कार्पेथियन एट देशों के युवाओं से मिले जेलेंस्की, यूक्रेन के भविष्य और युवाओं की वापसी पर जोर
इवानो-फ्रैंकिव्स्क | 20 सितंबर 2026
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कार्पेथियन क्षेत्र के देशों के युवा प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात कर क्षेत्रीय सहयोग, युवाओं की भूमिका, यूक्रेन के पुनर्निर्माण और विदेशों से युवाओं की संभावित वापसी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब यूक्रेन कार्पेथियन क्षेत्र के देशों के बीच सहयोग के लिए नए कार्पेथियन एट यानी C8 प्रारूप को आगे बढ़ा रहा है।
जेलेंस्की के अनुसार, कार्पेथियन पहल का उद्देश्य केवल वर्तमान चुनौतियों से निपटना नहीं है, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए क्षेत्र के विकास और सहयोग की नींव तैयार करना भी है। इसी कारण इस प्रक्रिया में युवाओं को केंद्रीय भूमिका देने की आवश्यकता पर उन्होंने जोर दिया। उनके मुताबिक, किसी भी क्षेत्र का दीर्घकालिक विकास उसकी युवा पीढ़ी की भागीदारी और अवसरों से जुड़ा होता है।

C8 पहल में युवाओं को प्राथमिकता
कार्पेथियन एट पहल यूक्रेन और उसके पड़ोसी देशों के बीच क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई नई व्यवस्था है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस प्रारूप में यूक्रेन के साथ पोलैंड, स्लोवाकिया, हंगरी, रोमानिया, चेकिया, ऑस्ट्रिया और सर्बिया को शामिल किया गया है। यूक्रेन में इस पहल का पहला शिखर सम्मेलन इवानो-फ्रैंकिव्स्क क्षेत्र में आयोजित किया गया।
जेलेंस्की ने युवाओं के साथ बातचीत के दौरान कहा कि C8 से जुड़े एकीकरण और विकास कार्यक्रमों को तैयार करते समय यूक्रेन की युवा पीढ़ी के भविष्य को ध्यान में रखा जाना चाहिए। इसका अर्थ केवल शिक्षा और रोजगार के अवसर पैदा करना नहीं है, बल्कि युवाओं को अपने देश और व्यापक यूरोपीय क्षेत्र के विकास में सक्रिय रूप से भाग लेने का अवसर देना भी है।
युवा प्रतिनिधियों के साथ बातचीत इस दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है कि क्षेत्रीय सहयोग को केवल सरकारी स्तर तक सीमित रखने के बजाय समाज की युवा पीढ़ी को भी उसमें शामिल किया जाए।
यूक्रेन और कार्पेथियन देशों के संबंधों पर चर्चा
बैठक में यूक्रेन और कार्पेथियन मैक्रो-रीजन के देशों के बीच संबंधों पर भी चर्चा हुई। जेलेंस्की ने क्षेत्रीय एकता को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि साझा हितों और सहयोग के आधार पर देशों के बीच संबंधों को और मजबूत किया जा सकता है।
C8 शिखर सम्मेलन के आधिकारिक एजेंडे में सुरक्षा, ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, सीमा-पार आर्थिक सहयोग और समुदायों के समर्थन जैसे विषय प्रमुख रहे हैं। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने इससे पहले कहा था कि नया प्रारूप इन क्षेत्रों में पहले से मौजूद सहयोग को एक अधिक समन्वित व्यवस्था में आगे ले जाने का प्रयास है।
इस पहल को कार्पेथियन क्षेत्र के देशों के बीच संपर्क बढ़ाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। व्यापार, परिवहन और ऊर्जा के क्षेत्र में बेहतर संपर्क का उद्देश्य क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं और समुदायों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है।
विदेशों से यूक्रेन लौटने का सवाल
युवा बैठक में विदेशों में रह रहे यूक्रेनी नागरिकों की वापसी का मुद्दा भी सामने आया। युद्ध और उससे जुड़े सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों के कारण बड़ी संख्या में यूक्रेनियन विदेशों में रह रहे हैं। ऐसे में देश के भविष्य के पुनर्निर्माण में युवाओं की भूमिका एक महत्वपूर्ण विषय बन गई है।
जेलेंस्की ने विदेशों से लोगों के वापस लौटने के लिए परिस्थितियों को बेहतर बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनके अनुसार, यदि युवाओं को यूक्रेन में रहने और अपना भविष्य बनाने के लिए पर्याप्त अवसर मिलते हैं, तो वे देश के पुनर्निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
यह विषय केवल जनसंख्या से संबंधित नहीं है। युवाओं की वापसी का संबंध श्रम बाजार, शिक्षा, उद्यमिता, तकनीकी क्षेत्र, स्थानीय समुदायों और देश की आर्थिक क्षमता से भी जुड़ा हुआ है।
आवास योजनाओं पर विशेष जोर
बैठक में आवास सहायता कार्यक्रम भी चर्चा का एक महत्वपूर्ण विषय रहे। जेलेंस्की ने यूक्रेन की सरकार से अपेक्षा जताई कि वह नागरिकों को उन सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराए, जिनके माध्यम से अनुकूल शर्तों पर घर खरीदने या आवास प्राप्त करने में सहायता मिल सकती है।
