Hen और Cock के मजेदार जोक्स: मुर्गी-मुर्गे की नोकझोंक पढ़कर छूट जाएगी हंसी
मुर्गी यानी Hen और मुर्गा यानी Cock हमारे आसपास आसानी से नजर आने वाले पक्षी हैं। सुबह की खामोशी में मुर्गे की बांग सुनाई दे तो ऐसा लगता है जैसे किसी ने पूरे मोहल्ले के लिए मुफ्त का अलार्म लगा रखा हो। वहीं मुर्गी की दाना खोजने की आदत और उसकी चंचल हरकतें भी कई बार हंसी का कारण बन जाती हैं।
अगर इन दोनों को इंसानों की तरह बातचीत करते हुए कल्पना किया जाए, तो मजेदार किस्सों की कोई कमी नहीं रहती। कभी मुर्गा अपनी बांग को लेकर परेशान होता है, तो कभी मुर्गी उसके समय पर सवाल उठाती है। कभी दोनों मोबाइल और इंटरनेट की दुनिया से मुकाबला करते नजर आते हैं।
इसी मजेदार कल्पना के आधार पर पेश हैं कुछ नए और साफ-सुथरे जोक्स, जिन्हें दोस्तों और परिवार के साथ पढ़कर मुस्कुराया जा सकता है।

1. मुर्गे की टाइमिंग
मुर्गे ने घड़ी की दुकान पर जाकर पूछा—
मुर्गा: ऐसी घड़ी चाहिए जो मुझे सही समय बताए।
दुकानदार: आपको घड़ी की क्या जरूरत? आप तो खुद सुबह का समय बताते हैं।
मुर्गा: यही तो समस्या है!
दुकानदार: कैसी समस्या?
मुर्गा: लोग अब मेरी बांग सुनकर समय नहीं देखते, सीधे मोबाइल देखते हैं।
2. मुर्गी का बजट
मुर्गी ने महीने का हिसाब बनाते हुए कहा—
मुर्गा: क्या कर रही हो?
मुर्गी: खर्च कम करने की योजना बना रही हूं।
मुर्गा: सबसे पहले क्या कम करोगी?
मुर्गी: दाना चुगने की दूरी।
मुर्गा: इससे क्या फायदा होगा?
मुर्गी: दूर जाने में समय लगता है, पास वाला दाना पहले खत्म करूंगी!
3. मुर्गा और स्मार्टफोन
मुर्गा नया मोबाइल लेकर आया।
मुर्गी ने पूछा—
“इतना महंगा फोन क्यों लिया?”
मुर्गा बोला—
“इसमें बहुत सारे फीचर हैं।”
मुर्गी ने कहा—
“तुम्हें तो सिर्फ बांग देनी आती है, बाकी फीचर करोगे क्या?”
मुर्गा बोला—
“अब बांग की रिकॉर्डिंग करके रोज खुद ही चला दिया करूंगा!”
4. किसान का सवाल
किसान ने मुर्गे से पूछा—
“तुम्हें सुबह उठने में कभी आलस नहीं आता?”
मुर्गा बोला—
“आता है।”
किसान ने पूछा—
“फिर उठते कैसे हो?”
मुर्गा बोला—
“जिम्मेदारी का नाम सुनते ही नींद गायब हो जाती है।”
किसान हंसते हुए बोला—
“तुम तो मुझसे भी ज्यादा समझदार निकले!”
5. मुर्गी की शिकायत
मुर्गी मुर्गे से बोली—
“तुम्हारी एक आदत बिल्कुल अच्छी नहीं है।”
मुर्गा घबरा गया—
“मेरी कौन-सी आदत?”
मुर्गी बोली—
“सुबह इतनी जोर से बांग देते हो कि मेरी नींद खुल जाती है।”
मुर्गा बोला—
“लेकिन सुबह जगाना तो मेरा काम है।”
मुर्गी बोली—
“ठीक है, मगर छुट्टी वाले दिन थोड़ा धीरे बोलना!”
6. मुर्गे का इंटरव्यू
एक कंपनी में मुर्गा नौकरी मांगने पहुंचा।
अधिकारी ने पूछा—
“आपकी विशेष योग्यता?”
मुर्गा बोला—
“मैं समय का बहुत पाबंद हूं।”
अधिकारी ने कहा—
“कोई उदाहरण?”
मुर्गा बोला—
“सुबह सूरज से पहले हाजिरी लगा देता हूं!”
