पाकिस्तान के कोहाट में पुलिस परिसर पर बड़ा आतंकी हमला, करीब 20 घंटे चला सुरक्षा अभियान
कोहाट, पाकिस्तान | 20 सितंबर 2026
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट में स्थित पुराने पुलिस लाइंस परिसर पर 18 सितंबर को हुए एक बड़े आतंकी हमले ने सुरक्षा व्यवस्था को गंभीर चुनौती दी। शुक्रवार की नमाज के दौरान पुलिस परिसर के भीतर स्थित मस्जिद के पास विस्फोट के बाद सशस्त्र हमलावरों ने परिसर में प्रवेश किया। इसके बाद सुरक्षा बलों और हमलावरों के बीच लंबे समय तक अभियान चला, जो लगभग 20 घंटे तक जारी रहा। शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 21 बताई गई थी, जबकि बाद की रिपोर्टों में यह आंकड़ा बढ़कर कम से कम 31 पहुंच गया।

पुलिस परिसर को बनाया गया निशाना
कोहाट का पुराना पुलिस लाइंस परिसर सामान्य पुलिस केंद्र से अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां जिला स्तर के पुलिस मुख्यालय के साथ काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट यानी CTD, स्पेशल ब्रांच और अन्य पुलिस इकाइयों के कार्यालय भी मौजूद हैं। ऐसे परिसर को निशाना बनाया जाना क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
रिपोर्टों के अनुसार, हमला उस समय हुआ जब परिसर की मस्जिद में शुक्रवार की नमाज के लिए पुलिसकर्मी, उनके परिवार और अन्य लोग मौजूद थे। विस्फोट के बाद परिसर के भीतर अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। इसके बाद हमलावरों और सुरक्षा बलों के बीच गोलीबारी शुरू हुई और पुलिस परिसर का एक हिस्सा लंबे समय तक सुरक्षा अभियान का केंद्र बना रहा।
मृतकों की संख्या को लेकर बदला आंकड़ा
हमले के तुरंत बाद अधिकारियों की ओर से जारी शुरुआती जानकारी में कम से कम 21 लोगों के मारे जाने की बात सामने आई थी। इनमें बड़ी संख्या पुलिस अधिकारियों की थी। बाद में परिसर की तलाशी और घायलों की स्थिति स्पष्ट होने के साथ मृतकों का आंकड़ा बढ़ता गया। 19 सितंबर को AFP ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के हवाले से कम से कम 31 लोगों की मौत की जानकारी दी, जिनमें 16 पुलिसकर्मी शामिल थे। सौ से अधिक लोग घायल बताए गए।
मृतकों की संख्या में बदलाव इस बात को भी दर्शाता है कि घटना के बाद राहत एवं बचाव कार्य और परिसर की तलाशी कितनी चुनौतीपूर्ण रही। कई घायल लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में उपचार के लिए ले जाया गया, जबकि कुछ की हालत गंभीर बताई गई।
करीब 20 घंटे तक चला अभियान
विस्फोट और शुरुआती हमले के बाद कुछ हमलावर पुलिस परिसर के भीतर अलग-अलग हिस्सों में छिप गए। इसके बाद पुलिस, विशेष बलों और सुरक्षा एजेंसियों ने परिसर को सुरक्षित करने के लिए अभियान शुरू किया। रिपोर्टों के अनुसार यह अभियान करीब 20 घंटे तक चला।
सुरक्षा बलों ने धीरे-धीरे परिसर के विभिन्न हिस्सों को खाली कराया। अभियान के दौरान क्षतिग्रस्त इमारतों और मलबे की भी तलाशी ली गई। शनिवार को अधिकारियों ने अभियान पूरा होने की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार इस कार्रवाई में आठ हमलावर मारे गए।
इस अभियान की लंबी अवधि का एक कारण यह भी था कि हमले के बाद परिसर का एक हिस्सा असुरक्षित स्थिति में था और वहां हमलावरों की मौजूदगी की सूचना थी। सुरक्षा बलों को पहले इलाके को नियंत्रित करना पड़ा और उसके बाद तलाशी अभियान आगे बढ़ाया गया।
हमले की जिम्मेदारी को लेकर अलग-अलग दावे
हमले के बाद इसकी जिम्मेदारी को लेकर अलग-अलग सूचनाएं सामने आईं। कुछ रिपोर्टों में स्थानीय उग्रवादी संगठन इत्तेहाद-उल-मुजाहिदीन पाकिस्तान की ओर से जिम्मेदारी लेने का दावा बताया गया है। वहीं शुरुआती चरण में अन्य रिपोर्टों में किसी संगठन की स्पष्ट पुष्टि नहीं होने की बात कही गई थी। इसलिए जिम्मेदारी से संबंधित दावों को आधिकारिक जांच के संदर्भ में देखना जरूरी है।
