सोनपुर में अवैध हथियार जब्त, तरवा में 600 बोतल कफ सिरप के साथ दो गिरफ्तार

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सुदाम बाबू स्टेट ब्यूरो ओडिशा

हिट एंड हॉट न्यूज़

सुबर्णपुर, ओडिशा | 23 सितंबर 2026। ओडिशा के सुबर्णपुर जिले में पुलिस ने अवैध हथियारों और संदिग्ध नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग अभियानों में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। सोनपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक युवक को कथित रूप से अवैध पिस्तौल और कारतूस रखने के आरोप में पकड़ा, जबकि तरवा थाना क्षेत्र में दो लोगों के कब्जे से 600 बोतल कफ सिरप बरामद किए जाने की बात पुलिस ने कही है। दोनों मामलों में पुलिस ने अलग-अलग धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बैद्यनाथ ब्रिज के पास पुलिस की छापेमारी

पुलिस के अनुसार, 22 सितंबर को सोनपुर पुलिस को सूचना मिली थी कि बैद्यनाथ ब्रिज के आसपास कुछ लोग कथित तौर पर अवैध तरीके से हथियारों की खरीद-फरोख्त और आपूर्ति में शामिल हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर निगरानी शुरू की और संदिग्ध गतिविधि की पुष्टि के बाद छापेमारी की।

पुलिस का कहना है कि कार्रवाई के दौरान दो संदिग्ध मौके से भागने में सफल रहे, जबकि एक युवक को पुलिस ने पकड़ लिया। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान सत्यराम चुलिया (23) के रूप में हुई है। वह सोनपुर थाना क्षेत्र के हरडाखोल गांव निवासी शंकर चुलिया का पुत्र बताया गया है।

पिस्तौल, मैगजीन और तीन कारतूस बरामद

पुलिस द्वारा की गई तलाशी में सत्यराम के पास से एक पिस्तौल, एक मैगजीन और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए। पुलिस के मुताबिक कारतूस पर “K.F. 7.65” अंकित था। पूछताछ के दौरान आरोपी कथित तौर पर हथियार रखने से संबंधित कोई वैध लाइसेंस या अधिकृत दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

पुलिस ने हथियार और गोलियों को जब्त कर लिया है। इसके अलावा आरोपी के पास से 10 हजार रुपये नकद और एक iPhone 17 मोबाइल फोन भी जब्त किए जाने की जानकारी दी गई है।

इस कार्रवाई के संबंध में सोनपुर थाना में केस नंबर 339, दिनांक 22 सितंबर 2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने यह मामला आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-AA) के तहत दर्ज किया है।

हथियार तस्करी को लेकर पुलिस की पूछताछ

पुलिस प्रेस नोट के अनुसार, पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने कथित तौर पर हथियारों और गोला-बारूद की अवैध बिक्री तथा आपूर्ति से जुड़े होने की जानकारी दी। पुलिस ने यह भी कहा कि जांच के दौरान ऐसे आरोप सामने आए हैं कि बरामद हथियार का इस्तेमाल लोगों को डराने-धमकाने के लिए किया गया था।

हालांकि इन आरोपों की विस्तृत पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार आरोपी तक कैसे पहुंचा, इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं और फरार हुए दोनों संदिग्धों की भूमिका क्या थी।

जांच एजेंसियां हथियार की खरीद के स्रोत और संभावित नेटवर्क का भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी को आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश किया जाएगा।

तरवा में 600 बोतल कफ सिरप की बरामदगी

सुबर्णपुर जिले में दूसरी कार्रवाई तरवा थाना क्षेत्र में की गई। पुलिस के अनुसार, 23 सितंबर को डुंगरीपाली चौक के आसपास कफ सिरप के कथित अवैध परिवहन की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके में निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध गतिविधि के आधार पर दो लोगों को रोककर पूछताछ की।

तलाशी के दौरान पुलिस ने दोनों के पास से WINCIREX कफ सिरप की 600 बोतलें बरामद करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार दोनों व्यक्ति इन बोतलों से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान देबेंद्र पात्र (30) और सत्यजीत पात्र (32) के रूप में हुई है। दोनों तरवा थाना क्षेत्र के बालाडी गांव निवासी ललित पात्र के पुत्र बताए गए हैं।

NDPS Act के तहत मामला दर्ज

कफ सिरप बरामदगी के मामले में तरवा पुलिस ने केस नंबर 334, दिनांक 23 सितंबर 2026 दर्ज किया है। पुलिस ने मामले में NDPS Act, 1985 की धारा 21(b)/29 के तहत कार्रवाई की है।

पुलिस के अनुसार, बरामद कफ सिरप के संबंध में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि इतनी बड़ी मात्रा में सिरप कहां से लाया गया था और इसे कहां पहुंचाया जाना था।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस पूरे मामले में अन्य लोगों की कोई भूमिका है या नहीं। बरामद सामग्री की जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के आधार पर आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।

दोनों मामलों की जांच जारी

सुबर्णपुर पुलिस की इन दोनों कार्रवाइयों के बाद अवैध हथियार और संदिग्ध नशीले पदार्थों की आवाजाही को लेकर जांच तेज हो गई है। एक मामले में हथियार और कारतूस बरामद हुए हैं, जबकि दूसरे मामले में बड़ी संख्या में कफ सिरप की बोतलें जब्त की गई हैं।

पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती इन मामलों के पीछे मौजूद संभावित नेटवर्क तक पहुंचना है। सोनपुर मामले में फरार बताए जा रहे दो संदिग्धों की तलाश की जा रही है। वहीं तरवा मामले में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि 600 बोतल कफ सिरप की खेप का स्रोत और संभावित गंतव्य क्या था।

पुलिस ने दोनों मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। आरोपियों को अदालत के समक्ष पेश किया जाना है। इसके बाद अदालत के निर्देश के अनुसार आगे की प्रक्रिया चलेगी।

अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई जारी

सुबर्णपुर जिले में एक ही अवधि के दौरान हुई इन दो कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि पुलिस अवैध हथियारों और संदिग्ध दवा-आधारित नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों पर निगरानी बढ़ा रही है। पुलिस का कहना है कि सूचना मिलने पर संबंधित क्षेत्रों में छापेमारी और जांच की कार्रवाई की जा रही है।

हालांकि दोनों मामलों में लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा। पुलिस की जांच पूरी होने पर बरामद हथियार, कारतूस और कफ सिरप के स्रोत तथा इनके कथित इस्तेमाल या परिवहन से जुड़े अन्य तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

फिलहाल सोनपुर और तरवा पुलिस दोनों मामलों में साक्ष्य जुटाने, आरोपियों से पूछताछ करने और संभावित अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच में जुटी हैं।

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