यूपी एसटीएफ की साइबर अपराध पर बड़ी सफलता: संगठित गिरोह का पर्दाफाश

डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच उत्तर प्रदेश पुलिस की (STF) ने एक अहम उपलब्धि हासिल की है। हाल ही में एसटीएफ ने अवैध ऑनलाइन बेटिंग और फर्जी निवेश योजनाओं के जरिए लोगों को ठगने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो लंबे समय से डिजिटल माध्यमों का दुरुपयोग कर आर्थिक अपराधों को अंजाम दे रहे थे।
कार्रवाई का विवरण
एसटीएफ ने तकनीकी निगरानी और खुफिया इनपुट के आधार पर नोएडा क्षेत्र में छापेमारी कर छह अभियुक्तों को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में लैपटॉप, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, हार्ड डिस्क और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए, जिनका उपयोग अवैध गतिविधियों में किया जा रहा था।
जांच में सामने आया कि गिरोह फर्जी विदेशी पहचान का उपयोग कर ऑनलाइन ई-मेल आईडी तैयार करता था। अमेरिकी लोकेशन दर्शाकर लोगों का विश्वास जीतने की कोशिश की जाती थी, ताकि निवेश के नाम पर धन वसूला जा सके।
धमकी भरे ई-मेल का खुलासा
23 जनवरी 2026 को गौतमबुद्ध नगर स्थित कई स्कूलों को धमकी भरे ई-मेल भेजे गए थे, जिससे अभिभावकों और प्रशासन में चिंता का माहौल बन गया था। डिजिटल फॉरेंसिक जांच और सर्विलांस के जरिए यह स्पष्ट हुआ कि ई-मेल की उत्पत्ति संदिग्ध नेटवर्क से हुई थी, जिसके तार भारत और बांग्लादेश से जुड़े पाए गए। एसटीएफ की तकनीकी टीम ने आईपी एड्रेस और सर्वर लॉग के विश्लेषण के माध्यम से गिरोह तक पहुंच बनाई।
गिरोह की कार्यप्रणाली
यह गिरोह कॉल सेंटर के रूप में संगठित ढंग से संचालित होता था। आरोपी सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों से संपर्क करते, उन्हें उच्च रिटर्न का झांसा देते और फिर ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के माध्यम से धन हड़प लेते। अवैध बेटिंग ऐप्स का इस्तेमाल करके वे मनी ट्रेल छुपाने की कोशिश करते थे।
कानून व्यवस्था के लिए महत्व
यह कार्रवाई दर्शाती है कि राज्य की कानून-व्यवस्था एजेंसियां अब पारंपरिक अपराधों के साथ-साथ डिजिटल अपराधों पर भी समान रूप से सख्त रुख अपना रही हैं। आधुनिक तकनीकी संसाधनों और साइबर विशेषज्ञों की मदद से अपराधियों के डिजिटल निशान तक पहुंचना संभव हो रहा है।
सामाजिक प्रभाव
- स्कूलों को भेजे गए धमकी भरे संदेशों से उत्पन्न भय का माहौल कम होगा।
- आम नागरिकों में ऑनलाइन निवेश और बेटिंग ऐप्स के प्रति सतर्कता बढ़ेगी।
- यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि साइबर अपराधियों के लिए डिजिटल दुनिया अब सुरक्षित शरणस्थली नहीं रही।
निष्कर्ष
एसटीएफ की यह कार्रवाई केवल छह आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। डिजिटल जागरूकता और तकनीकी दक्षता के समन्वय से ही साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।
