नवरात्रि-दुर्गापूजा को लेकर कालपी में प्रशासन सतर्क, एसडीएम ने धार्मिक स्थलों का लिया जायजा

0

देव पटेल

हिट एंड हॉट न्यूज़ संवाददाता जालौन

कालपी, जालौन, 8 अक्टूबर 2026।
नवरात्रि और दुर्गापूजा पर्व को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए कालपी प्रशासन ने तैयारियों को तेज कर दिया है। पर्व के दौरान मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर व्यवस्थाओं की समीक्षा शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में उपजिलाधिकारी विनय कुमार मौर्य ने गुरुवार को नगर क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया।

एसडीएम ने नगर पालिका परिषद के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ विभिन्न मंदिरों का भ्रमण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति जानी। इस दौरान उन्होंने धार्मिक स्थलों के आसपास साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, आने-जाने वाले मार्गों तथा सार्वजनिक स्थानों की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों से संभावित समस्याओं के बारे में जानकारी लेते हुए उन्होंने पर्व से पहले आवश्यक सुधार पूरा कराने के निर्देश दिए।

प्रशासन का प्रयास है कि नवरात्रि और दुर्गापूजा के दौरान पूजा-अर्चना के लिए आने वाले लोगों को किसी तरह की अव्यवस्था का सामना न करना पड़े। इसके लिए संबंधित विभागों को अपने-अपने दायित्वों के प्रति गंभीर रहने और आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा गया है।

पचपिंडा देवी और ठोड़ेश्वर मंदिर सहित प्रमुख स्थलों का निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी ने पचपिंडा देवी मंदिर, ठोड़ेश्वर मंदिर समेत नगर के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों का भ्रमण किया। उन्होंने मंदिर परिसरों में मौजूद व्यवस्थाओं को देखा और अधिकारियों से पर्व के दौरान संभावित श्रद्धालुओं की भीड़ को ध्यान में रखते हुए तैयारियों की जानकारी ली।

एसडीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि धार्मिक स्थलों पर सामान्य दिनों की व्यवस्था को ही पर्याप्त मानकर न चला जाए। पर्व के दौरान बढ़ने वाली भीड़ के अनुरूप अतिरिक्त इंतजाम पहले से किए जाएं। जिन स्थानों पर मौजूदा सुविधाएं अपर्याप्त हैं, वहां समय रहते सुधार कराया जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि समस्याएं सामने आने के बाद कार्रवाई करने की बजाय संभावित परेशानियों को पहले से पहचानकर उनका समाधान किया जाना चाहिए। इससे पर्व के दौरान अचानक उत्पन्न होने वाली स्थिति से निपटने में प्रशासन को आसानी होगी।

स्वच्छता व्यवस्था को लेकर दिए आवश्यक निर्देश

धार्मिक पर्वों के दौरान मंदिरों और उनके आसपास बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही होती है। इससे सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा-कचरा बढ़ने की संभावना रहती है। इसे देखते हुए उपजिलाधिकारी ने नगर पालिका परिषद को विशेष स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि केवल मंदिर परिसर की सफाई तक सीमित न रहा जाए, बल्कि मंदिरों तक पहुंचने वाली गलियों, संपर्क मार्गों और आसपास के सार्वजनिक स्थानों पर भी नियमित सफाई कराई जाए। जिन क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ रहने की संभावना है, वहां अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों की तैनाती की आवश्यकता होने पर उसकी व्यवस्था की जाए।

नगर पालिका के जिम्मेदार कर्मचारियों को सफाई व्यवस्था पर लगातार नजर रखने के लिए कहा गया। यदि किसी स्थान पर कूड़ा अधिक मात्रा में जमा होता है तो उसे तत्काल हटाया जाए। पर्व के दिनों में सफाई कार्य में किसी तरह की ढिलाई न बरतने के निर्देश भी दिए गए हैं।