अधिकारी ने कहा—
“और आपकी सबसे बड़ी ताकत?”
मुर्गा बोला—
“आवाज ऐसी कि बिना माइक्रोफोन के पूरा गांव सुन ले!”
7. मुर्गी और ऑनलाइन क्लास
मुर्गी ने लैपटॉप खोलकर ऑनलाइन क्लास शुरू की।
मुर्गे ने पूछा—
“क्या पढ़ रही हो?”
मुर्गी बोली—
“समय प्रबंधन।”
मुर्गा बोला—
“इसकी जरूरत क्यों?”
मुर्गी ने जवाब दिया—
“दाना खोजने, घूमने और आराम करने के बीच सही समय बांटना सीख रही हूं।”
मुर्गा बोला—
“यह कोर्स मुझे भी करना चाहिए!”
8. मुर्गे की छुट्टी
मुर्गा एक दिन किसान के पास गया।
मुर्गा बोला—
“मुझे दो दिन की छुट्टी चाहिए।”
किसान ने पूछा—
“क्यों?”
मुर्गा बोला—
“हर दिन सुबह उठकर बांग देना आसान नहीं है।”
किसान बोला—
“ठीक है, लेकिन तुम्हारी जगह कौन बांग देगा?”
मुर्गा बोला—
“मोबाइल अलार्म रख दीजिए।”
किसान मुस्कुराकर बोला—
“लगता है तुमने अपनी नौकरी का विकल्प खुद ही ढूंढ लिया!”
9. मुर्गी का ज्ञान
मुर्गा बोला—
“आजकल लोग बहुत व्यस्त हैं।”
मुर्गी ने पूछा—
“तुम्हें कैसे पता?”
मुर्गा बोला—
“पहले मेरी बांग पर लोग उठ जाते थे।”
मुर्गी बोली—
“अब?”
मुर्गा बोला—
“अब लोग अलार्म बंद करके फिर सो जाते हैं!”
10. दाने की खोज
मुर्गी जमीन पर कुछ ढूंढ रही थी।
मुर्गे ने पूछा—
“क्या तलाश रही हो?”
मुर्गी बोली—
“दाना।”
मुर्गा बोला—
“इतनी मेहनत क्यों?”
मुर्गी ने कहा—
“क्योंकि मुफ्त में मिलने वाली चीज भी ढूंढनी पड़ती है!”
मुर्गा बोला—
“तुम्हारी अर्थव्यवस्था तो बहुत मजबूत है।”
11. मुर्गा डॉक्टर के पास
मुर्गा डॉक्टर के पास पहुंचा।
डॉक्टर ने पूछा—
“क्या समस्या है?”
मुर्गा बोला—
“लोग मेरी आवाज से परेशान हैं।”
डॉक्टर ने कहा—
“आवाज थोड़ी कम कर दीजिए।”
मुर्गा बोला—
“डॉक्टर साहब, आवाज कम की तो लोग मुझे पहचानेंगे कैसे?”
डॉक्टर हंस पड़ा।
12. मुर्गी की पढ़ाई
मुर्गी किताब लेकर बैठी थी।
मुर्गे ने पूछा—
“कौन-सा विषय पढ़ रही हो?”
मुर्गी बोली—
“गणित।”
मुर्गा बोला—
“गणित में क्या सीख रही हो?”
मुर्गी बोली—
“अगर मेरे पास दस दाने हों और तुम दो ले लो, तो मेरे पास आठ बचेंगे।”
मुर्गा बोला—
“और अगर मैं सारे ले लूं?”
मुर्गी बोली—
“तो गणित छोड़कर मैं तुमसे हिसाब मांगूंगी!”
13. सुबह की बैठक
सुबह मुर्गा और मुर्गी बैठक कर रहे थे।
मुर्गी बोली—
“आज का कार्यक्रम क्या है?”
मुर्गा बोला—
“पहले बांग, फिर टहलना।”
मुर्गी ने पूछा—
“और नाश्ता?”
मुर्गा बोला—
“वह तो कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है!”
मुर्गी बोली—
“कम से कम एक बात पर तो हमारी सहमति है।”
14. मुर्गे का नया बिजनेस
मुर्गे ने नया काम शुरू किया।
मुर्गी ने पूछा—
“अब क्या बेचोगे?”
