दिल्ली में रोमांचक मुकाबला: तूफानी आग़ाज़ के बाद स्पिन में उलझा भारत

आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 के दिल्ली मैच में भारतीय टीम ने नामीबिया के खिलाफ ऐसी शुरुआत की, जिसने स्टेडियम में बैठे दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। शुरुआती ओवरों में आक्रामक बल्लेबाज़ी का ऐसा प्रदर्शन देखने को मिला कि लगा भारत विशाल स्कोर की ओर बढ़ रहा है। हालांकि, जैसे ही नामीबियाई स्पिनरों ने कमान संभाली, मैच की दिशा बदलती नजर आई।
इशान किशन का विस्फोटक शो
इशान किशन ने पारी की शुरुआत से ही आक्रामक तेवर अपनाए। उन्होंने सिर्फ 24 गेंदों पर 61 रन ठोकते हुए भारत को महज 6.5 ओवर में 100 रन के पार पहुंचा दिया। यह उपलब्धि टी20 विश्व कप इतिहास में भारत के लिए सबसे तेज़ टीम शतक के रूप में दर्ज हुई।
इशान ने 20 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और इस तरह विश्व कप इतिहास में सबसे तेज़ फिफ्टी बनाने वाले भारतीयों की सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया। पावरप्ले के भीतर अर्धशतक जमाकर उन्होंने यह भी साबित किया कि बड़े मंच पर तेज़ शुरुआत कितनी निर्णायक हो सकती है।
रफ्तार पर ब्रेक: स्पिन का असर
तेज गेंदबाजों पर भारतीय बल्लेबाजों ने खुलकर रन बनाए और 12 ओवर तक 147 रन जोड़ लिए। लेकिन इसके बाद नामीबिया की रणनीति बदली और स्पिन आक्रमण ने भारतीय पारी की गति धीमी कर दी।
अगले आठ ओवरों में भारत सिर्फ 61 रन ही बना सका और इस दौरान पांच विकेट गंवाने पड़े। स्पिन के खिलाफ डॉट गेंदों की ऊंची दर ने दबाव को और बढ़ाया। रन गति अचानक ठहर गई और बल्लेबाज बड़े शॉट खेलने की कोशिश में चूकते गए।
मध्य और डेथ ओवरों में गिरावट
सात ओवर में 104/1 की मजबूत स्थिति से आगे बढ़ते हुए टीम बड़ी कुल जमा करने की उम्मीद कर रही थी। लेकिन अगले सात ओवरों में मात्र 40 रन जुड़ पाए।
अंतिम दो ओवरों में तो हालात और बिगड़ गए—पांच विकेट गिरे और महज 10 रन बने। हार्दिक पंड्या ने 28 गेंदों में 52 रन की उपयोगी पारी खेली, वहीं शिवम दुबे ने 16 गेंदों में 23 रन जोड़े। इसके बावजूद भारतीय टीम 209/9 तक ही पहुंच सकी, जो शुरुआत को देखते हुए कमतर माना गया।
नामीबिया के कप्तान की निर्णायक भूमिका
नामीबिया के कप्तान गेराल्ड इरास्मस ने अपने चार ओवरों में सिर्फ 20 रन देकर चार महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। उनकी सटीक लाइन-लेंथ और धीमी गेंदों ने भारतीय बल्लेबाजों को बांधे रखा। उन्होंने मध्य ओवरों में दबाव बनाकर मैच में अपनी टीम की वापसी कराई।
दिल्ली के इस मुकाबले ने भारतीय टीम की दो तस्वीरें सामने रख दीं—एक, जब आक्रामक बल्लेबाज़ी से विरोधी पर हावी हुआ जा सकता है; और दूसरी, जब स्पिन के सामने संयम और रणनीति की कमी भारी पड़ सकती है। अब सवाल यही है कि आगे के मुकाबलों में भारत स्पिन के खिलाफ अपनी योजना को किस तरह निखारता है और क्या वह इस कमजोरी को ताकत में बदल पाएगा।
