यूक्रेन वायुसेना दिवस: राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने सैनिकों का बढ़ाया हौसला, कहा – “हमने रूस को अपने आसमान पर कब्जा नहीं करने दिया”

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कीव | विशेष रिपोर्ट रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को कई वर्ष बीत…

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रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को कई वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन संघर्ष अभी भी थमा नहीं है। इस युद्ध में जहां जमीन पर लगातार लड़ाई जारी है, वहीं आसमान में भी दोनों देशों के बीच तकनीकी और सैन्य क्षमता की कड़ी परीक्षा हो रही है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने वायुसेना दिवस के अवसर पर देश की वायुसेना और वायु रक्षा प्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि यूक्रेन ने अपने आसमान को रूस के कब्जे में जाने से बचाकर इतिहास रच दिया है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के सैनिक सीमित संसाधनों के बावजूद जिस साहस और दक्षता के साथ देश की रक्षा कर रहे हैं, वह पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा है।

युद्ध में वायुसेना की बढ़ती भूमिका

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा कि आज यूक्रेन की वायुसेना केवल सेना की एक शाखा नहीं रह गई है, बल्कि वह पूरे राष्ट्रीय रक्षा तंत्र की सबसे महत्वपूर्ण ताकतों में से एक बन चुकी है। उन्होंने कहा कि युद्ध की दिशा तय करने में वायुसेना की भूमिका लगातार बढ़ी है।

राष्ट्रपति के अनुसार, जब रूस ने पूर्ण पैमाने पर हमला शुरू किया था, तब उसकी रणनीति यूक्रेन की वायुसेना को शुरुआती चरण में ही पूरी तरह नष्ट करने की थी। लेकिन यूक्रेनी सैनिकों ने इस योजना को विफल कर दिया।

उन्होंने कहा कि यूक्रेन ने न केवल अपनी वायुसेना को बचाए रखा बल्कि समय के साथ उसे और अधिक मजबूत बनाया। इसका परिणाम यह है कि अब रूसी लड़ाकू विमानों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है और कई मौकों पर रूस अपने विमान खो चुका है।

“यूक्रेन ने अपना आसमान नहीं छोड़ा”

ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक यह है कि देश ने रूस के सामने अपने हवाई क्षेत्र को नहीं छोड़ा।

उन्होंने कहा कि यदि युद्ध की शुरुआत में यूक्रेन की वायुसेना पूरी तरह नष्ट हो जाती, तो रूस को जमीन पर भी तेजी से बढ़त मिल सकती थी। लेकिन वायुसेना और वायु रक्षा प्रणाली ने रूस की इस योजना को सफल नहीं होने दिया।

राष्ट्रपति ने कहा कि यूक्रेन के नागरिक आज भी कठिन परिस्थितियों में जीवन जी रहे हैं, लेकिन उनके ऊपर रूस का पूर्ण हवाई नियंत्रण स्थापित नहीं हो सका। यह उपलब्धि यूक्रेन के सैनिकों के साहस और समर्पण का परिणाम है।

रूस के मिसाइल हमलों का मुकाबला

राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा कि वर्तमान समय में रूस बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए यूक्रेन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।

उन्होंने बताया कि यूक्रेन की वायुसेना लगातार रूसी क्रूज़ मिसाइलों को मार गिरा रही है। इसके अलावा बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के प्रयास भी लगातार किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जब अमेरिकी Patriot वायु रक्षा प्रणाली के लिए पर्याप्त इंटरसेप्टर उपलब्ध होते हैं, तब बैलिस्टिक मिसाइलों को भी सफलतापूर्वक रोका जा सकता है।

हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि बैलिस्टिक मिसाइलें अब भी सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई हैं क्योंकि उनकी गति अत्यधिक तेज होती है और उन्हें रोकने के लिए अत्याधुनिक रक्षा प्रणाली की आवश्यकता पड़ती है।

यूरोपीय सहयोग की सराहना

अपने भाषण में ज़ेलेंस्की ने यूरोपीय देशों और अन्य सहयोगी राष्ट्रों का भी आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग के कारण यूक्रेन को आधुनिक वायु रक्षा प्रणालियां मिली हैं, जिनमें IRIS-T, NASAMS और HAWK जैसी प्रणालियां शामिल हैं।

इन प्रणालियों ने यूक्रेन के कई शहरों, ऊर्जा प्रतिष्ठानों और महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

राष्ट्रपति ने कहा कि यूक्रेन हर दिन अपने सहयोगियों के साथ मिलकर इन प्रणालियों के लिए आवश्यक मिसाइलों और अन्य सैन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है।