प्रशासन की मंशा है कि धार्मिक स्थलों के आसपास स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण बना रहे तथा श्रद्धालुओं को पूजा-पाठ के दौरान किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।

खराब स्ट्रीट लाइट को समय रहते ठीक कराने पर जोर

नवरात्रि और दुर्गापूजा के अवसर पर धार्मिक स्थलों पर सुबह से लेकर देर रात तक श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में मंदिरों के साथ-साथ आसपास के रास्तों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था होना जरूरी है।

निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने धार्मिक स्थलों के आसपास लगी स्ट्रीट लाइटों और अन्य प्रकाश साधनों की स्थिति भी देखी। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों से जानकारी ली कि किन स्थानों पर रोशनी की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है और कहां प्रकाश उपकरण खराब हैं।

उन्होंने निर्देश दिया कि खराब पड़ी लाइटों की मरम्मत पर्व से पहले पूरी करा ली जाए। आवश्यकता वाले स्थानों पर अतिरिक्त प्रकाश की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। विशेष रूप से उन रास्तों और स्थानों पर ध्यान देने को कहा गया जहां शाम के बाद लोगों की आवाजाही अधिक रहती है।

प्रशासन का मानना है कि बेहतर प्रकाश व्यवस्था से श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिलेगी और अंधेरे वाले स्थानों के कारण उत्पन्न होने वाली संभावित परेशानियों को कम किया जा सकेगा।

मंदिरों तक जाने वाले रास्तों की भी होगी निगरानी

धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से मंदिरों के आसपास के रास्तों पर भी दबाव बढ़ जाता है। संकरे या अव्यवस्थित रास्तों के कारण पैदल आने-जाने वाले लोगों को परेशानी हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए एसडीएम ने मंदिरों तक पहुंचने वाले मार्गों की स्थिति पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि प्रमुख संपर्क मार्गों का पहले से निरीक्षण कर लिया जाए। कहीं रास्ते में गड्ढे, अवरोध या अन्य समस्या हो तो उसे पर्व से पहले दूर कराया जाए। जहां जरूरत हो, वहां आवागमन को सुविधाजनक बनाने के लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएं।

विभागों के बीच समन्वय पर जोर

एसडीएम विनय कुमार मौर्य ने कहा कि किसी भी बड़े धार्मिक आयोजन को सफल बनाने के लिए केवल एक विभाग की जिम्मेदारी पर्याप्त नहीं होती। नगर पालिका सहित सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करना होगा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पर्व से पहले अपने-अपने क्षेत्र की व्यवस्थाओं की समीक्षा करें और कमियों को चिन्हित कर उनका समाधान करें। प्रशासनिक टीम को मौके पर उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों के लिए भी तैयार रहने को कहा गया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को यह भी संदेश दिया गया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता में रखा जाए। धार्मिक स्थलों पर स्वच्छता, रोशनी और सुगम आवागमन जैसी मूलभूत व्यवस्थाएं बेहतर रहने से पर्व का आयोजन अधिक व्यवस्थित तरीके से कराया जा सकेगा।

पर्व से पहले तैयारियां पूरी करने का लक्ष्य

कालपी प्रशासन की ओर से किए जा रहे निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य पर्व शुरू होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त करना है। नवरात्रि और दुर्गापूजा के दौरान नगर के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही नहीं चाहता।

एसडीएम के निरीक्षण के बाद संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यवस्थाओं में सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। अब संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है कि निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को समय रहते दूर करें।

प्रशासन की तैयारियों से यह स्पष्ट है कि पर्व के दौरान धार्मिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और सुगम आवागमन को प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों का प्रयास है कि श्रद्धालु बिना किसी अनावश्यक परेशानी के मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना कर सकें और नवरात्रि व दुर्गापूजा का आयोजन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित वातावरण में संपन्न हो।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

