जालौन में त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी तेज, 11 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर चार नमूने जांच के लिए भेजे

0

अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

डीएम समीर के निर्देश पर मिलावटखोरी रोकने के लिए अभियान तेज, किराना दुकानों और मिठाई की दुकानों से लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूने

उरई (जालौन)। नवरात्रि, दशहरा और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहारों को देखते हुए जालौन जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने अपनी निगरानी बढ़ा दी है। जिलाधिकारी समीर के निर्देश पर विभागीय टीमों ने जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान किराना दुकानों, मिठाई की दुकानों और केला पकाने वाले केंद्रों की जांच की गई। अभियान के अंतर्गत चार खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्रित कर परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

प्रशासन का उद्देश्य त्योहारों के दौरान बाजार में बिकने वाली खाद्य सामग्री की शुद्धता पर नजर रखना और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है। त्योहारों के समय मिठाइयों, सूखे मेवों और अन्य खाद्य सामग्रियों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में मिलावट की आशंका को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने निरीक्षण अभियान को गति दी है।

अधिकारियों के नेतृत्व में गठित टीमों ने की जांच

आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, लखनऊ तथा जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में सहायक आयुक्त खाद्य-द्वितीय डॉ. सी.आर. प्रजापति के नेतृत्व में विभागीय टीमों ने विभिन्न प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान संबंधित दुकानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। इसके अलावा एक रेस्टोरेंट में पाई गई कमियों को लेकर उसके संचालक को नोटिस जारी किया गया। विभाग ने खाद्य कारोबारियों को नियमों के अनुसार काम करने और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश भी दिए।

कुठौंद, मदारीपुर और सहाव में हुई कार्रवाई

जालौन तहसील क्षेत्र में चलाए गए अभियान के दौरान कुठौंद के औरैया रोड स्थित राठौर किराना प्रतिष्ठान की जांच की गई। यहां से साबूदाना का नमूना संग्रहित किया गया। यह प्रतिष्ठान अवतार सिंह के नाम से संचालित है।

इसके बाद टीम मदारीपुर स्थित मां किराना पहुंची, जहां रामजी पुरवार के प्रतिष्ठान से किशमिश का नमूना लिया गया। त्योहारों के दौरान सूखे मेवों का इस्तेमाल विभिन्न प्रकार के पकवानों और मिठाइयों में किया जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभागीय टीम ने संबंधित खाद्य सामग्री का नमूना जांच के लिए एकत्र किया।

अभियान के दौरान सहाव स्थित गौरी मिष्ठान भंडार का भी निरीक्षण किया गया। राकेश गुप्ता के इस प्रतिष्ठान से बेसन के लड्डू का नमूना लिया गया। मिठाइयों की गुणवत्ता परखने के लिए विभाग की ओर से नमूने प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं, ताकि उनकी निर्धारित मानकों के अनुरूप जांच कराई जा सके।

इसी क्रम में शेखपुर बुजुर्ग स्थित सेंगर फैमिली रेस्टोरेंट का निरीक्षण भी किया गया। जांच के दौरान कुछ कमियां मिलने पर प्रतिष्ठान संचालक को नोटिस जारी किया गया। विभागीय स्तर पर खाद्य सुरक्षा से संबंधित नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए।

माधौगढ़ क्षेत्र में मिठाई की दुकान से लिया नमूना

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने माधौगढ़ तहसील क्षेत्र में भी कार्रवाई की। रामपुरा के किला रोड स्थित भैरव मिष्ठान भंडार की जांच के दौरान बेसन के लड्डू का नमूना एकत्र किया गया। यह प्रतिष्ठान नितिन पुरवार द्वारा संचालित है।

त्योहारों के दौरान मिठाइयों की खरीदारी में तेजी आने के कारण उनकी गुणवत्ता की जांच महत्वपूर्ण हो जाती है। विभागीय टीमों ने इसी उद्देश्य से मिठाई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया और आवश्यकतानुसार नमूने संग्रहित किए।

अधिकारियों के अनुसार, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से संबंधित वास्तविक स्थिति प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद स्पष्ट होगी। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित नियमों के अंतर्गत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

