कालपी समाधान दिवस में अधिकारियों को सख्त निर्देश, तीन शिकायतें आईं, दो का मौके पर निस्तारण

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देव पटेल

हिट एंड हॉट न्यूज़ संवाददाता जालौन

कालपी, जालौन | 10 अक्टूबर 2026

उत्तर प्रदेश के जालौन जिले की कालपी तहसील क्षेत्र में शनिवार को कोतवाली परिसर स्थित अतिथि गृह में समाधान दिवस का आयोजन किया गया। उप जिलाधिकारी विनय कुमार मौर्य की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने भाग लिया। समाधान दिवस के दौरान फरियादियों की समस्याएं सुनकर उनके निस्तारण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। इस अवसर पर कुल तीन शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से दो मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायत पर संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

समाधान दिवस का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाना और उनका समयबद्ध तरीके से समाधान सुनिश्चित करना रहा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शिकायतों को केवल औपचारिकता मानकर दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक प्रकरण की वास्तविक स्थिति की जांच करके उचित कार्रवाई करना जरूरी है।

शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर एसडीएम ने दिया जोर

समाधान दिवस की अध्यक्षता करते हुए उप जिलाधिकारी विनय कुमार मौर्य ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कोतवाली में प्राप्त होने वाली शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समयसीमा के भीतर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए, जिससे फरियादियों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी समझाया कि भूमि विवाद, कब्जे से संबंधित मामले और अन्य स्थानीय समस्याओं में तथ्यों की जांच करना आवश्यक है। किसी भी शिकायत पर कार्रवाई करते समय दोनों पक्षों की बात सुनने तथा उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर उचित निर्णय लेने की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।

एसडीएम ने राजस्व विभाग के कर्मचारियों को अपने कामकाज में नियमितता बनाए रखने और आवश्यक अभिलेखों को अद्यतन रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने उपस्थित लेखपालों से कहा कि वे अपने संबंधित कंप्यूटर सिस्टम में जरूरी जानकारी की फीडिंग समय से पूरी करें, ताकि राजस्व संबंधी कार्यों में अनावश्यक देरी न हो।

पुलिस अधिकारियों को सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश

समाधान दिवस में मौजूद पुलिस उपाधीक्षक राजेश कमल ने प्रभारी निरीक्षक और अन्य पुलिसकर्मियों को शिकायतों के निस्तारण में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में राजस्व विभाग को पुलिस सहायता की आवश्यकता हो, वहां नियमानुसार पुलिस बल उपलब्ध कराया जाए, जिससे जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया समय से पूरी हो सके।

उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने पर जोर देते हुए कहा कि पुलिस और राजस्व विभाग के बीच बेहतर तालमेल से भूमि विवादों सहित विभिन्न समस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।

समाधान दिवस में अधिकारियों की मौजूदगी का उद्देश्य भी यही रहा कि शिकायतकर्ता को अपनी समस्या के समाधान के लिए अलग-अलग कार्यालयों में भटकना न पड़े और संबंधित विभाग मौके की जरूरत के अनुसार कार्रवाई कर सकें।

दमदमा गांव में जमीन पर कब्जे की शिकायत

समाधान दिवस के दौरान दमदमा निवासी देवेंद्र वर्मा ने अपनी जमीन से संबंधित शिकायत अधिकारियों के सामने रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी पक्ष ने उनकी आराजी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मांग की कि संबंधित भूमि की पैमाइश कराने के लिए राजस्व विभाग की टीम भेजी जाए।

देवेंद्र वर्मा ने कहा कि भूमि की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के बाद यदि जांच में अवैध कब्जे की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार कब्जा हटवाकर उन्हें उनकी जमीन पर अधिकार दिलाया जाए।

इस प्रकार की शिकायतों में राजस्व अभिलेखों, जमीन की सीमाओं और मौके की स्थिति का सत्यापन महत्वपूर्ण माना जाता है। इसलिए भूमि विवाद का निष्पक्ष समाधान करने के लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा जांच और पैमाइश की प्रक्रिया अपनाना आवश्यक है।

खड़ी खरीफ फसल काटने में बाधा डालने का आरोप

भट्टीपुरा मोहल्ले की निवासी मीरा देवी ने भी समाधान दिवस में अपनी समस्या अधिकारियों के सामने रखी। उन्होंने बताया कि ग्राम मैनूपुर मौजा में उनकी आराजी भूमि स्थित है, जिसमें खरीफ की फसल खड़ी हुई है। उनके अनुसार, विपक्षी पक्ष फसल काटने में बाधा उत्पन्न कर रहा है, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मीरा देवी ने प्रशासन से मांग की कि मामले की जांच कराई जाए और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए उन्हें अपनी खड़ी फसल की कटाई करने में आ रही बाधा से राहत दिलाई जाए।

