IMC 2026 की तैयारियों की समीक्षा, यशोभूमि में दिखेगा भारत के डिजिटल भविष्य का नया स्वरूप
नई दिल्ली, 6 अक्टूबर 2026। भारत के दूरसंचार और डिजिटल क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों को वैश्विक मंच देने की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2026 की तैयारियों की समीक्षा की। यह आयोजन दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित किया जाएगा, जहां देश और दुनिया की प्रमुख तकनीकी कंपनियां, स्टार्टअप, निवेशक, विशेषज्ञ और नीति-निर्माता एक मंच पर दिखाई देंगे।

इस वर्ष इंडिया मोबाइल कांग्रेस का मुख्य विषय “Scale Without Boundaries” यानी “सीमाओं के बिना विस्तार” रखा गया है। यह थीम भारत की उस तकनीकी यात्रा को दर्शाती है, जिसमें दूरसंचार से आगे बढ़कर डिजिटल सेवाओं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उभरती तकनीकों और वैश्विक डिजिटल सहयोग को नई गति देने की कोशिश की जा रही है।
अंतिम तैयारियों का लिया गया जायजा
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने यशोभूमि में पहुंचकर IMC 2026 की तैयारियों का निरीक्षण किया। समीक्षा के दौरान आयोजन की व्यवस्थाओं, प्रदर्शनी क्षेत्र, तकनीकी प्रस्तुतियों और विभिन्न सत्रों से जुड़े इंतजामों पर ध्यान दिया गया।
सरकार की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस आयोजन में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों के पहुंचने की उम्मीद है। आयोजन को केवल एक प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे दूरसंचार और डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में विचार-विमर्श, निवेश, नवाचार और वैश्विक साझेदारी के प्रमुख मंच के रूप में विकसित किया जा रहा है।
डेढ़ लाख से अधिक लोगों के पहुंचने की उम्मीद
IMC 2026 में 1.5 लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना जताई गई है। इतनी बड़ी भागीदारी इस बात का संकेत है कि भारत में मोबाइल संचार और डिजिटल तकनीक को लेकर उद्योग जगत तथा आम लोगों की रुचि लगातार बढ़ रही है।
आयोजन में 500 से अधिक प्रदर्शक और साझेदार हिस्सा लेने की तैयारी में हैं। इसके अलावा 600 से ज्यादा स्टार्टअप भी अपनी तकनीकी क्षमताओं और नए समाधानों को प्रदर्शित करेंगे। विभिन्न क्षेत्रों के करीब 900 विचार-नेताओं के भी कार्यक्रम से जुड़ने की उम्मीद है।
इससे IMC 2026 को एक ऐसे मंच के रूप में देखा जा रहा है, जहां स्थापित कंपनियों के साथ-साथ नई तकनीकी कंपनियों और युवा उद्यमियों को भी अपने विचार दुनिया के सामने रखने का अवसर मिलेगा।
2,000 से अधिक तकनीकी उपयोग मामलों पर फोकस
इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 की एक महत्वपूर्ण विशेषता विभिन्न तकनीकों के वास्तविक उपयोग को प्रदर्शित करना होगी। आयोजन में 2,000 से अधिक टेक्नोलॉजी यूज केस सामने रखे जाने की जानकारी दी गई है।
इन उपयोग मामलों के जरिए यह दिखाने की कोशिश होगी कि आधुनिक तकनीक किस तरह उद्योग, व्यापार, संचार, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और नागरिक सेवाओं जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में बदलाव ला सकती है।
तकनीक का उद्देश्य केवल तेज इंटरनेट या बेहतर मोबाइल नेटवर्क तक सीमित नहीं रह गया है। आज डिजिटल तकनीक आर्थिक गतिविधियों, सार्वजनिक सेवाओं और रोजमर्रा की जिंदगी का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। ऐसे में IMC जैसे मंच पर तकनीक के व्यावहारिक प्रभावों पर चर्चा का महत्व और बढ़ जाता है।
120 से अधिक सत्रों में होगा विचार-विमर्श
IMC 2026 के दौरान 120 से अधिक सत्र आयोजित किए जाने की योजना है। इन सत्रों में दूरसंचार, डिजिटल परिवर्तन, नई तकनीक, नवाचार और वैश्विक तकनीकी सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।
इन चर्चाओं में उद्योग जगत के प्रतिनिधि, तकनीकी विशेषज्ञ, स्टार्टअप संस्थापक, निवेशक और नीति-निर्माता भाग ले सकते हैं। ऐसे संवाद से तकनीकी क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों और संभावित अवसरों को समझने में मदद मिल सकती है।