केला पकाने वाले पांच केंद्रों का भी निरीक्षण

खाद्य सुरक्षा अभियान केवल किराना दुकानों और मिठाई प्रतिष्ठानों तक सीमित नहीं रहा। विभागीय टीमों ने जिले में संचालित केले को पकाने वाले केंद्रों की भी जांच की। इस दौरान मेसर्स इंडियन इंटरप्राइजेज, फैक्ट्री एरिया उरई, गौरी ट्रेडिंग कंपनी उरई, डायमंड इंटरप्राइजेज जालौन, राइन ब्रदर्स जालौन और बागवान इंटरप्राइजेज जालौन का निरीक्षण किया गया।

इन केंद्रों के संचालकों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने खाद्य कारोबार से जुड़े लोगों को निर्धारित प्रक्रियाओं और मानकों का पालन करने की आवश्यकता से अवगत कराया।

फलों को पकाने की प्रक्रिया में खाद्य सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन करना जरूरी है। इसलिए विभाग ऐसे केंद्रों की निगरानी कर रहा है, ताकि उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाले खाद्य पदार्थों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिल सके।

11 निरीक्षण और चार नमूनों की जांच

विभागीय जानकारी के मुताबिक, अभियान के दौरान कुल 11 निरीक्षण दर्ज किए गए और चार खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्रित कर जांच के लिए संबंधित प्रयोगशाला भेजे गए। नमूनों में साबूदाना, किशमिश और बेसन के लड्डू शामिल हैं। बेसन के लड्डू के दो अलग-अलग प्रतिष्ठानों से नमूने लिए गए।

जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के संबंध में आगे का निर्णय लिया जाएगा। यदि परीक्षण में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल नमूनों की रिपोर्ट आने से पहले किसी खाद्य पदार्थ को मिलावटी घोषित नहीं किया गया है।

इस अभियान में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद कुमार राय के साथ खाद्य सुरक्षा अधिकारी महेश प्रसाद, कन्हैया लाल यादव, सुनील कुमार और अनिल कुमार कटियार शामिल रहे। टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया और कारोबारियों को नियमों की जानकारी दी।

खाद्य पदार्थों में मिलावट पर विभाग की नजर

सहायक आयुक्त खाद्य-द्वितीय डॉ. सी.आर. प्रजापति ने बताया कि जिले के लोगों को शुद्ध और सुरक्षित दूध, दुग्ध उत्पाद तथा अन्य खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। इसके लिए निरीक्षण और नमूना संग्रह की कार्रवाई लगातार जारी रखी जाएगी।

उन्होंने खाद्य कारोबारियों से अपील की कि वे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखें, किसी भी प्रकार की मिलावट से बचें और निर्धारित मानकों का पालन करें। त्योहारों के दौरान खाद्य सामग्री की बिक्री बढ़ने के साथ कारोबारियों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। ऐसे में नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

विभाग का कहना है कि अभियान के माध्यम से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर नजर रखने के साथ कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा संबंधी प्रावधानों के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।

सचल प्रयोगशाला से लोगों को किया गया जागरूक

खाद्य सुरक्षा विभाग ने निरीक्षण अभियान के साथ जनजागरूकता पर भी जोर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, 15 अक्टूबर को खाद्य सचल प्रयोगशाला के माध्यम से उरई के चुर्खी रोड चौराहे पर लोगों को खाद्य पदार्थों की शुद्धता और सुरक्षा के संबंध में जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम में लगभग 22 लोगों को जागरूक किया गया।

इस पहल का उद्देश्य लोगों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के प्रति सजग बनाना और सुरक्षित खाद्य सामग्री के महत्व को समझाना है। जागरूक उपभोक्ता खाद्य पदार्थ खरीदते समय उनकी गुणवत्ता, पैकेजिंग और अन्य आवश्यक जानकारियों पर ध्यान दे सकते हैं।

त्योहारों तक जारी रहेगा निगरानी अभियान

नवरात्रि, दशहरा और दीपावली के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई को उपभोक्ताओं के हित में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। त्योहारों पर मिठाइयों, सूखे मेवों, फलों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने से उनकी गुणवत्ता की निगरानी आवश्यक हो जाती है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षित खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अभियान आगे भी जारी रहेगा। निरीक्षण, नमूना संग्रह और जनजागरूकता के माध्यम से खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।

प्रयोगशाला से मिलने वाली जांच रिपोर्ट इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। रिपोर्ट के आधार पर यदि किसी प्रतिष्ठान में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित खाद्य कारोबारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की कोशिश है कि त्योहारों के दौरान जिले के लोगों को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री मिले और बाजार में खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन हो।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