खेती-किसानी से जुड़े ऐसे विवादों में समय पर कार्रवाई करना महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि फसल कटाई में देरी होने से किसानों को आर्थिक नुकसान की आशंका रहती है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच के बाद ही की जा सकती है।

पति-पत्नी के विवाद पर परामर्श केंद्र के माध्यम से समाधान के निर्देश

समाधान दिवस के दौरान पारिवारिक विवाद से जुड़े मामले पर भी चर्चा हुई। उप जिलाधिकारी विनय कुमार मौर्य ने पति-पत्नी के बीच विवाद को सुनने के बाद संबंधित पक्षों को परामर्श के माध्यम से समस्या सुलझाने की दिशा में कदम उठाने के निर्देश दिए।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि मामले में विपक्षी पक्ष को नियमानुसार नोटिस जारी कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाए और परामर्श केंद्र की सहायता से विवाद के समाधान का प्रयास किया जाए।

पारिवारिक विवादों में संवाद और आपसी सहमति की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे मामलों में संबंधित पक्षों की बात सुनकर नियमानुसार कार्रवाई करने से समस्या का उचित समाधान खोजने में सहायता मिल सकती है।

राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी रहे मौजूद

कालपी कोतवाली में आयोजित समाधान दिवस में पुलिस तथा राजस्व विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रभारी निरीक्षक अजय ब्रह्म तिवारी, अतिरिक्त कानून इंस्पेक्टर अवनीश कुमार, वरिष्ठ उपनिरीक्षक उदय प्रताप सिंह, राजस्व निरीक्षक राजेंद्र बाबू सोनी और सदर लेखपाल जितेंद्र सिंह सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

इसके अतिरिक्त लेखपाल जितेंद्र राजपूत, जितेंद्र वर्मा, विभा, राहुल कुमार, प्रिया सिंह चौहान, राजकमल, आदर्श सिंह जादौन, आकाश चौधरी और हरगोविंद समेत अन्य राजस्व कर्मियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

अधिकारियों की मौजूदगी में शिकायतों को सुनने और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश देने की प्रक्रिया पूरी की गई। कार्यक्रम में राजस्व से जुड़े मामलों के साथ-साथ पारिवारिक विवाद की समस्या पर भी ध्यान दिया गया।

समय पर कार्रवाई से फरियादियों को मिलेगी राहत

समाधान दिवस जैसे आयोजन प्रशासन और आम नागरिकों के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इनके जरिए लोग अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के सामने रख सकते हैं। भूमि विवाद, फसल कटाई में बाधा, राजस्व अभिलेखों से जुड़ी परेशानी और पारिवारिक विवाद जैसे मामलों में संबंधित विभागों की संयुक्त भूमिका महत्वपूर्ण रहती है।

कालपी में आयोजित समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों ने शिकायतों के निस्तारण में देरी नहीं करने और प्रत्येक प्रकरण पर उचित कार्रवाई करने की आवश्यकता पर जोर दिया। तीन शिकायतों में से दो का तत्काल निस्तारण किया जाना कार्यक्रम का प्रमुख परिणाम रहा।

हालांकि, प्रशासनिक व्यवस्था की प्रभावशीलता का आकलन केवल मौके पर निस्तारित मामलों की संख्या से नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तव में मिली राहत और शेष मामलों पर हुई कार्रवाई से भी किया जाता है।

ऐसे में संबंधित अधिकारियों के सामने यह जिम्मेदारी है कि वे प्राप्त शिकायतों की प्रगति पर नजर रखें और आवश्यक कार्रवाई को निर्धारित समय के भीतर पूरा करें। इससे आम जनता का प्रशासन पर भरोसा मजबूत होगा और स्थानीय स्तर पर समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन सकेगी।

निष्कर्ष: कालपी में आयोजित समाधान दिवस में उप जिलाधिकारी विनय कुमार मौर्य और पुलिस उपाधीक्षक राजेश कमल ने अधिकारियों को शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। कार्यक्रम में तीन शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें दो का मौके पर समाधान किया गया। शेष मामलों में संबंधित विभागों की आगे की कार्रवाई से शिकायतकर्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।

