फ़रवरी 12, 2026

यू.एस. सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: साउथ कैरोलाइना को प्लांड पेरेंटहुड से मेडिकेड फंडिंग रोकने की छूट

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Anoop singh

| 26 जून, 2025

वॉशिंगटन डी.सी. — अमेरिका की सर्वोच्च न्यायालय ने एक ऐतिहासिक निर्णय में साउथ कैरोलाइना राज्य को प्लांड पेरेंटहुड को अपनी मेडिकेड सेवा सूची से हटाने की अनुमति दे दी है। 6-3 के बहुमत से आए इस फैसले ने ना केवल निचली अदालत के पुराने निर्णय को पलट दिया, बल्कि गर्भपात और जनसंख्या नियंत्रण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चल रही राष्ट्रीय बहस को और तीव्र कर दिया है।

यह फैसला न्यायमूर्ति नील गोरसच द्वारा लिखा गया, जिसमें कहा गया कि राज्य सरकारों को यह अधिकार है कि वे सार्वजनिक निधियों के वितरण को अपनी सामाजिक और नैतिक नीतियों के अनुसार तय करें। साउथ कैरोलाइना प्रशासन ने तर्क दिया था कि प्लांड पेरेंटहुड की गर्भपात से जुड़ी गतिविधियाँ उनकी नीति के खिलाफ हैं, भले ही फंडिंग का उपयोग केवल सामान्य स्वास्थ्य सेवाओं के लिए किया जा रहा हो।

क्या है प्लांड पेरेंटहुड?

Planned Parenthood अमेरिका का एक प्रमुख स्वास्थ्य सेवा संगठन है, जो मुख्यतः कम आय वाले लोगों को यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करता है। इनमें जन्म नियंत्रण, STI जांच, कैंसर स्क्रीनिंग और गर्भपात की सेवाएं शामिल हैं। हालांकि, यह ध्यान देना आवश्यक है कि मेडिकेड द्वारा दी गई निधियों का उपयोग गर्भपात सेवाओं के लिए नहीं किया जाता है (संघीय कानून के अनुसार), फिर भी राज्य ने इसे हटाने का निर्णय लिया।

फैसला क्यों बना विवाद का केंद्र?

यह निर्णय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे रिपब्लिकन-शासित अन्य राज्यों को भी प्रेरणा मिल सकती है कि वे प्लांड पेरेंटहुड जैसे संगठनों से सार्वजनिक फंडिंग हटा दें। इससे संभावित रूप से लाखों निम्न-आय वाले नागरिकों की स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच प्रभावित हो सकती है।

गर्भपात अधिकार समर्थकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि इससे “कमजोर वर्गों की स्वास्थ्य सुविधाओं पर सीधा प्रहार” होगा। उनके अनुसार, यह केवल गर्भपात को रोकने का प्रयास नहीं बल्कि महिलाओं की समग्र स्वास्थ्य देखभाल को सीमित करने की कोशिश है।

आगे क्या?

यह निर्णय आने वाले राष्ट्रपति चुनावों में भी प्रमुख मुद्दा बन सकता है। जबकि कुछ राज्यों में इस फैसले का स्वागत किया गया है, अन्य राज्य इसके खिलाफ कदम उठाने की तैयारी कर रहे हैं। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला अमेरिका में राज्य बनाम संघीय अधिकारों के पुराने संघर्ष को फिर से उजागर करता है।


निष्कर्ष:
यू.एस. सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला एक महत्वपूर्ण मोड़ है जो स्वास्थ्य सेवाओं, विशेषकर महिलाओं के अधिकारों और राज्य अधिकारों के संतुलन को नई दिशा दे सकता है। इससे यह साफ है कि अमेरिका में सामाजिक मुद्दों पर न्यायपालिका की भूमिका केवल कानून की व्याख्या तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक दिशा तय करने वाली शक्ति बन चुकी है।


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