जालौन में जनगणना-2027 की तैयारियां तेज, 16 नवंबर से शुरू होगी स्वगणना
अरुण कुमार मिश्रा
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन
एक दिसंबर से चार जनवरी तक घर-घर पहुंचेंगे प्रगणक, जनगणना के दौरान पूछे जाएंगे निर्धारित 40 सवाल, जिलाधिकारी समीर ने प्रशिक्षण में कार्मिकों को दिए पारदर्शिता, सटीकता और समयबद्ध कार्य के निर्देश

जालौन/उरई। जनपद जालौन में आगामी जनगणना-2027 को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। जनसंख्या से संबंधित महत्वपूर्ण आंकड़ों को एकत्र करने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियों को व्यवस्थित रूप देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जनगणना के दूसरे चरण को सफल बनाने के उद्देश्य से सोमवार को बंशीधर महाविद्यालय, झांसी रोड उरई में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अधिकारियों ने कर्मचारियों को गणना की प्रक्रिया, निर्धारित समयसीमा और सूचनाओं के सही संकलन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिलाधिकारी समीर ने प्रशिक्षण के दौरान कहा कि जनगणना का कार्य प्रशासनिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसमें एकत्र होने वाली जानकारी भविष्य की योजनाओं और सरकारी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने में उपयोगी साबित होती है। इसलिए सभी संबंधित कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से समझें और प्रत्येक परिवार तक पहुंचकर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जानकारी प्राप्त करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान किसी भी प्रकार की जल्दबाजी या लापरवाही से बचना जरूरी है। प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित जानकारी को सावधानीपूर्वक दर्ज किया जाए, ताकि अंतिम आंकड़ों में अनावश्यक गलतियां न रहें। प्रशासन का प्रयास है कि जनगणना की पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार संपन्न हो और जनपद में उपलब्ध जनसंख्या संबंधी जानकारी अधिक सटीक रूप में सामने आए।
16 नवंबर से 30 नवंबर तक नागरिकों को मिलेगी स्वगणना की सुविधा
जनगणना के दूसरे चरण में सबसे पहले स्वगणना की सुविधा शुरू की जाएगी। जिलाधिकारी समीर ने जानकारी देते हुए बताया कि 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने का अवसर मिलेगा। इस व्यवस्था के माध्यम से परिवार अपने स्तर पर निर्धारित विवरण उपलब्ध करा सकेंगे।
स्वगणना की सुविधा का उद्देश्य जनगणना प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाना और नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना है। इस अवधि में लोगों को अपनी जानकारी सही तरीके से भरने के लिए निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। प्रशासन की ओर से जनगणना से संबंधित प्रक्रिया को समझाने और लोगों तक आवश्यक जानकारी पहुंचाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
स्वगणना की अवधि समाप्त होने के बाद प्रगणक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार घर-घर जाकर गणना का कार्य करेंगे। इस दौरान पहले से उपलब्ध जानकारी और परिवारों द्वारा दिए गए विवरणों के संबंध में आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों ने कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे प्रत्येक परिवार से संपर्क स्थापित करते हुए जनगणना का कार्य व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाएं।
एक दिसंबर से घर-घर पहुंचेंगे जनगणना कर्मचारी
जिलाधिकारी के अनुसार, जनगणना के दूसरे चरण में एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर जाकर लोगों से जानकारी प्राप्त करेंगे। इस अवधि में निर्धारित प्रश्नों के माध्यम से परिवारों से आवश्यक विवरण जुटाए जाएंगे।
जनगणना के दौरान कुल 40 निर्धारित सवाल पूछे जाने हैं। इन सवालों के माध्यम से संबंधित परिवारों और व्यक्तियों की जानकारी निर्धारित प्रारूप में दर्ज की जाएगी। प्रगणकों को प्रशिक्षण में बताया गया कि प्रत्येक सवाल को स्पष्ट तरीके से पूछना और उत्तर को सही रूप में दर्ज करना उनकी प्रमुख जिम्मेदारी है।
