🏏 ऋषभ पंत ने तोड़ा बेन स्टोक्स का रिकॉर्ड: बर्मिंघम में छक्कों की बरसात से इंग्लैंड हक्का-बक्का

📅 तिथि: 5 जुलाई 2025
📍 स्थान: एजबेस्टन, बर्मिंघम
भारतीय क्रिकेट टीम के उप-कप्तान और आक्रामक बल्लेबाज़ ऋषभ पंत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह टेस्ट क्रिकेट में भी विस्फोटक बल्लेबाज़ी के पर्याय बन चुके हैं। इंग्लैंड के खिलाफ चल रहे दूसरे टेस्ट के चौथे दिन उन्होंने सिर्फ़ 58 गेंदों में 65 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें तीन शानदार छक्के शामिल थे। इन छक्कों के साथ ही पंत ने इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने विदेशी ज़मीन पर सबसे ज़्यादा 21 छक्के मारे थे।
🔥 इतिहास रचते पंत
अब ऋषभ पंत के नाम इंग्लैंड में टेस्ट क्रिकेट में सबसे अधिक 24 छक्कों का रिकॉर्ड दर्ज हो गया है, जो किसी भी विदेशी बल्लेबाज़ के लिए एक नया कीर्तिमान है। उन्होंने बेन स्टोक्स के 21 छक्कों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा, जो स्टोक्स ने दक्षिण अफ्रीका में बनाए थे। इस सूची में तीसरे स्थान पर वेस्टइंडीज़ के महान बल्लेबाज़ सर विवियन रिचर्ड्स हैं, जिनके नाम इंग्लैंड में 16 छक्के हैं।
⚡ तेज़ रफ्तार पारी की ज़रूरत
चौथे दिन भारत को तेज़ी से रन बनाने की आवश्यकता थी क्योंकि मैच में सिर्फ़ दो दिन बचे थे। ऐसे समय में पंत ने मोर्चा संभालते हुए रनगति को तेज़ किया। उन्होंने कप्तान शुभमन गिल के साथ मिलकर साझेदारी को आगे बढ़ाया। KL राहुल के आउट होने के बाद भी पंत का जोश कम नहीं हुआ।
🎯 शानदार शॉट्स और किस्मत का साथ
पंत की पारी का आग़ाज़ ही धमाकेदार अंदाज़ में हुआ। उन्होंने पहली गेंद पर चार मारा और अगली ही गेंद पर जोरदार फ्लैट-बैट शॉट लगाकर गेंद को बाउंड्री पार भेजा। एक बार तो उन्होंने जोखिम उठाते हुए आगे बढ़कर छक्का लगाने की कोशिश की, लेकिन गेंद सही ऊंचाई नहीं ले पाई और सीधे मिड-ऑफ की ओर गई। वहाँ ज़ैक क्रॉले कैच लेने में असफल रहे, जिससे पंत को जीवनदान मिला और इंग्लैंड के कप्तान स्टोक्स हताश दिखे।
🏹 छक्कों की बारिश
इसके बाद पंत ने अगले ओवर में बैकवर्ड स्क्वायर लेग की दिशा में जोरदार स्वीप शॉट खेलकर अपना दूसरा छक्का जमाया। उनके इन शॉट्स ने न सिर्फ़ दर्शकों को रोमांचित किया, बल्कि भारतीय पारी में नई जान भी फूंकी।
📌 निष्कर्ष
ऋषभ पंत की यह पारी ना केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि थी, बल्कि यह टीम के लिए भी निर्णायक साबित हुई। उनकी बल्लेबाज़ी ने यह स्पष्ट कर दिया कि वह टेस्ट फॉर्मेट में भी मैच का रुख पलटने की क्षमता रखते हैं। उनके इस रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन ने क्रिकेट प्रेमियों को एक और यादगार क्षण दिया और इंग्लैंड की धरती पर भारतीय क्रिकेट की धमक फिर से गूंज उठी।