लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन पर फजलगंज में खाद्य कारोबार बंद, 5.88 लाख का माल सीज

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अमरेश त्रिपाठी

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ कानपुर देहात

कानपुर नगर। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उनके निर्माण-पैकिंग में निर्धारित नियमों के पालन को लेकर कानपुर नगर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश तथा जिलाधिकारी कानपुर नगर के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने फजलगंज क्षेत्र में एक खाद्य प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया। जांच के दौरान लाइसेंस में दर्ज श्रेणी के अनुरूप खाद्य पदार्थ की पैकिंग नहीं पाए जाने पर विभाग ने संबंधित प्रतिष्ठान का खाद्य कारोबार अग्रिम आदेश तक बंद करा दिया।

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कार्रवाई के दौरान विभागीय अधिकारियों ने मौके से प्रोपराइटी एडिबल फैट के तीन अलग-अलग नमूने भी लिए। इन नमूनों को गुणवत्ता और मानकों की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभाग का कहना है कि प्रयोगशाला से रिपोर्ट मिलने के बाद नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

औचक निरीक्षण में सामने आया लाइसेंस संबंधी मामला

जानकारी के अनुसार खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने गुरुवार को फजलगंज स्थित पुरुषाना फूड प्रोडक्ट्स के प्रतिष्ठान पर अचानक निरीक्षण किया। विभागीय अधिकारियों ने वहां खाद्य पदार्थों के निर्माण, पैकिंग, भंडारण और लाइसेंस से संबंधित दस्तावेजों की जांच की।

निरीक्षण के दौरान टीम को प्रोपराइटी एडिबल फैट की पैकिंग ऐसी श्रेणी में होती मिली, जो प्रतिष्ठान के खाद्य लाइसेंस में निर्धारित श्रेणी के अनुरूप नहीं थी। खाद्य कारोबार के लिए जारी लाइसेंस में जिस श्रेणी के उत्पादों की अनुमति होती है, कारोबार को उसी के दायरे में संचालित करना आवश्यक होता है।

अधिकारियों ने लाइसेंस की शर्तों से अलग गतिविधि पाए जाने को गंभीरता से लेते हुए संबंधित खाद्य प्रतिष्ठान का कारोबार तत्काल प्रभाव से अग्रिम आदेश तक बंद करा दिया। विभाग की इस कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों में भी नियमों के पालन को लेकर सतर्कता बढ़ने की संभावना है।

तीन नमूने जांच के लिए किए गए संग्रहित

निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने प्रोपराइटी एडिबल फैट के तीन नमूने भी संग्रहित किए। विभाग ने इन नमूनों को संदेह के आधार पर जांच के लिए लिया है। नमूनों की प्रयोगशाला जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि संबंधित खाद्य उत्पाद निर्धारित गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।

खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक किसी भी खाद्य पदार्थ के नमूने की जांच रिपोर्ट कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि प्रयोगशाला रिपोर्ट में किसी तरह की कमी या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित खाद्य कारोबारी के खिलाफ प्रचलित नियमों के तहत आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा सकती है।

780 लीटर तैयार उत्पाद किया गया सीज

छापेमारी के दौरान विभागीय टीम ने प्रतिष्ठान परिसर में तैयार प्रोपराइटी एडिबल फैट के 52 गत्ते अपने कब्जे में लेकर सीज कर दिए। इन गत्तों में कुल करीब 780 लीटर खाद्य उत्पाद बताया गया है। विभाग ने इसकी अनुमानित कीमत 2 लाख 57 हजार 400 रुपये आंकी है।

तैयार खाद्य उत्पाद के अलावा निर्माण प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाली सामग्री पर भी विभाग ने कार्रवाई की। मौके से करीब 150 किलोग्राम वनस्पति सीज की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 20 हजार 610 रुपये बताई गई है। इसी तरह 133 लीटर रिफाइंड सोयाबीन तेल भी सीज किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 22 हजार 211 रुपये है।

इस कार्रवाई के जरिए विभाग ने न केवल तैयार खाद्य उत्पाद को अपने नियंत्रण में लिया, बल्कि उससे संबंधित कच्चे माल को भी सुरक्षित अभिरक्षा में रखवाया।

साकेत नगर में भी दूसरी टीम की कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई केवल फजलगंज तक सीमित नहीं रही। विभाग की एक अन्य टीम ने एम/एस सताक्षी ट्रेडर्स, 127/54 साकेत नगर, जूही में भी निरीक्षण एवं सीज की कार्रवाई की।

इस प्रतिष्ठान से रिफाइंड मूंगफली तेल के 108 गत्ते सीज किए गए। इन गत्तों में कुल 2,496 बोतलें होने की जानकारी दी गई है। विभाग ने जब्त किए गए तेल की अनुमानित कीमत करीब 2 लाख 88 हजार रुपये बताई है।

दोनों स्थानों पर की गई कार्रवाई में तैयार खाद्य पदार्थों और कच्चे माल को मिलाकर कुल 5 लाख 88 हजार 221 रुपये मूल्य की सामग्री सीज की गई। सीज किए गए खाद्य पदार्थों एवं कच्चे माल को खाद्य कारोबारी की सुरक्षित अभिरक्षा में सौंपा गया है, ताकि विभागीय प्रक्रिया पूरी होने तक उनकी निगरानी बनी रहे।

