ईरानी खतरों और परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर ऋषि सुनक का सख्त रुख

| 26 जून 2025
पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में हैं। उन्होंने ईरान की ओर से उत्पन्न खतरों और उसकी परमाणु野 महत्वाकांक्षाओं को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। सुनक का कहना है कि ईरान न केवल अपने पड़ोसी देशों के लिए, बल्कि पश्चिमी लोकतंत्रों के लिए भी एक गंभीर चुनौती बन चुका है।
ईरानी साजिशें: ब्रिटेन में बढ़ता खतरा
ऋषि सुनक ने खुलासा किया कि ब्रिटेन में ईरान समर्थित 20 से अधिक खतरनाक साजिशों को सुरक्षा एजेंसियों ने विफल किया है। ये प्रयास केवल ब्रिटेन की आंतरिक सुरक्षा को ही नहीं, बल्कि उसकी वैश्विक छवि को भी प्रभावित करने की मंशा रखते थे। उनके अनुसार, ईरान का मकसद सिर्फ क्षेत्रीय प्रभुत्व नहीं, बल्कि वैश्विक अस्थिरता फैलाना है।
परमाणु हथियारों पर सख्त रुख
सुनक ने स्पष्ट किया कि ईरान को किसी भी स्थिति में परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जा सकते। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह एकजुट होकर ईरान की परमाणु野 महत्वाकांक्षाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए। उनका यह दृष्टिकोण परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के मूल उद्देश्यों के साथ मेल खाता है और वैश्विक सुरक्षा के लिहाज़ से भी अनिवार्य है।
वैश्विक सहयोग की आवश्यकता
ऋषि सुनक ने यह भी कहा कि अब समय आ गया है जब अमेरिका, यूरोप, और अन्य जिम्मेदार राष्ट्रों को मिलकर एक ठोस रणनीति बनानी चाहिए ताकि ईरान के आक्रामक मंसूबों पर लगाम लगाई जा सके। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि समय रहते कड़ा कदम नहीं उठाया गया, तो इसका असर केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया को उसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।
निष्कर्ष:
ऋषि सुनक का यह रुख न केवल ईरान के विरुद्ध एक कड़ा संदेश है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुट होने का आह्वान भी है। उनकी स्पष्ट नीति और ठोस शब्दों ने वैश्विक मंच पर यह संदेश दे दिया है कि ईरान की परमाणु野 महत्वाकांक्षाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
