वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाला: क्रिश्चियन मिशेल की रिहाई पर अदालत ने लगाई रोक

नई दिल्ली, 8 अगस्त (एएनआई): वीवीआईपी चॉपर घोटाले में गिरफ्तार ब्रिटिश नागरिक और कथित बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल जेम्स को लेकर राऊज एवेन्यू कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। मिशेल की ओर से दायर उस याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि वे अपने कथित अपराधों के लिए निर्धारित अधिकतम सजा की अवधि पहले ही पूरी कर चुके हैं, इसलिए उन्हें जेल से रिहा किया जाए।
गुरुवार को विशेष न्यायाधीश संजय जिंदल की अदालत में सुनवाई के दौरान सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और बचाव पक्ष ने अपने-अपने तर्क रखे। सभी दलीलों पर विचार करने के बाद अदालत ने साफ कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 436ए के तहत दी गई रिहाई की मांग इस मामले में मान्य नहीं है।
फैसले में अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि इसी मुद्दे पर दिल्ली हाई कोर्ट और सर्वोच्च न्यायालय पहले ही विचार कर चुके हैं, इसलिए इसे दोबारा उठाना न्यायिक प्रक्रिया के विपरीत होगा। साथ ही, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि मिशेल पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 415, 420, 120बी और 467 के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 8 के तहत गंभीर आरोप हैं।
विशेष रूप से धारा 467 में आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है, ऐसे में यह कहना कि उन्होंने अधिकतम सजा पूरी कर ली है, तथ्यों और कानून दोनों के अनुसार गलत है।
क्रिश्चियन मिशेल पर आरोप है कि उन्होंने वीवीआईपी हेलीकॉप्टर खरीद घोटाले में बिचौलिये की भूमिका निभाते हुए सौदे में अनियमितताएं कराईं और इसके एवज में भारी रिश्वत ली। यह मामला देश के सबसे चर्चित रक्षा सौदा घोटालों में से एक माना जाता है।