नियमों के पालन पर विभाग की नजर

खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई से यह संकेत भी मिला है कि खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों के लाइसेंस और उनकी निर्धारित श्रेणियों की जांच को लेकर विभाग गंभीर है। खाद्य कारोबारियों के लिए केवल लाइसेंस प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें लाइसेंस में निर्धारित शर्तों और अनुमत श्रेणी के अनुसार ही कारोबार करना होता है।

उत्पाद के निर्माण, पैकिंग, लेबलिंग, भंडारण और बिक्री से संबंधित नियमों का पालन खाद्य सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इन नियमों का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित और मानक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।

जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई

सहायक आयुक्त (खाद्य सुरक्षा) संजय प्रताप सिंह के अनुसार निरीक्षण के दौरान लाइसेंस में निर्धारित श्रेणी से अलग खाद्य पदार्थ की पैकिंग पाए जाने के कारण संबंधित प्रतिष्ठान का खाद्य कारोबार अग्रिम आदेश तक बंद कराया गया है।

उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दौरान लिए गए खाद्य नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उसके निष्कर्षों के आधार पर नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि खाद्य पदार्थों से जुड़े मामलों में जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचा जाता है। इसलिए नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद ही संबंधित उत्पादों की गुणवत्ता और अन्य तकनीकी पहलुओं को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।

कारोबारियों के लिए भी सतर्क रहने का संदेश

खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई को कारोबारियों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। खाद्य प्रतिष्ठानों को अपने लाइसेंस की शर्तों, उत्पाद श्रेणी और पैकिंग से जुड़े प्रावधानों का नियमित रूप से पालन करना आवश्यक है। नियमों से अलग जाकर कारोबार करने पर विभाग निरीक्षण और कानूनी कार्रवाई कर सकता है।

कानपुर नगर में हुई इस कार्रवाई के दौरान एक ही अभियान में लाखों रुपये मूल्य के खाद्य पदार्थ एवं कच्चे माल को सीज किया गया। साथ ही संबंधित प्रतिष्ठान से नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। अब विभागीय जांच और प्रयोगशाला रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी।

खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से की गई यह कार्रवाई उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए खाद्य कारोबार में निर्धारित मानकों और लाइसेंस शर्तों के पालन की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

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लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन पर फजलगंज में खाद्य कारोबार बंद, 5.88 लाख का माल सीज

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:अक्टूबर 9, 2026

अमरेश त्रिपाठी

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ कानपुर देहात

कानपुर नगर। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उनके निर्माण-पैकिंग में निर्धारित नियमों के पालन को लेकर कानपुर नगर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश तथा जिलाधिकारी कानपुर नगर के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने फजलगंज क्षेत्र में एक खाद्य प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया। जांच के दौरान लाइसेंस में दर्ज श्रेणी के अनुरूप खाद्य पदार्थ की पैकिंग नहीं पाए जाने पर विभाग ने संबंधित प्रतिष्ठान का खाद्य कारोबार अग्रिम आदेश तक बंद करा दिया।

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कार्रवाई के दौरान विभागीय अधिकारियों ने मौके से प्रोपराइटी एडिबल फैट के तीन अलग-अलग नमूने भी लिए। इन नमूनों को गुणवत्ता और मानकों की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभाग का कहना है कि प्रयोगशाला से रिपोर्ट मिलने के बाद नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

औचक निरीक्षण में सामने आया लाइसेंस संबंधी मामला

जानकारी के अनुसार खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने गुरुवार को फजलगंज स्थित पुरुषाना फूड प्रोडक्ट्स के प्रतिष्ठान पर अचानक निरीक्षण किया। विभागीय अधिकारियों ने वहां खाद्य पदार्थों के निर्माण, पैकिंग, भंडारण और लाइसेंस से संबंधित दस्तावेजों की जांच की।

निरीक्षण के दौरान टीम को प्रोपराइटी एडिबल फैट की पैकिंग ऐसी श्रेणी में होती मिली, जो प्रतिष्ठान के खाद्य लाइसेंस में निर्धारित श्रेणी के अनुरूप नहीं थी। खाद्य कारोबार के लिए जारी लाइसेंस में जिस श्रेणी के उत्पादों की अनुमति होती है, कारोबार को उसी के दायरे में संचालित करना आवश्यक होता है।

अधिकारियों ने लाइसेंस की शर्तों से अलग गतिविधि पाए जाने को गंभीरता से लेते हुए संबंधित खाद्य प्रतिष्ठान का कारोबार तत्काल प्रभाव से अग्रिम आदेश तक बंद करा दिया। विभाग की इस कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों में भी नियमों के पालन को लेकर सतर्कता बढ़ने की संभावना है।