इन्हे भी देखें

ताज़ा खबरें • ब्रेकिंग न्यूज़ • नेशनल और इंटरनेशनल अपडेट

जालौन में त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी तेज, 11 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर चार नमूने जांच के लिए भेजे

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:अक्टूबर 16, 2026

अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

डीएम समीर के निर्देश पर मिलावटखोरी रोकने के लिए अभियान तेज, किराना दुकानों और मिठाई की दुकानों से लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूने

उरई (जालौन)। नवरात्रि, दशहरा और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहारों को देखते हुए जालौन जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने अपनी निगरानी बढ़ा दी है। जिलाधिकारी समीर के निर्देश पर विभागीय टीमों ने जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान किराना दुकानों, मिठाई की दुकानों और केला पकाने वाले केंद्रों की जांच की गई। अभियान के अंतर्गत चार खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्रित कर परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

प्रशासन का उद्देश्य त्योहारों के दौरान बाजार में बिकने वाली खाद्य सामग्री की शुद्धता पर नजर रखना और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है। त्योहारों के समय मिठाइयों, सूखे मेवों और अन्य खाद्य सामग्रियों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में मिलावट की आशंका को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने निरीक्षण अभियान को गति दी है।

अधिकारियों के नेतृत्व में गठित टीमों ने की जांच

आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, लखनऊ तथा जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में सहायक आयुक्त खाद्य-द्वितीय डॉ. सी.आर. प्रजापति के नेतृत्व में विभागीय टीमों ने विभिन्न प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान संबंधित दुकानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। इसके अलावा एक रेस्टोरेंट में पाई गई कमियों को लेकर उसके संचालक को नोटिस जारी किया गया। विभाग ने खाद्य कारोबारियों को नियमों के अनुसार काम करने और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश भी दिए।

कुठौंद, मदारीपुर और सहाव में हुई कार्रवाई

जालौन तहसील क्षेत्र में चलाए गए अभियान के दौरान कुठौंद के औरैया रोड स्थित राठौर किराना प्रतिष्ठान की जांच की गई। यहां से साबूदाना का नमूना संग्रहित किया गया। यह प्रतिष्ठान अवतार सिंह के नाम से संचालित है।

इसके बाद टीम मदारीपुर स्थित मां किराना पहुंची, जहां रामजी पुरवार के प्रतिष्ठान से किशमिश का नमूना लिया गया। त्योहारों के दौरान सूखे मेवों का इस्तेमाल विभिन्न प्रकार के पकवानों और मिठाइयों में किया जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभागीय टीम ने संबंधित खाद्य सामग्री का नमूना जांच के लिए एकत्र किया।

अभियान के दौरान सहाव स्थित गौरी मिष्ठान भंडार का भी निरीक्षण किया गया। राकेश गुप्ता के इस प्रतिष्ठान से बेसन के लड्डू का नमूना लिया गया। मिठाइयों की गुणवत्ता परखने के लिए विभाग की ओर से नमूने प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं, ताकि उनकी निर्धारित मानकों के अनुरूप जांच कराई जा सके।

इसी क्रम में शेखपुर बुजुर्ग स्थित सेंगर फैमिली रेस्टोरेंट का निरीक्षण भी किया गया। जांच के दौरान कुछ कमियां मिलने पर प्रतिष्ठान संचालक को नोटिस जारी किया गया। विभागीय स्तर पर खाद्य सुरक्षा से संबंधित नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए।

माधौगढ़ क्षेत्र में मिठाई की दुकान से लिया नमूना

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने माधौगढ़ तहसील क्षेत्र में भी कार्रवाई की। रामपुरा के किला रोड स्थित भैरव मिष्ठान भंडार की जांच के दौरान बेसन के लड्डू का नमूना एकत्र किया गया। यह प्रतिष्ठान नितिन पुरवार द्वारा संचालित है।

त्योहारों के दौरान मिठाइयों की खरीदारी में तेजी आने के कारण उनकी गुणवत्ता की जांच महत्वपूर्ण हो जाती है। विभागीय टीमों ने इसी उद्देश्य से मिठाई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया और आवश्यकतानुसार नमूने संग्रहित किए।

अधिकारियों के अनुसार, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से संबंधित वास्तविक स्थिति प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद स्पष्ट होगी। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित नियमों के अंतर्गत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