मुर्गा बोला—
“सुबह जगाने की सेवा।”
मुर्गी ने कहा—
“यह काम तो तुम पहले से मुफ्त में कर रहे थे!”
मुर्गा बोला—
“अब जमाना बदल गया है, हर काम की फीस होनी चाहिए!”
15. मुर्गी और कैमरा
मुर्गी कैमरे के सामने बैठी थी।
मुर्गा बोला—
“क्या कर रही हो?”
मुर्गी बोली—
“आज अपनी तस्वीर खिंचवा रही हूं।”
मुर्गा बोला—
“इतनी तैयारी क्यों?”
मुर्गी बोली—
“अच्छी तस्वीर के लिए सही एंगल जरूरी होता है।”
मुर्गा बोला—
“मुझे तो लगा था तुम्हें बस दाना ही चाहिए!”
मुर्गी बोली—
“दाना अपनी जगह, तस्वीर अपनी जगह!”
16. किसान और मुर्गी
किसान ने मुर्गी से पूछा—
“तुम हमेशा जमीन की तरफ क्यों देखती रहती हो?”
मुर्गी बोली—
“क्योंकि ऊपर देखने से दाना नहीं मिलता।”
किसान बोला—
“बहुत व्यावहारिक बात कही।”
मुर्गी बोली—
“मैं कल्पना से ज्यादा नाश्ते पर भरोसा करती हूं!”
17. मुर्गा और मौसम
मुर्गे ने सुबह बाहर झांककर देखा।
मुर्गी ने पूछा—
“मौसम कैसा है?”
मुर्गा बोला—
“बादल हैं।”
मुर्गी बोली—
“बारिश होगी?”
मुर्गा बोला—
“पता नहीं।”
मुर्गी ने कहा—
“फिर इतनी देर से बाहर क्यों देख रहे थे?”
मुर्गा बोला—
“मैं भी मौसम विभाग में नौकरी ढूंढ रहा हूं!”
18. मुर्गी की नई घड़ी
मुर्गी ने नई घड़ी खरीदी।
मुर्गे ने पूछा—
“तुम्हें घड़ी की जरूरत क्यों पड़ी?”
मुर्गी बोली—
“तुम्हारी बांग पर भरोसा नहीं।”
मुर्गा बोला—
“क्यों?”
मुर्गी बोली—
“कभी बहुत जल्दी, कभी थोड़ी देर से।”
मुर्गा बोला—
“मैं घड़ी नहीं हूं, कलाकार हूं!”
19. मुर्गा और सेल्फी
मुर्गा मोबाइल लेकर सेल्फी लेने लगा।
मुर्गी ने पूछा—
“आज इतनी तस्वीरें क्यों?”
मुर्गा बोला—
“अपना नया लुक देख रहा हूं।”
मुर्गी बोली—
“तुम्हारा लुक तो रोज वही रहता है।”
मुर्गा बोला—
“लेकिन कैमरा हर बार अलग राय देता है!”
20. आखिरी बांग
मुर्गा सुबह बांग देने लगा।
मालिक ने कहा—
“आज थोड़ा धीरे बोलना।”
मुर्गा बोला—
“क्यों?”
मालिक ने कहा—
“घर में सब सो रहे हैं।”
मुर्गा कुछ देर चुप रहा और फिर बोला—
“ठीक है, आज मैं सिर्फ जरूरी लोगों को जगाऊंगा।”
मालिक ने पूछा—
“जरूरी लोग कौन?”
मुर्गा बोला—
“जो मेरी बांग सुनते ही नाश्ता तैयार करते हैं!”
निष्कर्ष
Hen और Cock यानी मुर्गी और मुर्गे से जुड़े हास्य किस्से इसलिए मजेदार लगते हैं क्योंकि इनमें रोजमर्रा की छोटी-छोटी बातों को कल्पना के जरिए हंसी में बदल दिया जाता है। मुर्गे की बांग, मुर्गी का दाना खोजने का अंदाज, मोबाइल की दुनिया और इंसानों की आदतों को मिलाकर कई हल्के-फुल्के मजेदार संवाद बनाए जा सकते हैं।
इन चुटकुलों का उद्देश्य केवल मनोरंजन है। उम्मीद है कि मुर्गी और मुर्गे की यह मजेदार दुनिया आपके चेहरे पर मुस्कान लेकर आई होगी। इन्हें दोस्तों और परिवार के साथ साझा करके आप भी हंसी के कुछ पल बिता सकते हैं।