कुछ ऐसे वर्गीकृत दस्तावेज मिले हैं, जो पहले उपलब्ध नहीं थे। अधिकारियों ने कहा है कि इन दस्तावेजों की जांच की जा रही है और पैनल जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने के बजाय उपलब्ध सबूतों के आधार पर आगे बढ़ना चाहता है।

इस घटनाक्रम से संकेत मिलता है कि पांच साल बीत जाने के बाद भी एबी गेट त्रासदी से जुड़े कई सवाल अमेरिकी प्रशासन और सैन्य संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण बने हुए हैं।

इतिहास में दर्ज रहेगा एबी गेट हमला

एबी गेट हमला अफगानिस्तान में अमेरिकी सैन्य अभियान के अंतिम दिनों की सबसे दुखद घटनाओं में से एक बन चुका है। 20 वर्षों से चले आ रहे अमेरिकी युद्ध और उसके बाद की निकासी प्रक्रिया के बीच यह हमला उस कठिन परिस्थिति की याद दिलाता है जिसमें हजारों लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया जा रहा था।

13 अमेरिकी सैनिकों की स्मृति आज भी उनके परिवारों, साथियों और देशवासियों के बीच जीवित है। पांचवीं बरसी पर उन्हें याद करना केवल अतीत को दोहराना नहीं है, बल्कि भविष्य के लिए सबक लेने का अवसर भी है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने संदेश में इन सैनिकों को अमेरिकी नायकों के रूप में सम्मानित किया और गोल्ड स्टार परिवारों के प्रति समर्थन व्यक्त किया। दूसरी ओर, आधिकारिक जांच और न्यायिक कार्रवाई यह दिखाती है कि एबी गेट हमले के पीछे मौजूद नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों की भूमिका को समझने तथा जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया कई वर्षों तक जारी रही है।

आज, पांच साल बाद, एबी गेट के 13 अमेरिकी सैन्यकर्मियों की याद अमेरिका के लिए बलिदान, कर्तव्य और जिम्मेदारी का प्रतीक बनी हुई है। उनके परिवारों के लिए यह दिन गहरे दुख के साथ-साथ अपने प्रियजनों के सम्मान का दिन भी है। अमेरिका में इस अवसर पर यही संदेश दोहराया जा रहा है कि इन सैनिकों की सेवा और बलिदान को भुलाया नहीं जाना चाहिए और अफगानिस्तान से जुड़ी उस त्रासदी से मिले सबकों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाया जाना चाहिए।

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