क्षेत्र में सक्रिय आतंकवादी संगठनों और उनके नेटवर्क को लेकर पाकिस्तान के अधिकारियों की ओर से पहले भी चिंता जताई जाती रही है। हालांकि किसी हमले के लिए जिम्मेदारी तय करने के लिए स्वतंत्र जांच और आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण होती है।
खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा चुनौती
खैबर पख्तूनख्वा लंबे समय से पाकिस्तान के उन क्षेत्रों में शामिल रहा है जहां आतंकवाद और उग्रवादी हिंसा की चुनौती बनी हुई है। अफगानिस्तान की सीमा से निकटता, दुर्गम इलाकों और सक्रिय आतंकी नेटवर्क के कारण यहां सुरक्षा एजेंसियों पर लगातार दबाव रहता है।
कोहाट में हुआ हमला इस व्यापक सुरक्षा चुनौती का एक नया उदाहरण माना जा सकता है। खास तौर पर पुलिस और आतंकवाद-रोधी इकाइयों से जुड़े परिसर पर हमला यह दिखाता है कि सुरक्षा प्रतिष्ठानों को भी लगातार जोखिम का सामना करना पड़ रहा है।
पाकिस्तान सरकार की प्रतिक्रिया
हमले के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने घटना पर दुख व्यक्त किया और घायलों के लिए बेहतर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया। सरकार की ओर से आतंकवादी हिंसा के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई।
पाकिस्तानी अधिकारियों ने आतंकवादी गतिविधियों के लिए अफगानिस्तान में मौजूद कथित ठिकानों को लेकर भी आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर, अफगान पक्ष ने हमले की निंदा की है। ऐसे आरोपों और जवाबी दावों की स्वतंत्र पुष्टि अलग-अलग स्तर पर आवश्यक है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
कोहाट हमले ने पुलिस परिसरों की सुरक्षा, संवेदनशील सरकारी प्रतिष्ठानों की निगरानी और आतंकवाद-रोधी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर चर्चा को फिर तेज कर दिया है। पुलिस मुख्यालय जैसे स्थानों में बड़ी संख्या में अधिकारी और उनके परिवार मौजूद रहते हैं। ऐसे में किसी हमले का प्रभाव केवल सुरक्षा बलों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आम परिवार भी इसकी चपेट में आ सकते हैं।
घटना के बाद परिसर में सुरक्षा बढ़ाई गई और क्षतिग्रस्त हिस्सों की जांच की गई। अधिकारियों के सामने अब न केवल हमले की पूरी परिस्थितियों को समझने की चुनौती है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने का सवाल भी है।
जांच और आगे की चुनौती
कोहाट घटना में मृतकों और घायलों की अंतिम संख्या की पुष्टि, हमलावरों की पहचान, उनके नेटवर्क तथा हमले की पूरी योजना की जांच आने वाले समय में महत्वपूर्ण होगी। शुरुआती घंटों में सामने आए आंकड़ों में बदलाव को देखते हुए आधिकारिक जांच के निष्कर्षों को विशेष महत्व मिलेगा।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी इलाकों में सुरक्षा संबंधी चिंताएं बनी हुई हैं। कोहाट पुलिस परिसर पर हुआ हमला केवल एक स्थानीय घटना नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र में जारी आतंकवादी हिंसा, सुरक्षा संस्थानों की कमजोरियों और नागरिकों तथा सुरक्षा कर्मियों की सुरक्षा से जुड़े व्यापक प्रश्नों को सामने लाता है।
निष्कर्ष: कोहाट में 18 सितंबर को हुआ हमला एक गंभीर सुरक्षा घटना के रूप में सामने आया है। शुरुआती 21 मौतों की सूचना बाद में बढ़कर कम से कम 31 तक पहुंची और सौ से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई। करीब 20 घंटे चले अभियान के बाद पुलिस ने परिसर को सुरक्षित करने और आठ हमलावरों के मारे जाने की जानकारी दी। घटना की पूरी तस्वीर और जिम्मेदारी से जुड़े तथ्य आधिकारिक जांच के आगे बढ़ने के साथ और स्पष्ट हो सकते हैं।
*नोट: यह लेख उपलब्ध 19–20 सितंबर 2026 की रिपोर्टों के आधार पर स्वतंत्र शब्दों में तैयार किया गया है।*