सेंसेक्स-निफ्टी में शानदार तेजी, IT शेयरों की मजबूती से बाजार को मिला सहारा; निवेशकों का भरोसा बढ़ा
IT सेक्टर की मजबूती से बाजार को मिला सहारा, लेकिन सतर्क निवेश जरूरी
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार 29 जुलाई 2026 को भारतीय शेयर बाजार में आई तेजी के पीछे आईटी सेक्टर की मजबूत भागीदारी प्रमुख कारण रही। वैश्विक स्तर पर डिजिटल सेवाओं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड टेक्नोलॉजी की बढ़ती मांग भारतीय आईटी कंपनियों के लिए सकारात्मक संकेत दे रही है।

प्रस्तावना
भारतीय शेयर बाजार ने 29 जुलाई 2026 को सकारात्मक शुरुआत की। घरेलू बाजार में खरीदारी का माहौल देखने को मिला, जिसमें खासतौर पर आईटी (IT) सेक्टर के शेयरों ने अहम भूमिका निभाई। वैश्विक संकेतों और तकनीकी कंपनियों में बढ़ती मांग के बीच निवेशकों ने बड़ी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी दिखाई, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों में तेजी दर्ज की गई।
शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स में करीब 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त देखने को मिली, जबकि एनएसई निफ्टी 24,200 के स्तर के आसपास कारोबार करता नजर आया। बाजार की इस तेजी ने निवेशकों के बीच सकारात्मक भावना को मजबूत किया।
IT सेक्टर बना बाजार की तेजी का मुख्य आधार
29 जुलाई के कारोबारी सत्र में आईटी कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। वैश्विक स्तर पर तकनीकी सेवाओं की मांग में सुधार और डिजिटल परिवर्तन से जुड़ी उम्मीदों ने आईटी सेक्टर को मजबूती प्रदान की।
निवेशकों का मानना है कि भारतीय आईटी कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल सर्विसेज जैसे क्षेत्रों में लगातार विस्तार कर रही हैं। यही वजह रही कि आईटी शेयरों में तेजी ने पूरे बाजार को सहारा दिया।
सेंसेक्स में दिखा मजबूत रुझान
कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स ने तेजी के साथ शुरुआत की और निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। बैंकिंग, तकनीक और बड़े कॉरपोरेट शेयरों में खरीदारी से बाजार की धारणा सकारात्मक बनी रही।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सेंसेक्स में तेजी का कारण घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी और बेहतर आर्थिक संभावनाएं भी हैं। भारतीय अर्थव्यवस्था में लगातार हो रही मजबूती और कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद से बाजार को समर्थन मिल रहा है।
निफ्टी 24,200 के करीब, निवेशकों की नजर आगे की दिशा पर
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 24,200 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार में तेजी के बावजूद निवेशक आगे आने वाले आर्थिक आंकड़ों, कंपनियों के तिमाही नतीजों और वैश्विक बाजारों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि बाजार में खरीदारी का यह रुझान जारी रहता है तो प्रमुख सूचकांक आने वाले दिनों में नए स्तरों की ओर बढ़ सकते हैं। हालांकि, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकती हैं।
वैश्विक संकेतों का भी मिला समर्थन
भारतीय शेयर बाजार को वैश्विक बाजारों से भी सकारात्मक संकेत मिले। अमेरिका और अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बाजारों में स्थिरता के चलते घरेलू निवेशकों का उत्साह बढ़ा।
इसके अलावा, डॉलर की चाल, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियों पर भी बाजार की नजर बनी हुई है। इन सभी कारकों का असर आने वाले कारोबारी सत्रों में देखने को मिल सकता है।
किन सेक्टरों में रही हलचल
आईटी सेक्टर के अलावा कुछ अन्य क्षेत्रों में भी खरीदारी का रुझान देखने को मिला। बैंकिंग, ऑटो और चुनिंदा फार्मा शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही।
वहीं, कुछ सेक्टरों में मुनाफावसूली का दबाव भी देखने को मिला। बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशक मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों पर ज्यादा भरोसा दिखा रहे हैं।
विशेषज्ञों की राय
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आईटी शेयरों में आई तेजी ने बाजार को नई ऊर्जा दी है। भारत की तकनीकी कंपनियों की मजबूत स्थिति, डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग और वैश्विक स्तर पर भारतीय आईटी सेक्टर की स्वीकार्यता बाजार के लिए सकारात्मक संकेत हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, निवेशकों को केवल छोटी अवधि की तेजी के बजाय कंपनियों के प्रदर्शन, आय वृद्धि और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखकर निवेश रणनीति बनानी चाहिए।
निष्कर्ष
29 जुलाई 2026 का कारोबारी सत्र भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक रहा। आईटी शेयरों में मजबूत खरीदारी के कारण सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी दर्ज की गई। सेंसेक्स की 1 प्रतिशत से अधिक बढ़त और निफ्टी का 24,200 के आसपास कारोबार करना बाजार में बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
हालांकि, आने वाले समय में वैश्विक घटनाक्रम, आर्थिक आंकड़े और कंपनियों के नतीजे बाजार की दिशा तय करेंगे। फिलहाल आईटी सेक्टर की मजबूती ने भारतीय शेयर बाजार को नई गति प्रदान की है।