आगरा में 250 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड का खुलासा: 25 हजार के इनामी स्क्रैप कारोबारी की गिरफ्तारी से खुला बड़ा नेटवर्क

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आगरा में 250 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 हजार रुपये के इनामी स्क्रैप कारोबारी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क से जुड़े होने का आरोप है। पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य लोगों और करोड़ों रुपये के लेन-देन की जांच कर रही है।

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उत्तर प्रदेश के आगरा में पुलिस ने करोड़ों रुपये के साइबर फ्रॉड मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 हजार रुपये के इनामी स्क्रैप कारोबारी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि वह एक ऐसे साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़ा था, जिसके जरिए करीब 250 करोड़ रुपये के बड़े वित्तीय घोटाले को अंजाम दिया गया।

🔹 साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी साइबर अपराधियों के साथ मिलकर अवैध तरीके से पैसों के लेन-देन में शामिल था। इस नेटवर्क में फर्जी खातों, संदिग्ध बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर ठगी की रकम को इधर-उधर किया जाता था।

🔹 25 हजार रुपये का था इनाम

पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। लंबे समय से उसकी तलाश जारी थी। आखिरकार पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया और आगे की जांच शुरू कर दी।

🔹 250 करोड़ के घोटाले की जांच जारी

आगरा पुलिस अब इस पूरे मामले में जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर फ्रॉड से जुड़े इस नेटवर्क में कई और लोगों के शामिल होने की संभावना है।

जांच एजेंसियां बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजैक्शन और आरोपियों के संपर्कों की जानकारी जुटाकर पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।

🔹 साइबर अपराधियों का नया तरीका

आजकल साइबर ठग सीधे लोगों को निशाना बनाने के अलावा फर्जी कंपनियों, बैंक खातों और बिचौलियों के जरिए बड़ी रकम का लेन-देन कर रहे हैं। ऐसे मामलों में आम लोगों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है।

🔹 पुलिस की अपील

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, ओटीपी या ऑनलाइन बैंकिंग जानकारी न दें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।

निष्कर्ष

आगरा का 250 करोड़ रुपये का साइबर फ्रॉड मामला दिखाता है कि साइबर अपराधी अब बड़े स्तर पर संगठित तरीके से काम कर रहे हैं। पुलिस की कार्रवाई से इस नेटवर्क के कई अहम सुराग सामने आने की उम्मीद है। साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता ही ऐसे अपराधों से बचाव का सबसे मजबूत उपाय है।

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