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कालपी समाधान दिवस में अधिकारियों को सख्त निर्देश, तीन शिकायतें आईं, दो का मौके पर निस्तारण

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:अक्टूबर 11, 2026

देव पटेल

हिट एंड हॉट न्यूज़ संवाददाता जालौन

कालपी, जालौन | 10 अक्टूबर 2026

उत्तर प्रदेश के जालौन जिले की कालपी तहसील क्षेत्र में शनिवार को कोतवाली परिसर स्थित अतिथि गृह में समाधान दिवस का आयोजन किया गया। उप जिलाधिकारी विनय कुमार मौर्य की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने भाग लिया। समाधान दिवस के दौरान फरियादियों की समस्याएं सुनकर उनके निस्तारण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। इस अवसर पर कुल तीन शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से दो मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायत पर संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

समाधान दिवस का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाना और उनका समयबद्ध तरीके से समाधान सुनिश्चित करना रहा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शिकायतों को केवल औपचारिकता मानकर दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक प्रकरण की वास्तविक स्थिति की जांच करके उचित कार्रवाई करना जरूरी है।

शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर एसडीएम ने दिया जोर

समाधान दिवस की अध्यक्षता करते हुए उप जिलाधिकारी विनय कुमार मौर्य ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कोतवाली में प्राप्त होने वाली शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समयसीमा के भीतर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए, जिससे फरियादियों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी समझाया कि भूमि विवाद, कब्जे से संबंधित मामले और अन्य स्थानीय समस्याओं में तथ्यों की जांच करना आवश्यक है। किसी भी शिकायत पर कार्रवाई करते समय दोनों पक्षों की बात सुनने तथा उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर उचित निर्णय लेने की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।

एसडीएम ने राजस्व विभाग के कर्मचारियों को अपने कामकाज में नियमितता बनाए रखने और आवश्यक अभिलेखों को अद्यतन रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने उपस्थित लेखपालों से कहा कि वे अपने संबंधित कंप्यूटर सिस्टम में जरूरी जानकारी की फीडिंग समय से पूरी करें, ताकि राजस्व संबंधी कार्यों में अनावश्यक देरी न हो।

पुलिस अधिकारियों को सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश

समाधान दिवस में मौजूद पुलिस उपाधीक्षक राजेश कमल ने प्रभारी निरीक्षक और अन्य पुलिसकर्मियों को शिकायतों के निस्तारण में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में राजस्व विभाग को पुलिस सहायता की आवश्यकता हो, वहां नियमानुसार पुलिस बल उपलब्ध कराया जाए, जिससे जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया समय से पूरी हो सके।

उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने पर जोर देते हुए कहा कि पुलिस और राजस्व विभाग के बीच बेहतर तालमेल से भूमि विवादों सहित विभिन्न समस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।

समाधान दिवस में अधिकारियों की मौजूदगी का उद्देश्य भी यही रहा कि शिकायतकर्ता को अपनी समस्या के समाधान के लिए अलग-अलग कार्यालयों में भटकना न पड़े और संबंधित विभाग मौके की जरूरत के अनुसार कार्रवाई कर सकें।

दमदमा गांव में जमीन पर कब्जे की शिकायत

समाधान दिवस के दौरान दमदमा निवासी देवेंद्र वर्मा ने अपनी जमीन से संबंधित शिकायत अधिकारियों के सामने रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी पक्ष ने उनकी आराजी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मांग की कि संबंधित भूमि की पैमाइश कराने के लिए राजस्व विभाग की टीम भेजी जाए।

देवेंद्र वर्मा ने कहा कि भूमि की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के बाद यदि जांच में अवैध कब्जे की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार कब्जा हटवाकर उन्हें उनकी जमीन पर अधिकार दिलाया जाए।

इस प्रकार की शिकायतों में राजस्व अभिलेखों, जमीन की सीमाओं और मौके की स्थिति का सत्यापन महत्वपूर्ण माना जाता है। इसलिए भूमि विवाद का निष्पक्ष समाधान करने के लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा जांच और पैमाइश की प्रक्रिया अपनाना आवश्यक है।

खड़ी खरीफ फसल काटने में बाधा डालने का आरोप

भट्टीपुरा मोहल्ले की निवासी मीरा देवी ने भी समाधान दिवस में अपनी समस्या अधिकारियों के सामने रखी। उन्होंने बताया कि ग्राम मैनूपुर मौजा में उनकी आराजी भूमि स्थित है, जिसमें खरीफ की फसल खड़ी हुई है। उनके अनुसार, विपक्षी पक्ष फसल काटने में बाधा उत्पन्न कर रहा है, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मीरा देवी ने प्रशासन से मांग की कि मामले की जांच कराई जाए और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए उन्हें अपनी खड़ी फसल की कटाई करने में आ रही बाधा से राहत दिलाई जाए।

