पाकिस्तान के कोहाट में मस्जिद के पास बड़ा आतंकी हमला, 21 लोगों की मौत और 80 से ज्यादा घायल
कोहाट, पाकिस्तान, 19 सितंबर 2026। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट में शुक्रवार को एक मस्जिद और पुलिस परिसर को निशाना बनाकर किए गए भीषण हमले में कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि 80 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना उस समय हुई जब मस्जिद में जुमे की नमाज के लिए लोग जुटे हुए थे। मृतकों में बड़ी संख्या पुलिसकर्मियों की बताई गई है। हमले के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और घायलों को आसपास के अस्पतालों में पहुंचाया गया।

पुलिस परिसर के पास हुआ हमला
यह हमला कोहाट के पुराने पुलिस लाइंस परिसर में स्थित मस्जिद के आसपास हुआ। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, हमलावरों ने विस्फोटक से भरे वाहन का इस्तेमाल किया। इसके बाद हथियारबंद हमलावरों ने पुलिस परिसर में घुसने की कोशिश की, जिसके चलते सुरक्षा बलों और हमलावरों के बीच मुठभेड़ हुई।
हमले की जगह पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े कार्यालयों के नजदीक थी। इस कारण घटना को केवल धार्मिक स्थल पर हमला नहीं, बल्कि सुरक्षा प्रतिष्ठान को निशाना बनाने वाली एक समन्वित हिंसक कार्रवाई के रूप में भी देखा जा रहा है।
विस्फोट से मस्जिद और आसपास के ढांचे को नुकसान पहुंचा। स्थानीय स्तर पर राहत एवं बचाव दलों ने तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर घायलों को अस्पतालों तक पहुंचाने का काम शुरू किया।
नमाज के दौरान जुटे थे लोग
हमले का समय बेहद संवेदनशील था। शुक्रवार की नमाज के लिए मस्जिद में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। रिपोर्टों के मुताबिक, वहां पुलिसकर्मी और उनके परिवारों से जुड़े लोग भी मौजूद थे। इसी वजह से विस्फोट के बाद बड़ी संख्या में लोग इसकी चपेट में आए।
एपी ने पुलिस और बचाव अधिकारियों के हवाले से बताया कि मृतकों और घायलों में पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं। बाद की पाकिस्तानी रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 21 बताई गई, जिनमें 15 पुलिस अधिकारी शामिल होने की जानकारी सामने आई।
घटना के बाद अस्पतालों में आपात स्थिति जैसी व्यवस्था करनी पड़ी। गंभीर रूप से घायल लोगों का उपचार किया गया, जबकि बचावकर्मियों ने घटनास्थल पर तलाशी अभियान भी चलाया।
हमलावरों के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई
विस्फोट के बाद हमलावरों के एक समूह ने पुलिस परिसर में घुसने की कोशिश की। सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उनका सामना किया। एपी के अनुसार, कम से कम सात हमलावरों के हमले में शामिल होने की जानकारी सामने आई और सुरक्षा बलों की कार्रवाई में छह हमलावर मारे गए।
रिपोर्टों के मुताबिक, हमले के दौरान एक अन्य आत्मघाती हमलावर ने पास के खुफिया एजेंसी कार्यालय को भी निशाना बनाया। इससे सुरक्षा बलों के सामने एक साथ कई मोर्चों पर चुनौती पैदा हुई।
सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके को घेरकर तलाशी अभियान चलाया ताकि किसी अन्य खतरे की आशंका को खत्म किया जा सके। पुलिस अधिकारियों ने आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए।
मृतकों में पुलिसकर्मियों की बड़ी संख्या
इस घटना की सबसे गंभीर बात यह है कि बड़ी संख्या में मारे गए लोग पुलिस विभाग से जुड़े बताए गए हैं। पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, कम से कम 15 पुलिस अधिकारियों की मौत हुई। इससे यह आशंका मजबूत होती है कि हमलावरों का उद्देश्य सुरक्षा प्रतिष्ठान को भी नुकसान पहुंचाना था।
कोहाट का पुलिस तंत्र क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। इसलिए पुलिस परिसर के आसपास किया गया हमला सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती के रूप में सामने आया है।
हमले में आम नागरिक भी प्रभावित हुए हैं। घायलों में नमाज के लिए पहुंचे लोगों के अलावा पुलिसकर्मी भी शामिल बताए गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने घायलों को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए अस्पतालों को तैयार रखा।
