यमुना में मिला लापता किसान का शव, कपड़ों और दांतों के आधार पर हुई पहचान
अरुण कुमार मिश्रा
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन
कालपी/उरई (जालौन)। कालपी तहसील क्षेत्र के ग्राम मंगरौल मुस्तकिल से बीते दिनों लापता हुए करीब 70 वर्षीय किसान रामआसरे पांडेय का शव सोमवार सुबह यमुना नदी में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। किसान के अचानक गायब होने के बाद से परिवार और ग्रामीण लगातार उनकी तलाश में जुटे थे। रविवार को प्रशासन और बाढ़ आपदा प्रबंधन की टीम ने भी नदी और आसपास के इलाकों में खोज अभियान चलाया था, लेकिन उस समय किसान का कोई सुराग नहीं मिल सका था।

सोमवार सुबह हीरापुर घाट के पास यमुना नदी में मछली पकड़ रहे कुछ लोगों की नजर पानी में तैर रहे एक शव पर पड़ी। शव दिखाई देने के बाद उन्होंने तत्काल इसकी जानकारी आसपास के ग्रामीणों और मंगरौल गांव में किसान के परिजनों तक पहुंचाई। सूचना मिलते ही परिजन ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे और शव को नदी से बाहर निकालने के लिए स्थानीय लोगों, नाविकों और गोताखोरों की सहायता ली गई।
मवेशी चराने निकले थे किसान
जानकारी के अनुसार, मंगरौल मुस्तकिल गांव निवासी रामआसरे पांडेय पिछले शनिवार को मवेशियों को चराने के लिए घर से निकले थे। इसके बाद वह वापस घर नहीं लौटे। काफी समय बीतने के बाद जब किसान घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की।
परिवार के लोगों और ग्रामीणों ने आसपास के क्षेत्रों के साथ-साथ नदी के किनारे भी खोजबीन की। तलाश के दौरान नून नदी के किनारे किसान के कपड़े और जूते मिले। इससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई। कपड़े और जूते मिलने के बाद नदी क्षेत्र में किसी अनहोनी की आशंका जताई गई और मामले की जानकारी कालपी कोतवाली पुलिस को दी गई।
सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और संबंधित बचाव दल सक्रिय हुआ। रविवार को बाढ़ आपदा प्रबंधन की टीम ने नदी तथा उसके आसपास के संभावित स्थानों पर सर्च अभियान चलाया। काफी प्रयास के बावजूद रविवार को किसान का पता नहीं चल सका। परिवार के लोग उम्मीद लगाए रहे कि शायद किसान किसी अन्य स्थान पर चले गए हों और सुरक्षित मिल जाएं।
सोमवार को नदी में मिला शव
सोमवार सुबह हीरापुर घाट के पास कुछ मछली पकड़ने वाले लोग यमुना में मौजूद थे। इसी दौरान उन्हें पानी के भीतर एक शव दिखाई दिया। शव को देखकर उन्होंने तत्काल आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी। खबर तेजी से मंगरौल गांव तक पहुंची और किसान के परिजन भी घाट पर पहुंच गए।
ग्रामीणों की मदद से नाव और गोताखोरों के माध्यम से शव को नदी से बाहर निकाला गया। इसके बाद परिजनों ने शव की पहचान करने का प्रयास किया। नदी में काफी समय तक रहने के कारण शव की पहचान करना आसान नहीं था। ऐसे में परिजनों ने उपलब्ध पहचान संबंधी संकेतों के आधार पर शिनाख्त की।
नेकर, नाखून और दांतों से हुई पहचान
घाट पर मौजूद परिजनों ने शव को देखने के बाद पहचान की प्रक्रिया शुरू की। किसान की पत्नी छोटी बिट्टी उर्फ मुन्नी को शव की तस्वीर भेजकर भी पहचान कराई गई। पत्नी ने शव पर मौजूद नेकर तथा नाखून और दांतों से जुड़े पहचान के संकेतों के आधार पर उसकी पहचान अपने पति रामआसरे पांडेय के रूप में की।
परिजनों द्वारा पहचान किए जाने के बाद गांव में शोक का माहौल छा गया। किसान के लापता होने के बाद से परिवार जिस चिंता और अनिश्चितता से गुजर रहा था, शव मिलने के बाद वह चिंता गहरे दुख में बदल गई। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण भी घाट के आसपास पहुंच गए।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शुरू की कार्रवाई
शव मिलने की सूचना पुलिस और स्थानीय प्रशासन को दी गई। जानकारी मिलने पर हल्का इंचार्ज रामजी लाल और होमगार्ड 383 अरविंद सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल की स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की।
कालपी पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार किया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज, उरई भेज दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही किसान की मौत के वास्तविक कारणों के संबंध में अधिक स्पष्ट जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
रविवार को चला था खोज अभियान
किसान के लापता होने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रविवार को खोज अभियान चलाया था। नदी क्षेत्र में किसान की तलाश के लिए बाढ़ आपदा प्रबंधन से जुड़े कर्मियों ने संभावित स्थानों पर खोजबीन की। नदी की स्थिति और पानी के बहाव को देखते हुए तलाशी अभियान में चुनौतियां भी सामने आईं।
कई घंटे तक तलाश के बावजूद जब किसान नहीं मिले तो परिजन लगातार उनके सुरक्षित लौटने की उम्मीद कर रहे थे। सोमवार को यमुना में शव मिलने के बाद तलाश का अंत तो हुआ, लेकिन परिवार के लिए यह बेहद दुखद सूचना साबित हुई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी स्थिति
पुलिस द्वारा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने के बाद अब रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पोस्टमार्टम के माध्यम से मृत्यु के कारण और परिस्थितियों के संबंध में चिकित्सकीय जानकारी प्राप्त होगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार किसान शनिवार को मवेशी चराने के दौरान लापता हुए थे और सोमवार को उनका शव हीरापुर घाट के पास यमुना में मिला।
पुलिस ने मामले में आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। शव की शिनाख्त परिजनों द्वारा किए जाने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। घटना के बाद मंगरौल मुस्तकिल गांव में भी शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने किसान के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
किसान के लापता होने से लेकर शव मिलने तक करीब दो दिनों तक परिवार और ग्रामीण उनकी तलाश में जुटे रहे। नदी किनारे मिले कपड़े और जूतों के बाद जिस आशंका ने परिवार को घेरा था, वह सोमवार को शव मिलने के बाद सच साबित हुई। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होने की प्रतीक्षा है।