आवास का मुद्दा विदेशों से लौटने वाले परिवारों और देश में अपना भविष्य बनाने वाले युवाओं दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति के पास रोजगार के साथ स्थायी आवास का विकल्प हो, तो उसके लिए देश में वापस लौटने या वहीं रहने का निर्णय अपेक्षाकृत अधिक व्यावहारिक हो सकता है।
राष्ट्रपति की टिप्पणी से यह संकेत मिलता है कि सरकार की आवास योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाना भी नीति के प्रभावी क्रियान्वयन का हिस्सा माना जा रहा है।
पुनर्निर्माण में युवाओं की भूमिका
यूक्रेन के सामने युद्ध के बाद पुनर्निर्माण की बड़ी चुनौती है। बुनियादी ढांचे, आवास, उद्योग, परिवहन और स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं के पुनर्गठन के साथ-साथ मानव संसाधन की आवश्यकता भी महत्वपूर्ण रहेगी।
जेलेंस्की ने युवाओं को इस प्रक्रिया का प्रमुख हिस्सा बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उनका कहना है कि यूक्रेन को ऐसे वातावरण की जरूरत है जिसमें देश के युवा यहां रहकर काम कर सकें और दूसरे देशों के लोग भी पुनर्निर्माण तथा नए आर्थिक अवसरों में योगदान देने के लिए यूक्रेन आ सकें।
इस दृष्टिकोण में रोजगार और आवास के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग की भी भूमिका है। C8 जैसे क्षेत्रीय प्रारूप के माध्यम से निवेश, व्यापार, शिक्षा, तकनीक और विभिन्न विकास परियोजनाओं में सहयोग बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
क्षेत्रीय सहयोग का आर्थिक पक्ष
C8 पहल का एक महत्वपूर्ण पहलू आर्थिक सहयोग भी है। यूक्रेन की सरकार के अनुसार, इस प्रारूप में आठ देशों से जुड़े लगभग 100 कारोबारी प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए गए हैं, जिनका कुल अनुमानित मूल्य लगभग 40 अरब यूरो बताया गया है। यूक्रेनी प्रधानमंत्री ने C8 को पूरे कार्पेथियन क्षेत्र के विकास के लिए स्थायी सहयोग प्रारूप बनाने की इच्छा व्यक्त की है।
इससे स्पष्ट होता है कि पहल का दायरा केवल राजनीतिक संवाद तक सीमित नहीं है। निवेश, ऊर्जा, परिवहन, व्यापार और क्षेत्रीय विकास से जुड़े प्रोजेक्ट भी इसका हिस्सा हैं।
ऊर्जा और सीमा-पार संपर्क
C8 सम्मेलन में ऊर्जा सहयोग को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया। क्षेत्रीय स्तर पर ऊर्जा सुरक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, सम्मेलन से जुड़े समझौतों का एक बड़ा हिस्सा नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित था।
इसी तरह सीमा-पार परिवहन और लॉजिस्टिक्स को भी प्राथमिकता दी जा रही है। यूक्रेन के लिए युद्ध के दौरान वैकल्पिक व्यापार और परिवहन मार्गों का महत्व बढ़ा है। पड़ोसी देशों के साथ बेहतर संपर्क आर्थिक गतिविधियों को बनाए रखने और भविष्य के पुनर्निर्माण में मददगार हो सकता है।
युवाओं के लिए संदेश
जेलेंस्की की युवा प्रतिनिधियों के साथ बैठक का व्यापक संदेश यह रहा कि क्षेत्रीय सहयोग का वास्तविक लाभ तभी टिकाऊ हो सकता है जब आने वाली पीढ़ी उसमें शामिल हो। युवाओं को शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता, आवास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के अवसर उपलब्ध कराना इस दृष्टिकोण का हिस्सा है।
C8 पहल अभी अपने शुरुआती चरण में है, इसलिए इसके दीर्घकालिक परिणाम आने वाले वर्षों में सामने आएंगे। हालांकि, इसकी वर्तमान दिशा में सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के साथ सामाजिक विकास और युवाओं की भागीदारी को भी स्थान दिया जा रहा है।
निष्कर्ष
कार्पेथियन एट देशों के युवा प्रतिनिधियों के साथ जेलेंस्की की बातचीत ने यूक्रेन के भविष्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रश्नों को सामने रखा है। क्षेत्रीय एकता, युवाओं की भागीदारी, विदेशों से वापसी, आवास सहायता और पुनर्निर्माण जैसे मुद्दे अब C8 सहयोग के व्यापक एजेंडे से जुड़े दिखाई दे रहे हैं।
यूक्रेन के लिए चुनौती यह होगी कि क्षेत्रीय सहयोग और सरकारी योजनाओं को ऐसे ठोस अवसरों में बदला जाए जिनसे युवाओं को देश में शिक्षा, रोजगार, आवास और उद्यमिता के रास्ते मिल सकें। वहीं C8 के सदस्य देशों के लिए भी यह पहल आर्थिक और सामाजिक सहयोग को बढ़ाने का एक नया मंच प्रदान करती है।
इस संदर्भ में युवाओं को केवल भविष्य के लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि वर्तमान विकास प्रक्रिया के सक्रिय भागीदार के रूप में शामिल करना इस पहल की प्रमुख विशेषताओं में से एक बन सकता है।