योगी आदित्यनाथ ने काकोरी ट्रेन एक्शन की शताब्दी वर्षगांठ के समापन समारोह में दी श्रद्धांजलि

लखनऊ (उत्तर प्रदेश), 8 अगस्त (एएनआई): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को काकोरी शहीद स्मारक पहुंचकर काकोरी ट्रेन एक्शन की 100वीं वर्षगांठ के समापन कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने रक्षा बंधन के पर्व को भी आत्मीयता से मनाते हुए वहां उपस्थित बालिकाओं से राखी बंधवाई।
समारोह में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और राज्य मंत्री जलवीर सिंह भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने स्मारक प्रांगण में एक पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
काकोरी ट्रेन एक्शन का इतिहास
9 अगस्त 1925 को, लखनऊ के नजदीक काकोरी गांव में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के क्रांतिकारियों ने एक ऐतिहासिक ट्रेन डकैती को अंजाम दिया। इस घटना में 40 से अधिक स्वतंत्रता सेनानियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से कई को ब्रिटिश सरकार ने फांसी और कठोर कारावास जैसी कड़ी सज़ाएं दीं।
वर्ष 2021 में, योगी आदित्यनाथ सरकार ने इस घटना का नाम ‘काकोरी कांड’ से बदलकर ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, “कांड” शब्द स्वतंत्रता आंदोलन के लिए अपमानजनक प्रतीत होता है, जबकि “ट्रेन एक्शन” इस गौरवपूर्ण संघर्ष की भावना को अधिक सम्मानजनक ढंग से दर्शाता है।
संभल में विकास परियोजनाओं का शुभारंभ
एक दिन पहले, गुरुवार को, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल जिले के बहजोई में 222 विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन योजनाओं की कुल लागत 659 करोड़ रुपये है।
जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने संभल की धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहर, अतीत के अन्याय और राजनीतिक विरोधियों की नीतियों पर चर्चा की। उन्होंने संभल को आस्था का प्रतीक बताते हुए विदेशी आक्रमणकारियों, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखे प्रहार किए।
योगी ने कहा कि “संभल के साथ अन्याय करने वालों को उनके पापों की सज़ा अवश्य मिलेगी।” उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि विदेशी बर्बर आक्रमणकारियों ने हमारे पवित्र स्थलों को अपवित्र कर उन्हें नष्ट कर दिया था, लेकिन आज हम अपनी विरासत को पुनर्जीवित करने के लिए संकल्पबद्ध हैं।