खेती-किसानी से जुड़े ऐसे विवादों में समय पर कार्रवाई करना महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि फसल कटाई में देरी होने से किसानों को आर्थिक नुकसान की आशंका रहती है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच के बाद ही की जा सकती है।

पति-पत्नी के विवाद पर परामर्श केंद्र के माध्यम से समाधान के निर्देश

समाधान दिवस के दौरान पारिवारिक विवाद से जुड़े मामले पर भी चर्चा हुई। उप जिलाधिकारी विनय कुमार मौर्य ने पति-पत्नी के बीच विवाद को सुनने के बाद संबंधित पक्षों को परामर्श के माध्यम से समस्या सुलझाने की दिशा में कदम उठाने के निर्देश दिए।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि मामले में विपक्षी पक्ष को नियमानुसार नोटिस जारी कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाए और परामर्श केंद्र की सहायता से विवाद के समाधान का प्रयास किया जाए।

पारिवारिक विवादों में संवाद और आपसी सहमति की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे मामलों में संबंधित पक्षों की बात सुनकर नियमानुसार कार्रवाई करने से समस्या का उचित समाधान खोजने में सहायता मिल सकती है।

राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी रहे मौजूद

कालपी कोतवाली में आयोजित समाधान दिवस में पुलिस तथा राजस्व विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रभारी निरीक्षक अजय ब्रह्म तिवारी, अतिरिक्त कानून इंस्पेक्टर अवनीश कुमार, वरिष्ठ उपनिरीक्षक उदय प्रताप सिंह, राजस्व निरीक्षक राजेंद्र बाबू सोनी और सदर लेखपाल जितेंद्र सिंह सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

इसके अतिरिक्त लेखपाल जितेंद्र राजपूत, जितेंद्र वर्मा, विभा, राहुल कुमार, प्रिया सिंह चौहान, राजकमल, आदर्श सिंह जादौन, आकाश चौधरी और हरगोविंद समेत अन्य राजस्व कर्मियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

अधिकारियों की मौजूदगी में शिकायतों को सुनने और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश देने की प्रक्रिया पूरी की गई। कार्यक्रम में राजस्व से जुड़े मामलों के साथ-साथ पारिवारिक विवाद की समस्या पर भी ध्यान दिया गया।

समय पर कार्रवाई से फरियादियों को मिलेगी राहत

समाधान दिवस जैसे आयोजन प्रशासन और आम नागरिकों के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इनके जरिए लोग अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के सामने रख सकते हैं। भूमि विवाद, फसल कटाई में बाधा, राजस्व अभिलेखों से जुड़ी परेशानी और पारिवारिक विवाद जैसे मामलों में संबंधित विभागों की संयुक्त भूमिका महत्वपूर्ण रहती है।

कालपी में आयोजित समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों ने शिकायतों के निस्तारण में देरी नहीं करने और प्रत्येक प्रकरण पर उचित कार्रवाई करने की आवश्यकता पर जोर दिया। तीन शिकायतों में से दो का तत्काल निस्तारण किया जाना कार्यक्रम का प्रमुख परिणाम रहा।

हालांकि, प्रशासनिक व्यवस्था की प्रभावशीलता का आकलन केवल मौके पर निस्तारित मामलों की संख्या से नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तव में मिली राहत और शेष मामलों पर हुई कार्रवाई से भी किया जाता है।

ऐसे में संबंधित अधिकारियों के सामने यह जिम्मेदारी है कि वे प्राप्त शिकायतों की प्रगति पर नजर रखें और आवश्यक कार्रवाई को निर्धारित समय के भीतर पूरा करें। इससे आम जनता का प्रशासन पर भरोसा मजबूत होगा और स्थानीय स्तर पर समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन सकेगी।

निष्कर्ष: कालपी में आयोजित समाधान दिवस में उप जिलाधिकारी विनय कुमार मौर्य और पुलिस उपाधीक्षक राजेश कमल ने अधिकारियों को शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। कार्यक्रम में तीन शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें दो का मौके पर समाधान किया गया। शेष मामलों में संबंधित विभागों की आगे की कार्रवाई से शिकायतकर्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।