केला पकाने वाले पांच केंद्रों का भी निरीक्षण

खाद्य सुरक्षा अभियान केवल किराना दुकानों और मिठाई प्रतिष्ठानों तक सीमित नहीं रहा। विभागीय टीमों ने जिले में संचालित केले को पकाने वाले केंद्रों की भी जांच की। इस दौरान मेसर्स इंडियन इंटरप्राइजेज, फैक्ट्री एरिया उरई, गौरी ट्रेडिंग कंपनी उरई, डायमंड इंटरप्राइजेज जालौन, राइन ब्रदर्स जालौन और बागवान इंटरप्राइजेज जालौन का निरीक्षण किया गया।

इन केंद्रों के संचालकों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने खाद्य कारोबार से जुड़े लोगों को निर्धारित प्रक्रियाओं और मानकों का पालन करने की आवश्यकता से अवगत कराया।

फलों को पकाने की प्रक्रिया में खाद्य सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन करना जरूरी है। इसलिए विभाग ऐसे केंद्रों की निगरानी कर रहा है, ताकि उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाले खाद्य पदार्थों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिल सके।

11 निरीक्षण और चार नमूनों की जांच

विभागीय जानकारी के मुताबिक, अभियान के दौरान कुल 11 निरीक्षण दर्ज किए गए और चार खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्रित कर जांच के लिए संबंधित प्रयोगशाला भेजे गए। नमूनों में साबूदाना, किशमिश और बेसन के लड्डू शामिल हैं। बेसन के लड्डू के दो अलग-अलग प्रतिष्ठानों से नमूने लिए गए।

जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के संबंध में आगे का निर्णय लिया जाएगा। यदि परीक्षण में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल नमूनों की रिपोर्ट आने से पहले किसी खाद्य पदार्थ को मिलावटी घोषित नहीं किया गया है।

इस अभियान में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद कुमार राय के साथ खाद्य सुरक्षा अधिकारी महेश प्रसाद, कन्हैया लाल यादव, सुनील कुमार और अनिल कुमार कटियार शामिल रहे। टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया और कारोबारियों को नियमों की जानकारी दी।

खाद्य पदार्थों में मिलावट पर विभाग की नजर

सहायक आयुक्त खाद्य-द्वितीय डॉ. सी.आर. प्रजापति ने बताया कि जिले के लोगों को शुद्ध और सुरक्षित दूध, दुग्ध उत्पाद तथा अन्य खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। इसके लिए निरीक्षण और नमूना संग्रह की कार्रवाई लगातार जारी रखी जाएगी।

उन्होंने खाद्य कारोबारियों से अपील की कि वे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखें, किसी भी प्रकार की मिलावट से बचें और निर्धारित मानकों का पालन करें। त्योहारों के दौरान खाद्य सामग्री की बिक्री बढ़ने के साथ कारोबारियों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। ऐसे में नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

विभाग का कहना है कि अभियान के माध्यम से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर नजर रखने के साथ कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा संबंधी प्रावधानों के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।

सचल प्रयोगशाला से लोगों को किया गया जागरूक

खाद्य सुरक्षा विभाग ने निरीक्षण अभियान के साथ जनजागरूकता पर भी जोर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, 15 अक्टूबर को खाद्य सचल प्रयोगशाला के माध्यम से उरई के चुर्खी रोड चौराहे पर लोगों को खाद्य पदार्थों की शुद्धता और सुरक्षा के संबंध में जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम में लगभग 22 लोगों को जागरूक किया गया।

इस पहल का उद्देश्य लोगों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के प्रति सजग बनाना और सुरक्षित खाद्य सामग्री के महत्व को समझाना है। जागरूक उपभोक्ता खाद्य पदार्थ खरीदते समय उनकी गुणवत्ता, पैकेजिंग और अन्य आवश्यक जानकारियों पर ध्यान दे सकते हैं।

त्योहारों तक जारी रहेगा निगरानी अभियान

नवरात्रि, दशहरा और दीपावली के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई को उपभोक्ताओं के हित में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। त्योहारों पर मिठाइयों, सूखे मेवों, फलों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने से उनकी गुणवत्ता की निगरानी आवश्यक हो जाती है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षित खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अभियान आगे भी जारी रहेगा। निरीक्षण, नमूना संग्रह और जनजागरूकता के माध्यम से खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।

प्रयोगशाला से मिलने वाली जांच रिपोर्ट इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। रिपोर्ट के आधार पर यदि किसी प्रतिष्ठान में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित खाद्य कारोबारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की कोशिश है कि त्योहारों के दौरान जिले के लोगों को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री मिले और बाजार में खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन हो।