कार्मिकों को यह भी समझाया गया कि किसी परिवार से बातचीत करते समय प्रश्नों को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए। यदि किसी जानकारी को समझने में कठिनाई हो, तो संबंधित दिशा-निर्देशों के अनुसार उसे स्पष्ट किया जाए। सही जानकारी प्राप्त करने के लिए परिवारों के साथ सहयोगपूर्ण व्यवहार बनाए रखना भी आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने कहा कि गणना के दौरान प्रत्येक कर्मचारी को अपनी निर्धारित जिम्मेदारी के अनुसार काम करना होगा। किसी भी परिवार की जानकारी अधूरी नहीं रहनी चाहिए और निर्धारित समय के भीतर सभी आवश्यक विवरण एकत्र किए जाने चाहिए।
प्रशिक्षण में सही जानकारी दर्ज करने पर विशेष जोर
बंशीधर महाविद्यालय में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनगणना के विभिन्न पहलुओं पर कार्मिकों को जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि जनगणना केवल लोगों की संख्या दर्ज करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक निर्धारित प्रश्न के अनुसार आवश्यक सूचनाओं का व्यवस्थित संकलन भी शामिल है।
प्रगणकों को समझाया गया कि परिवारों से जानकारी प्राप्त करते समय सवालों का क्रम और निर्धारित प्रक्रिया बनाए रखना जरूरी है। सूचनाओं को दर्ज करने में स्पष्टता होनी चाहिए, ताकि बाद में उनका उपयोग करने में किसी प्रकार की परेशानी न आए।
पर्यवेक्षकों को भी अपने कार्यक्षेत्र में कर्मचारियों की गतिविधियों पर ध्यान देने और निर्धारित नियमों के पालन को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी समझाई गई। प्रशिक्षण के दौरान अभिलेखीकरण, सूचनाओं की जांच और कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया।
जिलाधिकारी समीर ने कहा कि जनगणना में जुटने वाले आंकड़ों की विश्वसनीयता काफी हद तक कर्मचारियों की कार्यशैली पर निर्भर करती है। इसलिए सभी प्रगणक और पर्यवेक्षक अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए सावधानीपूर्वक काम करें।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि निर्धारित प्रपत्रों में जानकारी दर्ज करते समय किसी भी तथ्य को बिना पुष्टि के नहीं लिखा जाए। प्रत्येक सूचना को संबंधित प्रक्रिया के अनुसार दर्ज किया जाए, जिससे जनगणना के परिणामों में सटीकता बनी रहे।
बेघर और गृहविहीन लोगों को भी गणना में किया जाएगा शामिल
जनगणना-2027 के दूसरे चरण में बेघर और गृहविहीन व्यक्तियों की गणना के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। जिलाधिकारी समीर ने बताया कि चार जनवरी 2027 को ऐसे व्यक्तियों की गणना की जाएगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य जनगणना के दायरे में आने वाले पात्र व्यक्तियों को शामिल करना है। प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि गणना की प्रक्रिया में किसी भी व्यक्ति की जानकारी छूटने की संभावना कम से कम रहे।
बेघर और गृहविहीन व्यक्तियों की गणना के लिए निर्धारित तिथि पर संबंधित कर्मचारियों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी। उन्हें अपने निर्धारित क्षेत्र में उपलब्ध जानकारी के आधार पर कार्य करना होगा और तय प्रक्रिया के अनुसार विवरण दर्ज करना होगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना का वास्तविक उद्देश्य जनसंख्या से संबंधित सही आंकड़े तैयार करना है। इसके लिए जरूरी है कि गणना का कार्य केवल घरों तक सीमित न रहे, बल्कि निर्धारित श्रेणियों में आने वाले सभी पात्र व्यक्तियों को शामिल किया जाए।
प्रथम चरण में बेहतर प्रदर्शन के बाद दूसरे चरण पर नजर
जिलाधिकारी समीर ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान बताया कि जनपद जालौन ने जनगणना के पहले चरण में अच्छा प्रदर्शन किया है। अब दूसरे चरण में भी प्रशासन को उसी कार्यशैली और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ना होगा।
उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि पहले चरण में प्राप्त अनुभवों का उपयोग करते हुए दूसरे चरण की तैयारियों को मजबूत बनाया जाए। प्रत्येक प्रगणक अपने निर्धारित क्षेत्र की जिम्मेदारी समझे और कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने का प्रयास करे।
प्रशासन की ओर से यह भी अपेक्षा की गई कि सभी कार्मिक आपसी समन्वय बनाए रखें। किसी भी स्तर पर आने वाली समस्या को संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाए, ताकि उसका समय रहते समाधान किया जा सके।
जनगणना के दौरान पर्यवेक्षकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी। उन्हें अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के कार्यों पर नजर रखनी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि गणना के दौरान निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा है।
विकास योजनाओं के निर्धारण में उपयोगी होंगे जनगणना के आंकड़े
जिलाधिकारी समीर ने जनगणना के महत्व को बताते हुए कहा कि इससे प्राप्त आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार करते हैं। जनसंख्या से संबंधित जानकारी के माध्यम से प्रशासन को विभिन्न क्षेत्रों की जरूरतों का आकलन करने में सहायता मिलती है।
उन्होंने कहा कि जनगणना के आंकड़ों का उपयोग प्रशासनिक आवश्यकताओं को समझने और योजनाओं के निर्धारण में किया जाता है। इसलिए प्रत्येक कर्मचारी को यह समझना चाहिए कि उसके द्वारा दर्ज की गई जानकारी का महत्व केवल वर्तमान कार्य तक सीमित नहीं है।
सही आंकड़े उपलब्ध होने से विकास योजनाओं की प्राथमिकताएं तय करने और विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने में मदद मिलती है। इसी कारण जनगणना के दौरान प्रत्येक जानकारी को सावधानीपूर्वक दर्ज करना आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने सभी कार्मिकों से अपील की कि वे जनगणना के कार्य को जिम्मेदारी, ईमानदारी और पूरी गंभीरता के साथ संपन्न करें। उन्होंने कहा कि निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण गणना सुनिश्चित करना सभी संबंधित कर्मचारियों का सामूहिक दायित्व है।
प्रशिक्षण में अधिकारी और कर्मचारी रहे मौजूद
जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियों को लेकर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों ने भी सहभागिता की। कार्यक्रम में उप जिलाधिकारी उत्तम तिवारी, अधिशासी अधिकारी राम अचल कुरील सहित संबंधित प्रगणक, पर्यवेक्षक और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने कर्मचारियों को जनगणना से जुड़े आवश्यक दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। साथ ही निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कार्य करने, परिवारों से संपर्क स्थापित करने और सूचनाओं का सही अभिलेखीकरण करने पर जोर दिया गया।
जिला प्रशासन की ओर से जनगणना के दूसरे चरण को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक जिम्मेदारियां सौंपने और निर्धारित समयसीमा के अनुसार कार्य पूरा कराने की तैयारी की जा रही है।
जनगणना-2027 के प्रमुख कार्यक्रम
- 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026: स्वगणना की सुविधा।
- 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027: प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर जनगणना।
- जनगणना के दौरान: निर्धारित 40 सवालों के माध्यम से जानकारी संकलित की जाएगी।
- 4 जनवरी 2027: बेघर एवं गृहविहीन व्यक्तियों की गणना।
जालौन में जनगणना की तैयारियों के बीच प्रशासन का मुख्य लक्ष्य निर्धारित समयसीमा में सही, व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण आंकड़ों का संकलन करना है। इसके लिए अधिकारियों ने सभी कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि वे जनगणना के प्रत्येक चरण में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें और अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता से निभाएं।
