अछल्दा में सजा भव्य दंगल मेला, पहलवानों ने दिखाया दमखम, 1.51 लाख रुपये की कुश्ती रही आकर्षण का केंद्र
अमरेश त्रिपाठी
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ कानपुर देहात
अछल्दा, औरैया। विकासखंड क्षेत्र के ग्राम रूपपुर स्थित संकट मोचन हनुमान जी मंदिर एवं राधा-कृष्ण मंदिर परिसर में मंगलवार को बुजुर्ग मंगल के पावन अवसर पर विशाल दंगल मेले का आयोजन किया गया। गौरी यादव आईपीएस के नेतृत्व में आयोजित इस कुश्ती प्रतियोगिता में आसपास के कई जिलों से पहुंचे पहलवानों ने अपने शानदार दांव-पेंच और दमदार प्रदर्शन से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण और कुश्ती प्रेमी मौजूद रहे।

दंगल का शुभारंभ उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी डीएस चौहान ने फीता काटकर किया। उद्घाटन के बाद उन्होंने अखाड़े में उतरने वाले पहलवानों का उत्साह बढ़ाया और पारंपरिक कुश्ती के महत्व पर प्रकाश डाला। दंगल देखने के लिए अछल्दा के साथ-साथ आसपास के गांवों से भी हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। पूरे आयोजन के दौरान अखाड़े के आसपास दर्शकों की भीड़ बनी रही और पहलवानों के हर दांव पर तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई देती रही।
अलग-अलग जिलों से पहुंचे पहलवान
आयोजित दंगल में उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए पहलवानों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में कई मुकाबले हुए, जिनमें पहलवानों ने अपनी शारीरिक क्षमता, अभ्यास और कुश्ती कौशल का प्रदर्शन किया। स्थानीय स्तर पर होने वाले ऐसे आयोजनों में युवा पहलवानों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है।
कुश्ती के दौरान पहलवानों ने एक-दूसरे को पटखनी देने के लिए अलग-अलग दांव आजमाए। मुकाबलों को देखने के लिए दर्शक पूरे उत्साह के साथ अखाड़े के आसपास डटे रहे। जैसे ही कोई पहलवान प्रतिद्वंद्वी को चित करने में सफल होता, दर्शक तालियों और उत्साह के साथ उसका हौसला बढ़ाते नजर आए।
कई मुकाबलों में दिखा रोमांच
दंगल की प्रमुख कुश्तियों में अयोध्या के पहलवान पागल बाबा और बरेली के सनी के बीच मुकाबला हुआ। इस कुश्ती में पागल बाबा अयोध्या ने जीत हासिल की और उन्हें 11 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
इसी तरह फिरोजाबाद के निखिल यादव और हरियाणा के हरदीप के बीच 20 हजार रुपये की कुश्ती कराई गई। दोनों पहलवानों के बीच मुकाबला काफी रोचक रहा और दर्शकों ने इसे खूब पसंद किया।
इसके अलावा हाथरस के रमन और आगरा के सुनील के बीच भी जोरदार मुकाबला देखने को मिला। 15 हजार रुपये की इस कुश्ती में रमन हाथरस ने बाजी मारी। एक अन्य मुकाबले में भारत मुंडेना भिंड ने आगरा के महिपाल को 12 हजार रुपये की कुश्ती में पराजित किया।
इन मुकाबलों के दौरान अखाड़े में मौजूद दर्शकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। पहलवानों के हर दांव और पलटवार पर लोगों की निगाहें टिकी रहीं।
1.51 लाख रुपये की झंडा कुश्ती रही मुख्य आकर्षण
दंगल मेले का सबसे बड़ा आकर्षण 1.51 लाख रुपये की झंडा कुश्ती रही। इस मुकाबले को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग अखाड़े के आसपास जमा हुए। अंतरराष्ट्रीय भारत केसरी रामेश्वर यादव हाथरस और पंजाब के नरेश पहलवान के बीच हुए इस मुकाबले ने दर्शकों का विशेष ध्यान खींचा।
दोनों पहलवानों ने अखाड़े में उतरकर अपनी ताकत और तकनीक का प्रदर्शन किया। मुकाबले के दौरान दोनों ओर से कई दांव लगाए गए। आखिरकार रामेश्वर यादव हाथरस ने नरेश पहलवान पंजाब को पटखनी देकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। उनकी जीत के बाद समर्थकों और दर्शकों में उत्साह देखने को मिला।
झंडा कुश्ती के अलावा दंगल में 1100 रुपये से लेकर 3000 रुपये तक की दो दर्जन से अधिक अन्य कुश्तियां भी कराई गईं। इन मुकाबलों में स्थानीय और बाहर से आए पहलवानों ने हिस्सा लिया। छोटी और मध्यम पुरस्कार राशि वाली कुश्तियों में भी पहलवानों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला।
परंपरागत खेल को बढ़ावा देने का प्रयास
ग्रामीण क्षेत्रों में दंगल केवल खेल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहते, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक मेल-मिलाप का माध्यम भी बनते हैं। ऐसे आयोजनों में ग्रामीण परिवारों के साथ युवा भी बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। इससे पारंपरिक भारतीय कुश्ती को देखने और समझने का अवसर मिलता है।
रूपपुर में आयोजित दंगल में भी यही माहौल देखने को मिला। मंदिर परिसर में धार्मिक वातावरण के बीच अखाड़े में पहलवानों की जोरदार भिड़ंत ने आयोजन को विशेष बना दिया। ग्रामीणों ने पूरे उत्साह के साथ प्रतियोगिता का आनंद लिया।
आयोजन से जुड़े लोगों का कहना रहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कुश्ती की पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए इस तरह के कार्यक्रम महत्वपूर्ण हैं। इससे प्रतिभाशाली पहलवानों को मंच मिलता है और युवाओं में खेलों के प्रति रुचि विकसित होती है।
आयोजन समिति ने जताया आभार
दंगल के सफल आयोजन के बाद आयोजन समिति ने कार्यक्रम में शामिल सभी अतिथियों, पहलवानों और दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया। समिति की ओर से कहा गया कि लोगों की बड़ी भागीदारी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के दौरान रामवीर यादव प्रधान, राजमोहन यादव, शैलू यादव ठेकेदार, योगेंद्र यादव, मुकेश यादव उर्फ डुकरे, शिववीर यादव प्रधानाचार्य समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। आयोजकों ने सभी सहयोगियों और क्षेत्रवासियों का धन्यवाद किया।
कुल मिलाकर रूपपुर में आयोजित यह दंगल ग्रामीण खेल संस्कृति, आपसी मेल-जोल और पारंपरिक कुश्ती के प्रति लोगों की रुचि का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया। बड़े पुरस्कार वाली कुश्तियों से लेकर स्थानीय स्तर के मुकाबलों तक पूरे आयोजन में रोमांच बना रहा। खासतौर पर 1.51 लाख रुपये की झंडा कुश्ती ने दर्शकों का सबसे अधिक ध्यान आकर्षित किया। पहलवानों के प्रदर्शन और दर्शकों के उत्साह ने दंगल मेले को यादगार बना दिया।