खैबर पख्तूनख्वा में बढ़ती हिंसा की पृष्ठभूमि
कोहाट में हुआ यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और अफगानिस्तान से लगे क्षेत्रों में हिंसक घटनाओं को लेकर चिंता बनी हुई है। हाल के दिनों में इस क्षेत्र में सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर कई हमले सामने आए हैं।
एपी के अनुसार, कोहाट की घटना से एक दिन पहले हंगू जिले में सुरक्षा बलों के एक काफिले पर सड़क किनारे विस्फोट हुआ था, जिसमें छह सैनिकों की मौत हुई थी। इन घटनाओं के कारण क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंता बढ़ी है।
खैबर पख्तूनख्वा लंबे समय से आतंकवादी हिंसा की चुनौती का सामना करता रहा है। अफगानिस्तान की सीमा से इसकी निकटता के कारण यहां सुरक्षा और सीमा प्रबंधन से जुड़े मुद्दे भी महत्वपूर्ण रहे हैं।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान संबंधों पर भी असर
कोहाट हमला पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पहले से जारी सुरक्षा विवाद की पृष्ठभूमि में भी देखा जा रहा है। पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि कुछ आतंकवादी समूह अफगान क्षेत्र से गतिविधियां संचालित करते हैं। काबुल इन आरोपों को खारिज करता रहा है।
क्षेत्र में सक्रिय तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी टीटीपी से जुड़े आतंकवाद को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से तनाव रहा है। हालांकि, कोहाट हमले के मामले में जिम्मेदारी को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं थी। कुछ बाद की रिपोर्टों में एक संगठन द्वारा जिम्मेदारी लेने का दावा भी सामने आया, लेकिन अलग-अलग स्रोतों में इस संबंध में अंतर है। इसलिए इस दावे को स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।
प्रधानमंत्री ने जताया दुख
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हमले की निंदा की और अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। सरकार की ओर से कहा गया कि आतंकवादी हिंसा के सामने देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने भी घटना की जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां विस्फोट के तरीके, हमलावरों की पहचान और हमले से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
अस्पतालों में घायलों का इलाज
हमले के तुरंत बाद राहत एवं बचाव दलों ने घायलों को अस्पतालों तक पहुंचाया। शुरुआती सरकारी रिपोर्टों में घायलों की संख्या 57 बताई गई थी, लेकिन बाद की रिपोर्टों में यह संख्या 80 से अधिक हो गई। कुछ स्थानीय रिपोर्टों में इससे भी अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई है। इससे संकेत मिलता है कि आंकड़ों में बदलाव घायलों के अस्पताल पहुंचने और चिकित्सा जांच पूरी होने के साथ हुआ।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भय का माहौल देखा गया। सुरक्षा कारणों से पुलिस परिसर और उसके आसपास के क्षेत्र में आवाजाही को नियंत्रित किया गया।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
कोहाट में हुआ हमला पाकिस्तान के लिए सुरक्षा की गंभीर चुनौती को रेखांकित करता है। एक ओर हमलावरों ने धार्मिक स्थल के आसपास विस्फोट किया, वहीं दूसरी ओर पुलिस परिसर को निशाना बनाने की कोशिश की गई। इससे घटना की योजना और उद्देश्य को लेकर जांच एजेंसियों के सामने कई सवाल हैं।
फिलहाल अधिकारियों का ध्यान घायलों के उपचार, मृतकों की पहचान, घटनास्थल की जांच और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, हमले में शामिल लोगों, उनके नेटवर्क और घटना के पीछे के उद्देश्य से संबंधित अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
कोहाट की घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि आतंकवादी हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा किस तरह मजबूत की जाए। पाकिस्तान के लिए खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा चुनौतियों से निपटना आने वाले समय में भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना रहेगा।