संतकबीरनगर में गणेश विसर्जन के दौरान सपा सांसद की गाड़ी पर पथराव, डीजे विवाद के बाद बढ़ा तनाव
संतकबीरनगर, 19 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान देर रात उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब बखिरा थाना क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के सांसद लक्ष्मीकांत निषाद उर्फ पप्पू निषाद की गाड़ी भीड़ के बीच फंस गई। रिपोर्टों के मुताबिक, भीड़ ने सांसद के वाहन को घेर लिया और उस पर पथराव तथा तोड़फोड़ की। घटना में वाहन का शीशा टूटने की बात सामने आई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सांसद को सुरक्षित बाहर निकाला और हालात को नियंत्रित किया।
घटना अमरडोभा गांव के पास लेडुआ महुआ चौराहे के आसपास की बताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए निकले जुलूस में डीजे की तेज आवाज को लेकर पुलिस ने कार्रवाई की। डीजे वाहन को रोके जाने और उसे थाने ले जाने की कार्रवाई के बाद जुलूस में शामिल लोगों में नाराजगी बढ़ गई। इसके बाद कुछ लोगों ने सड़क पर विरोध शुरू कर दिया और विसर्जन प्रक्रिया को रोकने की बात सामने आई।

डीजे कार्रवाई के बाद शुरू हुआ विरोध
बताया जा रहा है कि शुक्रवार रात गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए जुलूस आगे बढ़ रहा था। इसी दौरान डीजे की आवाज को लेकर पुलिस ने हस्तक्षेप किया। रिपोर्टों में कहा गया है कि पुलिस ने डीजे वाहन को रोका और उसे थाने ले जाया गया। इस कार्रवाई से जुलूस में शामिल लोगों में असंतोष पैदा हुआ।
विरोध कर रहे लोगों की ओर से कथित तौर पर यह मांग रखी गई कि डीजे वाहन को वापस किया जाए। इसी वजह से विसर्जन यात्रा कुछ समय के लिए प्रभावित हुई और लोग सड़क पर बैठकर विरोध करने लगे। सड़क पर भीड़ जमा होने के कारण आसपास के रास्ते पर आवागमन भी प्रभावित हुआ।
यह विवाद उस समय और गंभीर हो गया, जब उसी मार्ग से सपा सांसद लक्ष्मीकांत निषाद का वाहन गुजर रहा था। सांसद के अनुसार, वह धनघटा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद अपने कैंप कार्यालय की ओर लौट रहे थे। रास्ते में उनका वाहन अमरडोभा क्षेत्र के पास पहुंचा, जहां पहले से बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
भीड़ ने सांसद के वाहन को घेरा
प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक, सांसद का वाहन प्रदर्शन कर रही भीड़ के बीच फंस गया। इसके बाद कुछ लोगों ने वाहन को चारों ओर से घेर लिया। देखते ही देखते स्थिति बिगड़ गई और वाहन पर पथराव किए जाने की बात सामने आई।
रिपोर्टों में वाहन के एक शीशे के टूटने और गाड़ी में तोड़फोड़ किए जाने की जानकारी दी गई है। घटना के दौरान सांसद वाहन में मौजूद थे। उन्होंने बाद में बताया कि पुलिस की मदद से उन्हें वहां से सुरक्षित निकाला गया।
घटना के बाद इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की और वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी। पुलिस अधिकारियों के पहुंचने के बाद सांसद को भीड़ के बीच से सुरक्षित निकालकर आगे ले जाया गया।
पुलिस अधिकारियों ने संभाली स्थिति
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एएसपी सुशील कुमार सिंह सहित पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थानीय पुलिस के साथ अतिरिक्त बल ने भीड़ को नियंत्रित करने और तनाव को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया।
पुलिस की मौजूदगी में सांसद को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। बाद में उन्हें उनके आवास/कैंप कार्यालय की ओर रवाना किया गया। घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई, ताकि दोबारा किसी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना में शामिल लोगों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। संतकबीरनगर के पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के हवाले से रिपोर्टों में कहा गया है कि सांसद की ओर से शिकायत मिली है और मामले में जिम्मेदार लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।
सांसद ने थाने पहुंचकर कार्रवाई की मांग की
घटना के बाद सांसद लक्ष्मीकांत निषाद अपने समर्थकों के साथ बखिरा थाने पहुंचे। वहां उन्होंने घटना को लेकर कार्रवाई की मांग की। रिपोर्टों के अनुसार, सांसद और उनके समर्थक काफी समय तक थाने पर मौजूद रहे।
इस घटनाक्रम के बाद स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठने लगा कि धार्मिक आयोजनों और बड़े जुलूसों के दौरान यातायात तथा सुरक्षा व्यवस्था को किस तरह बेहतर बनाया जाए, ताकि किसी विवाद की स्थिति में आम लोगों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों की आवाजाही भी सुरक्षित रह सके।
गणेश विसर्जन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
गणेश प्रतिमा विसर्जन जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर निकलते हैं। ऐसे अवसरों पर पुलिस प्रशासन के सामने यातायात व्यवस्था, ध्वनि नियंत्रण, जुलूस के मार्ग और भीड़ प्रबंधन जैसी कई जिम्मेदारियां रहती हैं।
संतकबीरनगर की घटना में भी प्रारंभिक विवाद डीजे को लेकर पुलिस कार्रवाई से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि घटना के सभी पहलुओं की आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद किस क्रम में बढ़ा और वाहन पर हमला करने में कौन-कौन लोग शामिल थे।
फिलहाल पुलिस का ध्यान स्थिति को सामान्य बनाए रखने और घटना में शामिल लोगों की पहचान करने पर है। प्रशासन की ओर से यह भी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि गणेश विसर्जन की बाकी गतिविधियां शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हों।
घटना के बाद बढ़ी प्रशासनिक सक्रियता
सांसद की गाड़ी में तोड़फोड़ की घटना ने स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी ध्यान आकर्षित किया है। जनप्रतिनिधि का वाहन भीड़ के बीच घिरने और उसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप कर उन्हें सुरक्षित निकालने की स्थिति ने कानून-व्यवस्था से जुड़े सवाल खड़े किए हैं।
हालांकि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि सुरक्षा व्यवस्था में किस स्तर पर चूक हुई। इसके लिए घटनास्थल की परिस्थितियों, पुलिस की तैनाती, भीड़ की संख्या और पूरे घटनाक्रम की जांच आवश्यक होगी।
पुलिस द्वारा आरोपियों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
संतकबीरनगर की यह घटना एक बार फिर बताती है कि बड़े धार्मिक जुलूसों के दौरान प्रशासन, आयोजकों और प्रतिभागियों के बीच समन्वय कितना महत्वपूर्ण है। किसी भी प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर असहमति होने पर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है। वहीं पुलिस-प्रशासन के लिए भी ऐसे आयोजनों में संभावित विवाद वाले स्थानों की पहले से पहचान कर पर्याप्त सुरक्षा और संवाद व्यवस्था बनाए रखना महत्वपूर्ण रहता है।
फिलहाल संतकबीरनगर के बखिरा क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। पुलिस घटना की जांच कर रही है और सांसद के वाहन को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों की पहचान की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले में जिम्मेदारी और आगे की कार्रवाई को लेकर तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट होगी।