एनएक्सटी समिट में दिए संबोधन की झलकियां प्रधानमंत्री ने साझा कीं
ने आईटीवी नेटवर्क द्वारा आयोजित एनएक्सटी समिट में अपने भाषण के प्रमुख अंश साझा किए। उन्होंने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और आज के “विकसित भारत” के लक्ष्य के बीच समानता का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस प्रकार 1930 में हुई ने पूरे देश को आज़ादी के लिए एकजुट किया था, उसी प्रकार आज विकसित भारत का संकल्प 140 करोड़ भारतीयों को एक साझा उद्देश्य से जोड़ रहा है।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई पोस्ट के माध्यम से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि पहले जिन कार्यों को भारत में “लगभग असंभव” माना जाता था, आज देश उन्हें साकार कर रहा है।
अपने संदेश में उन्होंने वैश्विक परिस्थितियों का भी उल्लेख किया और कहा कि वर्तमान समय में युद्धों के कारण जो अंतरराष्ट्रीय संकट उत्पन्न हुआ है, उससे निपटने के लिए भारत पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ प्रयास कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि पिछले दस वर्षों में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के कारण देश में माओवादी हिंसा तेजी से कमजोर पड़ रही है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में पहले भय और असुरक्षा का माहौल था, वहां अब विकास और प्रगति की नई ऊर्जा दिखाई दे रही है।
उनके अनुसार, देश का लक्ष्य केवल समस्याओं का समाधान करना नहीं बल्कि ऐसे माहौल का निर्माण करना है जिसमें हर क्षेत्र में विकास और अवसरों का विस्तार हो सके।
