मई 1, 2026

लालगंज में स्मार्ट प्रीपेड मीटर के विरोध में उभरा जनाक्रोश, कांग्रेस ने किया व्यापक प्रदर्शन

0

प्रतापगढ़ जनपद के लालगंज तहसील क्षेत्र में स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर को लेकर विरोध तेज हो गया है। कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में आयोजित एक विशाल प्रदर्शन ने इस मुद्दे को राजनीतिक और जनचर्चा के केंद्र में ला दिया है। यह प्रदर्शन कांग्रेस विधान मंडल दल की नेता एवं रामपुर खास की लोकप्रिय विधायक श्रीमती आराधना मिश्रा ‘मोना’ के निर्देश पर आयोजित किया गया, जिसमें स्थानीय जनता, बिजली उपभोक्ताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं की भारी भागीदारी देखने को मिली।

पैदल मार्च में उमड़ा जनसैलाब

प्रदर्शन की शुरुआत लालगंज के इंदिरा चौक से हुई, जहां सैकड़ों की संख्या में लोग एकत्रित हुए। यहां से कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर लालगंज तहसील तक पैदल मार्च निकाला। “स्मार्ट मीटर वापस लो”, “जनविरोधी नीति बंद करो” और “अवैध वसूली नहीं चलेगी” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। मार्च के दौरान लोगों में सरकार की नीतियों के प्रति नाराजगी स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

अवैध वसूली और बिजली कटौती का आरोप

जिलाध्यक्ष डॉ. नीरज त्रिपाठी एडवोकेट के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं से जबरन धन वसूला जा रहा है। उनका कहना था कि पहले जहां उपभोक्ताओं को बिजली बिल बाद में चुकाने की सुविधा थी, वहीं अब उन्हें पहले से ही रिचार्ज कर बिजली उपयोग करने के लिए बाध्य किया जा रहा है, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है।

इसके साथ ही अघोषित बिजली कटौती को लेकर भी लोगों में गहरा आक्रोश देखा गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली आपूर्ति बाधित की जा रही है, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो रहा है।

कानूनी प्रावधानों के उल्लंघन का आरोप

कांग्रेस नेताओं ने इस योजना को विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47(5) के खिलाफ बताया। उनका कहना था कि इस धारा के तहत उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की गई है, लेकिन सरकार जबरन स्मार्ट मीटर लागू कर इन अधिकारों का हनन कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि बिना पर्याप्त जागरूकता और सहमति के इस तरह की योजना थोपना पूरी तरह अनुचित है।

ज्ञापन सौंपकर की गई प्रमुख मांगें

प्रदर्शन के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राज्यपाल महोदया, उत्तर प्रदेश शासन को संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी, लालगंज के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में प्रमुख रूप से निम्न मांगें रखी गईं—

  • स्मार्ट प्रीपेड मीटर योजना को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए
  • उपभोक्ताओं से हो रही कथित अवैध वसूली पर रोक लगाई जाए
  • अघोषित बिजली कटौती बंद की जाए
  • बिजली व्यवस्था को पारदर्शी और उपभोक्ता हितैषी बनाया जाए

वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी

इस प्रदर्शन में कई प्रमुख कांग्रेस नेताओं और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी रही। इनमें रामपुर खास विधायक के प्रतिनिधि भगौती प्रसाद तिवारी, मीडिया प्रभारी ज्ञान प्रकाश शुक्ला, लालगंज ब्लॉक प्रमुख इंजीनियर अमित प्रताप सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि संतोष द्विवेदी, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष केडी मिश्रा, जिला पंचायत सदस्य लालजी यादव, अशोक धर द्विवेदी, रघुराई, पूर्व ब्लॉक प्रमुख रामकृपाल पासी, मनरेगा प्रभारी रवि भूषण सिन्हा, जिला उपाध्यक्ष आरपी वर्मा और जिला प्रवक्ता मासूम हैदर सहित कई अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।

आगे भी आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। पार्टी नेताओं ने कहा कि वे जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेंगे और जरूरत पड़ने पर बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।

राजनीतिक तापमान में बढ़ोतरी

स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर शुरू हुआ यह विरोध अब धीरे-धीरे राजनीतिक रंग लेता जा रहा है। एक ओर जहां सरकार इस योजना को पारदर्शिता और राजस्व सुधार के लिए जरूरी बता रही है, वहीं विपक्ष इसे आम जनता पर आर्थिक बोझ और जबरन थोपे गए निर्णय के रूप में प्रस्तुत कर रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक गरमाने की संभावना है।

लालगंज में हुआ यह प्रदर्शन न केवल स्थानीय असंतोष का प्रतीक है, बल्कि यह प्रदेश स्तर पर स्मार्ट मीटर नीति को लेकर उठ रहे सवालों को भी उजागर करता है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस विरोध पर क्या रुख अपनाती है और क्या उपभोक्ताओं की समस्याओं का कोई ठोस समाधान निकल पाता है या नहीं।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

इन्हे भी देखें