त्योहारों से पहले खाद्य विभाग की सख्ती, दूध-पनीर समेत आठ खाद्य पदार्थों के नमूने लिए
अरुण कुमार मिश्रा
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन
उरई, 8 अक्टूबर 2026।
नवरात्रि, दशहरा और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहारों के मद्देनजर जालौन जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने तथा मिलावटी सामान की बिक्री पर रोक लगाने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीमों ने गुरुवार को जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जांच अभियान चलाया। इस दौरान कई खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया और दूध, पनीर, खोया तथा मिठाई सहित कुल आठ खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए गए।

यह अभियान सहायक आयुक्त (खाद्य)-द्वितीय डॉ. सीआर प्रजापति के निर्देशन में संचालित किया गया। विभागीय टीमों ने उरई, कदौरा और कोंच क्षेत्र में पहुंचकर खाद्य कारोबारियों के प्रतिष्ठानों की जांच की। अधिकारियों ने कारोबारियों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने, स्वच्छता का ध्यान रखने और किसी भी प्रकार की मिलावट से दूर रहने के निर्देश दिए।
उरई में कई स्थानों पर हुई जांच
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सबसे पहले उरई नगर क्षेत्र में विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया। करमेर रोड पर हाथी मंदिर के समीप स्थित दशाराम के प्रतिष्ठान से दूध का नमूना लिया गया। इसके बाद कुईया रोड पर नरेंद्र कुमार के यहां से भी दूध का नमूना संग्रहित किया गया।
कालपी रोड पर जायसवाल टावर के सामने संचालित दुग्ध बिक्री केंद्र का भी निरीक्षण किया गया। यहां अवधेश नामक दुग्ध विक्रेता के प्रतिष्ठान से दूध का नमूना लिया गया। विभागीय अधिकारियों ने संबंधित कारोबारियों को दूध की गुणवत्ता और स्वच्छता बनाए रखने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।
माहिल तालाब के नजदीक स्थित विशम्भर स्वीट्स पर भी खाद्य सुरक्षा टीम पहुंची। यहां बिक्री के लिए उपलब्ध बूंदी के लड्डू का नमूना जांच के लिए लिया गया। त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग बढ़ने के कारण विभाग विशेष रूप से मिठाई की दुकानों और दुग्ध उत्पादों से जुड़े प्रतिष्ठानों पर नजर रख रहा है।
रेस्टोरेंट में मिली कमियों पर सुधार नोटिस
उरई के स्टेशन रोड स्थित ब्लैक चिली रेस्टोरेंट का भी अधिकारियों ने निरीक्षण किया। जांच के दौरान कुछ कमियां सामने आने पर संचालक को सुधार के लिए नोटिस जारी किया गया। विभाग ने स्पष्ट किया कि खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता, खाद्य पदार्थों के रखरखाव और निर्धारित मानकों का पालन आवश्यक है।
इसी क्रम में कदौरा क्षेत्र में भी खाद्य सुरक्षा टीम ने कार्रवाई की। यहां स्थित गुप्ता स्वीट्स से पनीर का नमूना लिया गया। इसके अलावा हरिबाबू नामक कारोबारी से दूध का नमूना संग्रहित किया गया। अधिकारियों ने खाद्य कारोबारियों को त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली मांग का लाभ उठाकर गुणवत्ता से समझौता न करने की चेतावनी दी।
कदौरा में आर स्क्वायर कैफे का भी निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान सामने आई कमियों के संबंध में खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा-55 के तहत नोटिस जारी किया।
कोंच में खोया और पनीर की जांच
खाद्य विभाग की टीम ने कोंच तहसील क्षेत्र में भी अभियान चलाया। ग्राम कुरचैली स्थित अखिलेश शर्मा की खोया भट्टी पर पहुंचकर खोया का नमूना लिया गया। इसके अलावा कानपुर-झांसी हाईवे पर स्थित बाबा ढाबा का निरीक्षण किया गया, जहां से पनीर का नमूना जांच के लिए संग्रहित किया गया।
इस प्रकार उरई, कदौरा और कोंच क्षेत्रों में अभियान के दौरान कुल आठ खाद्य नमूने लिए गए। सभी नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच के लिए संबंधित प्रयोगशाला भेज दिया गया है। अब प्रयोगशाला से प्राप्त होने वाली रिपोर्ट के आधार पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की स्थिति स्पष्ट होगी।
जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी खाद्य पदार्थ में निर्धारित मानकों से जुड़ी गड़बड़ी या मिलावट पाई जाती है तो संबंधित कारोबारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य केवल नमूने लेना नहीं, बल्कि त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं तक सुरक्षित और मानक के अनुरूप खाद्य सामग्री पहुंचाना है।
त्योहारों के समय दूध, खोया, पनीर और मिठाइयों की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में मिलावट की आशंका को देखते हुए खाद्य विभाग ने निगरानी अभियान को महत्वपूर्ण माना है। अधिकारियों ने कारोबारियों से अपील की है कि वे खाद्य पदार्थों की खरीद, भंडारण और बिक्री के दौरान निर्धारित नियमों का पालन करें।
खाद्य सचल प्रयोगशाला से लोगों को किया जागरूक
खाद्य पदार्थों की जांच के साथ-साथ विभाग की ओर से लोगों और खाद्य कारोबारियों को जागरूक करने का कार्य भी किया जा रहा है। इसी क्रम में 8 अक्टूबर को खाद्य सचल प्रयोगशाला उरई नगर के कोंच बस स्टैंड पहुंची। यहां करीब 32 लोगों को खाद्य सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान लोगों को खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर ध्यान देने और संदिग्ध खाद्य पदार्थों से सावधान रहने की जानकारी दी गई। खाद्य कारोबारियों को भी समझाया गया कि ग्राहकों के स्वास्थ्य के साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
त्योहारों तक जारी रहेगा अभियान
सहायक आयुक्त (खाद्य)-द्वितीय डॉ. सीआर प्रजापति ने कहा कि आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अभियान आगे भी जारी रखा जाएगा। विभाग की प्राथमिकता लोगों को शुद्ध और सुरक्षित दूध, दुग्ध उत्पाद, मिठाइयां तथा अन्य खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।
उन्होंने खाद्य कारोबारियों से नियमों का पालन करने और मिलावट से पूरी तरह बचने की अपील की। साथ ही अधिकारियों ने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में भी अलग-अलग क्षेत्रों में जांच और नमूना संग्रह की कार्रवाई जारी रहेगी।
अभियान में ये अधिकारी रहे शामिल
जिले में चलाए गए इस अभियान में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद कुमार राय के साथ खाद्य सुरक्षा अधिकारी महेश प्रसाद, कन्हैया लाल यादव, सुनील कुमार, झनकार सिंह और अनिल कुमार कटियार शामिल रहे। टीमों ने अलग-अलग प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करते हुए खाद्य सुरक्षा से संबंधित नियमों के पालन की स्थिति का जायजा लिया।
त्योहारों से पहले शुरू किए गए इस अभियान से साफ है कि प्रशासन खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर सतर्क है। आने वाले दिनों में नमूनों की प्रयोगशाला जांच और विभागीय कार्रवाई के आधार पर अभियान की दिशा तय होगी। फिलहाल विभाग ने खाद्य कारोबारियों को नियमों का पालन करने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी याद दिलाई है।