इन्हे भी देखें

ताज़ा खबरें • ब्रेकिंग न्यूज़ • नेशनल और इंटरनेशनल अपडेट

नवरात्रि-दुर्गापूजा को लेकर कालपी में प्रशासन सतर्क, एसडीएम ने धार्मिक स्थलों का लिया जायजा

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:अक्टूबर 8, 2026

देव पटेल

हिट एंड हॉट न्यूज़ संवाददाता जालौन

कालपी, जालौन, 8 अक्टूबर 2026।
नवरात्रि और दुर्गापूजा पर्व को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए कालपी प्रशासन ने तैयारियों को तेज कर दिया है। पर्व के दौरान मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर व्यवस्थाओं की समीक्षा शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में उपजिलाधिकारी विनय कुमार मौर्य ने गुरुवार को नगर क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया।

एसडीएम ने नगर पालिका परिषद के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ विभिन्न मंदिरों का भ्रमण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति जानी। इस दौरान उन्होंने धार्मिक स्थलों के आसपास साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, आने-जाने वाले मार्गों तथा सार्वजनिक स्थानों की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों से संभावित समस्याओं के बारे में जानकारी लेते हुए उन्होंने पर्व से पहले आवश्यक सुधार पूरा कराने के निर्देश दिए।

प्रशासन का प्रयास है कि नवरात्रि और दुर्गापूजा के दौरान पूजा-अर्चना के लिए आने वाले लोगों को किसी तरह की अव्यवस्था का सामना न करना पड़े। इसके लिए संबंधित विभागों को अपने-अपने दायित्वों के प्रति गंभीर रहने और आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा गया है।

पचपिंडा देवी और ठोड़ेश्वर मंदिर सहित प्रमुख स्थलों का निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी ने पचपिंडा देवी मंदिर, ठोड़ेश्वर मंदिर समेत नगर के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों का भ्रमण किया। उन्होंने मंदिर परिसरों में मौजूद व्यवस्थाओं को देखा और अधिकारियों से पर्व के दौरान संभावित श्रद्धालुओं की भीड़ को ध्यान में रखते हुए तैयारियों की जानकारी ली।

एसडीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि धार्मिक स्थलों पर सामान्य दिनों की व्यवस्था को ही पर्याप्त मानकर न चला जाए। पर्व के दौरान बढ़ने वाली भीड़ के अनुरूप अतिरिक्त इंतजाम पहले से किए जाएं। जिन स्थानों पर मौजूदा सुविधाएं अपर्याप्त हैं, वहां समय रहते सुधार कराया जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि समस्याएं सामने आने के बाद कार्रवाई करने की बजाय संभावित परेशानियों को पहले से पहचानकर उनका समाधान किया जाना चाहिए। इससे पर्व के दौरान अचानक उत्पन्न होने वाली स्थिति से निपटने में प्रशासन को आसानी होगी।

स्वच्छता व्यवस्था को लेकर दिए आवश्यक निर्देश

धार्मिक पर्वों के दौरान मंदिरों और उनके आसपास बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही होती है। इससे सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा-कचरा बढ़ने की संभावना रहती है। इसे देखते हुए उपजिलाधिकारी ने नगर पालिका परिषद को विशेष स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि केवल मंदिर परिसर की सफाई तक सीमित न रहा जाए, बल्कि मंदिरों तक पहुंचने वाली गलियों, संपर्क मार्गों और आसपास के सार्वजनिक स्थानों पर भी नियमित सफाई कराई जाए। जिन क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ रहने की संभावना है, वहां अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों की तैनाती की आवश्यकता होने पर उसकी व्यवस्था की जाए।

नगर पालिका के जिम्मेदार कर्मचारियों को सफाई व्यवस्था पर लगातार नजर रखने के लिए कहा गया। यदि किसी स्थान पर कूड़ा अधिक मात्रा में जमा होता है तो उसे तत्काल हटाया जाए। पर्व के दिनों में सफाई कार्य में किसी तरह की ढिलाई न बरतने के निर्देश भी दिए गए हैं।