ड्रोन हमलों के खिलाफ बड़ी सफलता

ज़ेलेंस्की ने दावा किया कि यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली रूसी ड्रोन हमलों के खिलाफ उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर रही है।

उन्होंने कहा कि देश की ड्रोन इंटरसेप्शन दर 90 प्रतिशत से अधिक है। इसका अर्थ है कि अधिकांश हमलावर ड्रोन अपने लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही नष्ट कर दिए जाते हैं।

उन्होंने इसे पूरे देश की सामूहिक उपलब्धि बताया और कहा कि इससे नागरिकों की जान बचाने में मदद मिली है तथा महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भी बड़े नुकसान से बचाया जा सका है।

सैनिकों के साहस को सलाम

राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने अपने संबोधन का सबसे भावुक हिस्सा उन सैनिकों को समर्पित किया जो दिन-रात यूक्रेन के आसमान की रक्षा कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यूक्रेनी सैनिक कई बार संसाधनों की कमी के बावजूद असाधारण प्रदर्शन करते हैं।

उन्होंने कहा कि यह लड़ाई पूरी तरह समान परिस्थितियों में नहीं लड़ी जा रही है। कई बार सैनिकों के पास दुश्मन के सभी लक्ष्यों को नष्ट करने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं होते, लेकिन फिर भी वे अपनी क्षमता से कहीं अधिक प्रदर्शन करते हैं।

राष्ट्रपति ने सैनिकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने दुनिया को दिखा दिया है कि यूक्रेन के लोग कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी हार नहीं मानते।

शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि

ज़ेलेंस्की ने उन सभी सैनिकों को भी श्रद्धांजलि दी जिन्होंने युद्ध के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी।

उन्होंने कहा कि देश उन सभी वीरों का सदैव ऋणी रहेगा जिन्होंने यूक्रेन की स्वतंत्रता और संप्रभुता की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।

राष्ट्रपति ने कहा कि शहीद सैनिकों की याद हमेशा राष्ट्र के इतिहास में जीवित रहेगी और आने वाली पीढ़ियां उनके साहस से प्रेरणा लेंगी।

युद्ध की बदलती तस्वीर

विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक युद्धों में हवाई शक्ति और वायु रक्षा प्रणाली की भूमिका पहले की तुलना में कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

क्रूज़ मिसाइल, बैलिस्टिक मिसाइल और लंबी दूरी के ड्रोन अब युद्ध का अहम हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे में किसी भी देश की वायु रक्षा क्षमता उसके नागरिकों, सैन्य प्रतिष्ठानों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए निर्णायक साबित होती है।

यूक्रेन ने पिछले वर्षों में अपनी वायु रक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए कई देशों के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाया है। इसके परिणामस्वरूप उसे आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण का लाभ मिला है।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग की अहमियत

यूक्रेन लगातार अपने सहयोगी देशों से अतिरिक्त वायु रक्षा प्रणालियां, इंटरसेप्टर मिसाइलें और सैन्य सहायता की मांग करता रहा है।

विश्लेषकों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय सहयोग इसी तरह जारी रहता है तो यूक्रेन अपनी रक्षा क्षमता को और मजबूत कर सकता है। वहीं रूस भी अपने हवाई हमलों की रणनीति में लगातार बदलाव कर रहा है, जिससे संघर्ष और अधिक जटिल होता जा रहा है।

निष्कर्ष

राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की का यह संदेश केवल सैनिकों का मनोबल बढ़ाने वाला भाषण नहीं था, बल्कि यह युद्ध के दौरान यूक्रेन की वायु रक्षा रणनीति, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सैन्य क्षमताओं का भी महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूक्रेन अपने हवाई क्षेत्र की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और सीमित संसाधनों के बावजूद उसके सैनिक लगातार देश की सुरक्षा में जुटे हुए हैं।

हालांकि युद्ध अभी समाप्त नहीं हुआ है और मिसाइल तथा ड्रोन हमलों का खतरा बना हुआ है, लेकिन यूक्रेन का कहना है कि उसकी वायुसेना और वायु रक्षा बल अपने सहयोगी देशों के समर्थन और सैनिकों के साहस के बल पर चुनौतियों का सामना करते रहेंगे। आने वाले समय में यह संघर्ष केवल जमीन पर ही नहीं, बल्कि आसमान में भी तकनीक, रणनीति और सैन्य क्षमता की कड़ी परीक्षा बना रहेगा।

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