तीन नमूने जांच के लिए किए गए संग्रहित

निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने प्रोपराइटी एडिबल फैट के तीन नमूने भी संग्रहित किए। विभाग ने इन नमूनों को संदेह के आधार पर जांच के लिए लिया है। नमूनों की प्रयोगशाला जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि संबंधित खाद्य उत्पाद निर्धारित गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।

खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक किसी भी खाद्य पदार्थ के नमूने की जांच रिपोर्ट कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि प्रयोगशाला रिपोर्ट में किसी तरह की कमी या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित खाद्य कारोबारी के खिलाफ प्रचलित नियमों के तहत आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा सकती है।

780 लीटर तैयार उत्पाद किया गया सीज

छापेमारी के दौरान विभागीय टीम ने प्रतिष्ठान परिसर में तैयार प्रोपराइटी एडिबल फैट के 52 गत्ते अपने कब्जे में लेकर सीज कर दिए। इन गत्तों में कुल करीब 780 लीटर खाद्य उत्पाद बताया गया है। विभाग ने इसकी अनुमानित कीमत 2 लाख 57 हजार 400 रुपये आंकी है।

तैयार खाद्य उत्पाद के अलावा निर्माण प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाली सामग्री पर भी विभाग ने कार्रवाई की। मौके से करीब 150 किलोग्राम वनस्पति सीज की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 20 हजार 610 रुपये बताई गई है। इसी तरह 133 लीटर रिफाइंड सोयाबीन तेल भी सीज किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 22 हजार 211 रुपये है।

इस कार्रवाई के जरिए विभाग ने न केवल तैयार खाद्य उत्पाद को अपने नियंत्रण में लिया, बल्कि उससे संबंधित कच्चे माल को भी सुरक्षित अभिरक्षा में रखवाया।

साकेत नगर में भी दूसरी टीम की कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई केवल फजलगंज तक सीमित नहीं रही। विभाग की एक अन्य टीम ने एम/एस सताक्षी ट्रेडर्स, 127/54 साकेत नगर, जूही में भी निरीक्षण एवं सीज की कार्रवाई की।

इस प्रतिष्ठान से रिफाइंड मूंगफली तेल के 108 गत्ते सीज किए गए। इन गत्तों में कुल 2,496 बोतलें होने की जानकारी दी गई है। विभाग ने जब्त किए गए तेल की अनुमानित कीमत करीब 2 लाख 88 हजार रुपये बताई है।

दोनों स्थानों पर की गई कार्रवाई में तैयार खाद्य पदार्थों और कच्चे माल को मिलाकर कुल 5 लाख 88 हजार 221 रुपये मूल्य की सामग्री सीज की गई। सीज किए गए खाद्य पदार्थों एवं कच्चे माल को खाद्य कारोबारी की सुरक्षित अभिरक्षा में सौंपा गया है, ताकि विभागीय प्रक्रिया पूरी होने तक उनकी निगरानी बनी रहे।

नियमों के पालन पर विभाग की नजर

खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई से यह संकेत भी मिला है कि खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों के लाइसेंस और उनकी निर्धारित श्रेणियों की जांच को लेकर विभाग गंभीर है। खाद्य कारोबारियों के लिए केवल लाइसेंस प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें लाइसेंस में निर्धारित शर्तों और अनुमत श्रेणी के अनुसार ही कारोबार करना होता है।

उत्पाद के निर्माण, पैकिंग, लेबलिंग, भंडारण और बिक्री से संबंधित नियमों का पालन खाद्य सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इन नियमों का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित और मानक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।

जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई

सहायक आयुक्त (खाद्य सुरक्षा) संजय प्रताप सिंह के अनुसार निरीक्षण के दौरान लाइसेंस में निर्धारित श्रेणी से अलग खाद्य पदार्थ की पैकिंग पाए जाने के कारण संबंधित प्रतिष्ठान का खाद्य कारोबार अग्रिम आदेश तक बंद कराया गया है।

उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दौरान लिए गए खाद्य नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उसके निष्कर्षों के आधार पर नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि खाद्य पदार्थों से जुड़े मामलों में जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचा जाता है। इसलिए नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद ही संबंधित उत्पादों की गुणवत्ता और अन्य तकनीकी पहलुओं को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।

कारोबारियों के लिए भी सतर्क रहने का संदेश

खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई को कारोबारियों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। खाद्य प्रतिष्ठानों को अपने लाइसेंस की शर्तों, उत्पाद श्रेणी और पैकिंग से जुड़े प्रावधानों का नियमित रूप से पालन करना आवश्यक है। नियमों से अलग जाकर कारोबार करने पर विभाग निरीक्षण और कानूनी कार्रवाई कर सकता है।

कानपुर नगर में हुई इस कार्रवाई के दौरान एक ही अभियान में लाखों रुपये मूल्य के खाद्य पदार्थ एवं कच्चे माल को सीज किया गया। साथ ही संबंधित प्रतिष्ठान से नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। अब विभागीय जांच और प्रयोगशाला रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी।

खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से की गई यह कार्रवाई उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए खाद्य कारोबार में निर्धारित मानकों और लाइसेंस शर्तों के पालन की आवश्यकता को रेखांकित करती है।