श्रावस्ती में अवैध गैस रिफिलिंग के दौरान लगी आग, युवती झुलसी; हालत गंभीर होने पर बहराइच रेफर
अमरेश त्रिपाठी
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ कानपुर देहात
श्रावस्ती। जिले में अवैध तरीके से गैस रिफिलिंग किए जाने का मामला सामने आया है। गिलौला कस्बे में हनुमान मंदिर के पास एक दुकान पर कथित तौर पर गैस रिफिलिंग के दौरान अचानक आग लग गई। आग की चपेट में आने से एक युवती घायल हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल आग बुझाने का प्रयास किया और घायल युवती को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गिलौला कस्बे में हनुमान मंदिर के पास एक दुकान पर अवैध रूप से गैस रिफिलिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि वहां मौजूद युवती इसकी चपेट में आ गई। हादसे के बाद आसपास के लोगों में दहशत फैल गई और कुछ समय के लिए मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
गैस रिफिलिंग के दौरान अचानक भड़की आग
बताया जा रहा है कि दुकान पर गैस से जुड़ा काम किया जा रहा था। इसी दौरान किसी वजह से आग लग गई। गैस से संबंधित सामग्री मौजूद होने के कारण आग लगने की स्थिति बेहद खतरनाक हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाने की कोशिश की।
आग की चपेट में आई युवती को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए बहराइच रेफर कर दिया। युवती को कितने प्रतिशत तक चोटें आई हैं, इसकी विस्तृत चिकित्सकीय जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन हादसे के बाद उसकी हालत को लेकर परिजन चिंतित हैं।
आसपास के लोगों में मची अफरा-तफरी
अचानक आग लगने की घटना से दुकान के आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, आग लगने की जानकारी मिलते ही लोग घटनास्थल की ओर दौड़े। लोगों ने अपनी तरफ से आग बुझाने का प्रयास किया और घायल युवती को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की।
गैस सिलेंडर से जुड़ी गतिविधियों के कारण ऐसी घटनाओं में बड़ा खतरा बना रहता है। यदि आग समय रहते नियंत्रित नहीं होती तो आसपास की दुकानों और मकानों तक भी पहुंच सकती थी। यही वजह रही कि घटना के बाद स्थानीय लोगों में काफी चिंता देखी गई।
अवैध गैस रिफिलिंग पर उठे सवाल
इस घटना ने क्षेत्र में कथित अवैध गैस रिफिलिंग के कारोबार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घरेलू गैस सिलेंडरों की रिफिलिंग या गैस का स्थानांतरण यदि बिना जरूरी अनुमति और सुरक्षा मानकों के किया जाए तो इससे आग लगने और अन्य दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
गैस रिफिलिंग के दौरान छोटी सी लापरवाही भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। गैस का रिसाव, आग का संपर्क या उपकरणों में खराबी अचानक स्थिति को नियंत्रण से बाहर कर सकती है। ऐसे स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने की स्थिति में आसपास के लोगों की जान-माल को भी खतरा पैदा हो सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों पर संबंधित विभागों को नियमित रूप से नजर रखनी चाहिए। यदि किसी दुकान या प्रतिष्ठान पर बिना अनुमति गैस से संबंधित कार्य किया जा रहा है तो समय रहते कार्रवाई की जानी जरूरी है, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना को रोका जा सके।
अस्पताल में कराया गया प्राथमिक उपचार
घटना के बाद घायल युवती को चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई। स्थानीय स्तर पर उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे बहराइच रेफर कर दिया। रेफर किए जाने के बाद युवती को बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए बहराइच ले जाया गया।
घटना की सूचना मिलने के बाद युवती के परिजनों में चिंता का माहौल है। वे उसके जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद कर रहे हैं। हादसे के कारण परिवार पर अचानक संकट आ गया है।
प्रशासन की निगरानी जरूरी
श्रावस्ती जैसे जिलों में गैस सिलेंडर की अवैध रिफिलिंग से जुड़ी गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी बेहद जरूरी है। खासकर बाजार और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में गैस से संबंधित किसी भी प्रकार का काम सुरक्षा नियमों के अनुरूप होना चाहिए। यदि नियमों का उल्लंघन होता है तो संबंधित विभागों को समय रहते कार्रवाई करनी चाहिए।
गिलौला कस्बे में हुई यह घटना भी इसी दिशा में प्रशासन के लिए एक चेतावनी मानी जा सकती है। स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि बिना अनुमति और सुरक्षा मानकों के गैस रिफिलिंग जैसी गतिविधियां संचालित न हों।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल हादसे के पीछे की सटीक वजह क्या थी, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। गैस रिफिलिंग के दौरान आग कैसे लगी और दुकान पर किस तरह की गतिविधि संचालित की जा रही थी, इन सभी पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण होगी।
घटना के बाद स्थानीय स्तर पर यह मांग भी उठ सकती है कि क्षेत्र में गैस रिफिलिंग और गैस सिलेंडरों के भंडारण से जुड़े प्रतिष्ठानों की जांच की जाए। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि कहीं अन्य स्थानों पर भी सुरक्षा नियमों की अनदेखी तो नहीं हो रही है।
गिलौला कस्बे के हनुमान मंदिर के पास हुई इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि गैस से जुड़ी गतिविधियों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी कितनी भारी पड़ सकती है। एक युवती के घायल होने के बाद अब जरूरत है कि संबंधित विभाग मामले की गंभीरता से जांच करें और यदि अवैध रिफिलिंग की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।