अपराध पर कड़ा प्रहार: वाराणसी में STF का बड़ा एक्शन, अंतर्राज्यीय गिरोह ध्वस्त
उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए चलाए जा रहे ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान के तहत एक बड़ी सफलता सामने आई है। झारखंड में बैंक डकैती की वारदात को अंजाम देने वाले एक शातिर अंतर्राज्यीय गिरोह के तीन कुख्यात सदस्यों को संयुक्त कार्रवाई में वाराणसी से गिरफ्तार किया गया है। इस ऑपरेशन को उत्तर प्रदेश एसटीएफ और झारखंड पुलिस ने मिलकर अंजाम दिया, जो दोनों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय का उदाहरण है।

गिरफ्तार अपराधियों में गिरोह का सरगना भी शामिल है, जो लंबे समय से विभिन्न राज्यों में संगठित अपराध को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने उनके कब्जे से 912.22 ग्राम सोना, लगभग 20 लाख रुपये नकद, छह मोबाइल फोन और एक चार पहिया वाहन बरामद किया है। यह सभी सामान झारखंड स्थित बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र में हुई डकैती से संबंधित बताया जा रहा है।
जांच में यह तथ्य सामने आया है कि यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से अपने अपराधों को अंजाम देता था। इनके सदस्य पहले ऐसे बैंकों और निजी गोल्ड लोन कंपनियों की पहचान करते थे, जहां सुरक्षा व्यवस्था अपेक्षाकृत कमजोर हो और भीड़ कम रहती हो। इसके बाद कई दिनों तक गुप्त रूप से रेकी कर सही समय का इंतजार करते थे और फिर पूरी तैयारी के साथ डकैती की घटना को अंजाम देते थे।
इस गिरोह का आपराधिक दायरा काफी व्यापक रहा है। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि ये आरोपी पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तराखंड जैसे राज्यों में भी कई लूट और डकैती की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। इससे स्पष्ट होता है कि यह गिरोह एक संगठित नेटवर्क के रूप में सक्रिय था, जो लगातार अपने निशाने बदलता रहता था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी से न केवल एक बड़ी वारदात का खुलासा हुआ है, बल्कि अन्य कई मामलों में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है। फिलहाल आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश भी की जा रही है।
यह कार्रवाई राज्य सरकार की उस सख्त नीति को दर्शाती है, जिसके तहत अपराध और अपराधियों के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जा रही है। इस तरह के ऑपरेशन आम जनता में सुरक्षा का विश्वास मजबूत करते हैं और अपराधियों के मन में कानून का डर पैदा करते हैं।
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