प्रशासन की मंशा है कि धार्मिक स्थलों के आसपास स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण बना रहे तथा श्रद्धालुओं को पूजा-पाठ के दौरान किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।

खराब स्ट्रीट लाइट को समय रहते ठीक कराने पर जोर

नवरात्रि और दुर्गापूजा के अवसर पर धार्मिक स्थलों पर सुबह से लेकर देर रात तक श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में मंदिरों के साथ-साथ आसपास के रास्तों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था होना जरूरी है।

निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने धार्मिक स्थलों के आसपास लगी स्ट्रीट लाइटों और अन्य प्रकाश साधनों की स्थिति भी देखी। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों से जानकारी ली कि किन स्थानों पर रोशनी की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है और कहां प्रकाश उपकरण खराब हैं।

उन्होंने निर्देश दिया कि खराब पड़ी लाइटों की मरम्मत पर्व से पहले पूरी करा ली जाए। आवश्यकता वाले स्थानों पर अतिरिक्त प्रकाश की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। विशेष रूप से उन रास्तों और स्थानों पर ध्यान देने को कहा गया जहां शाम के बाद लोगों की आवाजाही अधिक रहती है।

प्रशासन का मानना है कि बेहतर प्रकाश व्यवस्था से श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिलेगी और अंधेरे वाले स्थानों के कारण उत्पन्न होने वाली संभावित परेशानियों को कम किया जा सकेगा।

मंदिरों तक जाने वाले रास्तों की भी होगी निगरानी

धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से मंदिरों के आसपास के रास्तों पर भी दबाव बढ़ जाता है। संकरे या अव्यवस्थित रास्तों के कारण पैदल आने-जाने वाले लोगों को परेशानी हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए एसडीएम ने मंदिरों तक पहुंचने वाले मार्गों की स्थिति पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि प्रमुख संपर्क मार्गों का पहले से निरीक्षण कर लिया जाए। कहीं रास्ते में गड्ढे, अवरोध या अन्य समस्या हो तो उसे पर्व से पहले दूर कराया जाए। जहां जरूरत हो, वहां आवागमन को सुविधाजनक बनाने के लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएं।

विभागों के बीच समन्वय पर जोर

एसडीएम विनय कुमार मौर्य ने कहा कि किसी भी बड़े धार्मिक आयोजन को सफल बनाने के लिए केवल एक विभाग की जिम्मेदारी पर्याप्त नहीं होती। नगर पालिका सहित सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करना होगा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पर्व से पहले अपने-अपने क्षेत्र की व्यवस्थाओं की समीक्षा करें और कमियों को चिन्हित कर उनका समाधान करें। प्रशासनिक टीम को मौके पर उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों के लिए भी तैयार रहने को कहा गया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को यह भी संदेश दिया गया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता में रखा जाए। धार्मिक स्थलों पर स्वच्छता, रोशनी और सुगम आवागमन जैसी मूलभूत व्यवस्थाएं बेहतर रहने से पर्व का आयोजन अधिक व्यवस्थित तरीके से कराया जा सकेगा।

पर्व से पहले तैयारियां पूरी करने का लक्ष्य

कालपी प्रशासन की ओर से किए जा रहे निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य पर्व शुरू होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त करना है। नवरात्रि और दुर्गापूजा के दौरान नगर के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही नहीं चाहता।

एसडीएम के निरीक्षण के बाद संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यवस्थाओं में सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। अब संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है कि निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को समय रहते दूर करें।

प्रशासन की तैयारियों से यह स्पष्ट है कि पर्व के दौरान धार्मिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और सुगम आवागमन को प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों का प्रयास है कि श्रद्धालु बिना किसी अनावश्यक परेशानी के मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना कर सकें और नवरात्रि व दुर्गापूजा का आयोजन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित वातावरण में संपन्न हो।