फ़रवरी 12, 2026

परिचय
उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए इसे “विकास का दशक” के रूप में पेश किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बजट को राज्य की 25 करोड़ जनता की उम्मीदों और आकांक्षाओं का दस्तावेज़ बताया। यह बजट न केवल वित्तीय योजना है, बल्कि उत्तर प्रदेश की भविष्य की दिशा का प्रतीक भी है।

विकास की आधारशिला
पिछले दस वर्षों में उत्तर प्रदेश ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा, औद्योगिक निवेश और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में तेज़ प्रगति की है।

  • बुनियादी ढांचा: मेट्रो नेटवर्क का विस्तार, एक्सप्रेसवे परियोजनाएँ और ग्रामीण सड़क नेटवर्क का मजबूत निर्माण।
  • औद्योगिक निवेश: डिफेंस कॉरिडोर, आईटी और स्टार्टअप हब्स के माध्यम से रोजगार और निवेश को बढ़ावा।
  • सामाजिक कल्याण: महिला सशक्तिकरण योजनाएँ, किसान सम्मान निधि और गरीब परिवारों के लिए आवासीय योजनाएँ।

बजट की मुख्य विशेषताएँ

  • समावेशी विकास: हर वर्ग और क्षेत्र की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर योजनाएँ।
  • ई-बजट और पारदर्शिता: डिजिटल और आधुनिक प्रणाली के माध्यम से वित्तीय सुशासन।
  • आत्मनिर्भरता: स्थानीय उद्योगों, कृषि और छोटे व्यवसायों को प्रोत्साहन।
  • जनकल्याण: शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर विशेष जोर।

राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव
यह बजट केवल सरकारी खर्च का दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि राज्य की विकास यात्रा का प्रतीक भी है। इसे “नए भारत का नया उत्तर प्रदेश” की संकल्पना से जोड़ा गया है, जो सुशासन, आत्मनिर्भरता और जनता-केंद्रित नीतियों की दिशा में राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

निष्कर्ष
वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट उत्तर प्रदेश को मजबूत, आत्मनिर्भर और प्रगतिशील राज्य बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। यह न केवल पिछले दशक की उपलब्धियों को संक्षेप में प्रस्तुत करता है, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए स्पष्ट दृष्टि और ठोस कार्ययोजना भी प्रदान करता है।


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