भारत के लिए यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि देश डिजिटल अर्थव्यवस्था को लगातार विस्तार देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। तेज कनेक्टिविटी के साथ अब डिजिटल सेवाओं की गुणवत्ता, तकनीकी आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर भी जोर दिया जा रहा है।
निवेशकों और स्टार्टअप के लिए बड़ा अवसर
IMC 2026 में 700 से अधिक निवेशक बैठकें प्रस्तावित हैं। इससे स्टार्टअप और तकनीकी कंपनियों के लिए निवेश जुटाने तथा संभावित कारोबारी साझेदारों तक पहुंच बनाने के अवसर बढ़ सकते हैं।
भारत में स्टार्टअप इकोसिस्टम पिछले वर्षों में तेजी से विस्तारित हुआ है। दूरसंचार और डिजिटल तकनीक से जुड़े नए व्यवसायों के लिए निवेश, बाजार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बेहद महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में एक बड़े वैश्विक मंच पर स्टार्टअप को अपनी तकनीक दिखाने का अवसर उनके लिए कारोबारी संभावनाएं खोल सकता है।
निवेशक बैठकों के माध्यम से तकनीकी विचारों को व्यावसायिक मॉडल में बदलने, नए उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साझेदारी बनाने की दिशा में भी प्रगति हो सकती है।
वैश्विक तकनीकी नेतृत्व पर भारत का जोर
IMC 2026 का एक बड़ा उद्देश्य भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमता को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने प्रस्तुत करना भी है। कार्यक्रम में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से जुड़े तकनीकी विशेषज्ञों और कंपनियों की भागीदारी भारत के डिजिटल क्षेत्र को वैश्विक संवाद से जोड़ने में मदद कर सकती है।
“Scale Without Boundaries” की थीम इसी व्यापक सोच को सामने रखती है। इसका संकेत है कि तकनीकी विकास को किसी एक देश, उद्योग या क्षेत्र तक सीमित रखने के बजाय वैश्विक सहयोग और साझेदारी के माध्यम से आगे बढ़ाया जाए।
भारत पहले ही डिजिटल सार्वजनिक ढांचे, मोबाइल कनेक्टिविटी और डिजिटल सेवाओं के विस्तार के क्षेत्र में अपनी क्षमता प्रदर्शित कर चुका है। ऐसे में IMC 2026 देश के तकनीकी अनुभवों को दुनिया के सामने रखने का अवसर भी प्रदान करेगा।
युवाओं और नवाचार को मिलेगा मंच
स्टार्टअप की बड़ी भागीदारी से युवाओं और नए उद्यमियों को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। तकनीकी क्षेत्र में नए विचार अक्सर छोटी टीमों और युवा उद्यमियों से सामने आते हैं। यदि उन्हें निवेशकों, उद्योग विशेषज्ञों और संभावित साझेदारों तक पहुंच मिलती है, तो उनके समाधान बड़े स्तर पर विकसित हो सकते हैं।
IMC 2026 में प्रदर्शित होने वाले तकनीकी उपयोग मामलों से विद्यार्थियों, तकनीकी पेशेवरों और नवाचार में रुचि रखने वाले लोगों को भी नई संभावनाओं की जानकारी मिल सकती है।
भारत के डिजिटल भविष्य की झलक
यशोभूमि में आयोजित होने वाला इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 केवल एक तकनीकी कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत के डिजिटल भविष्य को लेकर चल रहे व्यापक प्रयासों का प्रदर्शन भी बन सकता है। दूरसंचार से लेकर डिजिटल परिवर्तन और स्टार्टअप नवाचार तक, कार्यक्रम में तकनीकी क्षेत्र के कई पहलुओं को एक साथ देखने का अवसर मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री द्वारा तैयारियों की समीक्षा के बाद आयोजन को लेकर गतिविधियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। बड़ी संख्या में प्रतिभागियों, कंपनियों, स्टार्टअप और निवेशकों की संभावित मौजूदगी इसे देश के प्रमुख तकनीकी आयोजनों में शामिल कर सकती है।
आने वाले समय में डिजिटल तकनीक का प्रभाव अर्थव्यवस्था और समाज के लगभग हर क्षेत्र में बढ़ने वाला है। ऐसे माहौल में IMC 2026 भारत की तकनीकी क्षमता, नवाचार और वैश्विक साझेदारी की दिशा को समझने के लिए महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकता है। यशोभूमि में होने वाला यह आयोजन यह भी दिखाएगा कि भारत किस तरह दूरसंचार के पारंपरिक दायरे से आगे बढ़कर डिजिटल परिवर्तन की अगली पीढ़ी की ओर कदम बढ़ा रहा है।