फ़रवरी 18, 2026

‘INDIA AI IMPACT SUMMIT 2026’ में अव्यवस्था से घिरा आयोजन, मंत्री ने स्वीकार की चूक

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राजधानी नई दिल्ली में आयोजित ‘INDIA AI IMPACT SUMMIT 2026’ को देश के तकनीकी भविष्य की दिशा तय करने वाला एक प्रमुख मंच बताया गया था। इस सम्मेलन का उद्देश्य भारत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर दिखाना था। बड़े पैमाने पर सरकारी प्रतिनिधि, तकनीकी विशेषज्ञ, स्टार्टअप संस्थापक और अंतरराष्ट्रीय अतिथि इस कार्यक्रम में शामिल हुए। लेकिन आयोजन के दौरान सामने आई अव्यवस्थाओं ने पूरे सम्मेलन पर सवालिया निशान लगा दिया।

तकनीकी तैयारी पर उठे सवाल

सम्मेलन के शुरुआती सत्र में ही तकनीकी बाधाएं सामने आ गईं। ध्वनि प्रणाली में रुकावट, प्रस्तुतीकरण स्क्रीन पर विलंब और कार्यक्रम की समय-सारिणी में असंगति ने प्रतिभागियों को निराश किया। कुछ वक्ताओं को तय समय से कम अवसर मिला, जबकि कुछ सत्र निर्धारित समय से काफी देर से शुरू हुए।

AI जैसे उन्नत विषय पर केंद्रित कार्यक्रम में तकनीकी गड़बड़ियों ने आयोजकों की तैयारियों की पोल खोल दी। कई प्रतिभागियों ने इसे समन्वय की कमी का परिणाम बताया।

पंजीकरण प्रक्रिया में असुविधा

सम्मेलन स्थल पर पंजीकरण व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं रही। डिजिटल पास प्रणाली अपेक्षित रूप से कार्य नहीं कर सकी, जिससे प्रवेश द्वारों पर भीड़ और भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई। कुछ प्रतिनिधियों को अपने पैनल और सत्रों की अद्यतन जानकारी समय पर नहीं मिल पाई।

सोशल मीडिया पर भी कई लोगों ने कार्यक्रम प्रबंधन की आलोचना की और बेहतर योजना की आवश्यकता पर जोर दिया।

प्रदर्शनी क्षेत्र में बाधाएं

AI स्टार्टअप्स और कंपनियों के लिए बनाए गए प्रदर्शनी क्षेत्र में भी कई कमियां सामने आईं। कुछ स्टॉल्स को बिजली और इंटरनेट कनेक्टिविटी मिलने में देरी हुई। सीमित स्थान और अव्यवस्थित व्यवस्था के कारण कई छोटे उद्यमों को अपनी प्रस्तुति प्रभावी ढंग से देने में कठिनाई हुई।

कई प्रतिभागियों ने कहा कि ऐसे बड़े मंच पर छोटे नवाचारों को पर्याप्त प्राथमिकता मिलनी चाहिए थी, ताकि उनका कार्य व्यापक दर्शकों तक पहुंच सके।

मंत्री ने मानी कमी, सुधार का आश्वासन

बढ़ती आलोचना के बीच संबंधित मंत्री ने समापन सत्र में खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने माना कि आयोजन में कुछ कमियां रह गईं और इसके लिए प्रतिभागियों से खेद व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने भविष्य में बेहतर योजना और क्रियान्वयन का भरोसा भी दिलाया।

आयोजन समिति ने संकेत दिया कि व्यवस्थागत खामियों की समीक्षा की जाएगी और आगामी कार्यक्रमों में अधिक सुव्यवस्थित प्रणाली अपनाई जाएगी।

राजनीतिक और विशेषज्ञ प्रतिक्रिया

विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को सरकार की तैयारियों से जोड़ते हुए सवाल उठाए। उनका तर्क था कि जब देश डिजिटल क्रांति और AI नेतृत्व की बात करता है, तब ऐसे आयोजनों में उत्कृष्ट प्रबंधन अनिवार्य है।

तकनीकी क्षेत्र के विशेषज्ञों का भी मानना है कि नीति निर्माण के साथ-साथ उसके क्रियान्वयन की गुणवत्ता उतनी ही महत्वपूर्ण है। यदि मंच पर अव्यवस्था हावी हो जाए, तो संदेश का प्रभाव कम हो जाता है।

आगे की राह

हालांकि सम्मेलन में नई साझेदारियों और योजनाओं की घोषणाएं भी हुईं, फिर भी व्यवस्थागत खामियां चर्चा का विषय बनी रहीं। यह घटना इस बात की ओर संकेत करती है कि बड़े तकनीकी आयोजनों के लिए केवल दृष्टि और महत्वाकांक्षा पर्याप्त नहीं, बल्कि मजबूत प्रबंधन तंत्र भी आवश्यक है।

‘INDIA AI IMPACT SUMMIT 2026’ भविष्य के लिए एक सीख बन सकता है—कि देश की तकनीकी छवि को मजबूत करने के लिए हर स्तर पर समन्वय, पारदर्शिता और पेशेवर दृष्टिकोण जरूरी है।

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