714 जोड़ों ने साथ निभाने का लिया संकल्प, उरई में सामूहिक विवाह समारोह बना सामाजिक समरसता का संदेश

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अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

उरई, 24 सितंबर।
उरई स्थित नवीन गल्ला मंडी, कालपी रोड में गुरुवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह उत्साह, उमंग और सामाजिक समरसता का साक्षी बना। समारोह में जिले के 714 जोड़ों ने विवाह बंधन में बंधकर अपने नए जीवन की शुरुआत की। कार्यक्रम में अलग-अलग धर्मों और समुदायों से जुड़े जोड़ों ने अपनी-अपनी धार्मिक एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह की रस्में पूरी कीं।

विशाल आयोजन स्थल पर सुबह से ही नवविवाहित जोड़ों और उनके परिजनों की आवाजाही शुरू हो गई थी। विवाह स्थल को व्यवस्थित ढंग से सजाया गया था। परिजनों और रिश्तेदारों के बीच उत्साह का माहौल रहा। जैसे-जैसे विवाह की रस्में आगे बढ़ीं, समारोह स्थल पर खुशियों का वातावरण और भी गहरा होता गया। विवाह के बाद नवदंपतियों को जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना ने दिया आर्थिक सहारा

समारोह में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के लिए उपयोगी पहल बताया। सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, माधौगढ़ विधायक मूलचंद्र निरंजन और कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया।

जनप्रतिनिधियों ने कहा कि विवाह किसी भी परिवार के लिए महत्वपूर्ण अवसर होता है, लेकिन सीमित आर्थिक संसाधनों वाले परिवारों के लिए शादी की तैयारियां कई बार चुनौतीपूर्ण हो जाती हैं। ऐसे में सामूहिक विवाह योजना आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने के साथ ही जरूरतमंद परिवारों के लिए एक सहारा बन रही है।

उन्होंने कहा कि इस तरह के सामूहिक आयोजन समाज में आपसी सहयोग, समानता और भाईचारे की भावना को बढ़ावा देते हैं। अलग-अलग सामाजिक एवं धार्मिक पृष्ठभूमि से आए परिवारों की एक साथ भागीदारी कार्यक्रम को व्यापक सामाजिक स्वरूप प्रदान करती है।

अलग-अलग परंपराओं के साथ संपन्न हुईं विवाह रस्में

समारोह की एक प्रमुख विशेषता यह रही कि विभिन्न समुदायों के जोड़ों ने अपनी-अपनी परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप विवाह की रस्में पूरी कीं। इससे आयोजन में विविधता के साथ सामाजिक सद्भाव का संदेश भी देखने को मिला।

एक ही परिसर में अलग-अलग समुदायों के परिवारों की मौजूदगी ने यह दर्शाया कि सरकारी कल्याणकारी योजनाएं समाज के विभिन्न वर्गों तक समान रूप से पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं। विवाह समारोह में शामिल परिजनों के बीच भी उत्साह और पारस्परिक मेलजोल देखने को मिला।

कार्यक्रम के दौरान नवविवाहित जोड़ों के चेहरों पर नए जीवन की शुरुआत की खुशी साफ दिखाई दी। परिजन भी इस अवसर को लेकर उत्साहित नजर आए। विवाह की रस्में पूरी होने के बाद जोड़ों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।

योजना के तहत आर्थिक सहायता का प्रावधान

जिलाधिकारी समीर ने समारोह के दौरान मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को उपलब्ध कराई जाने वाली सहायता की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत पात्र कन्या के बैंक खाते में 64 हजार रुपये डीबीटी के माध्यम से भेजे जाते हैं।

इसके अलावा 21 हजार रुपये की विवाह सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। वहीं, 15 हजार रुपये विवाह आयोजन की व्यवस्थाओं पर खर्च किए जाते हैं। इस तरह योजना के माध्यम से विवाह से जुड़ी विभिन्न आवश्यकताओं को पूरा करने में लाभार्थी परिवारों को सरकारी सहायता मिलती है।

प्रशासन की ओर से पात्र लाभार्थियों के चयन और आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक तैयारियां की गई थीं। समारोह में नवविवाहित जोड़ों को विवाह प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए, जिससे उनके विवाह की औपचारिक प्रक्रिया को पूरा किया गया।

जिला पंचायत अध्यक्ष ने बताया सामाजिक सहयोग का माध्यम

जिला पंचायत अध्यक्ष प्रशासक डॉ. घनश्याम अनुरागी ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने के साथ उन्हें सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना भी है।

उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम केवल विवाह संपन्न कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में सहयोग और सामाजिक जुड़ाव की भावना को भी मजबूत करता है। विभिन्न समुदायों के जोड़ों का अपनी-अपनी परंपराओं के अनुसार एक ही आयोजन में विवाह संपन्न होना सामाजिक सद्भाव और आपसी सम्मान का उदाहरण प्रस्तुत करता है।

उनके अनुसार, ऐसे आयोजनों से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को विवाह संबंधी खर्च के दबाव से राहत मिल सकती है और वे सम्मानजनक तरीके से अपने बच्चों का विवाह संपन्न करा सकते हैं।

प्रशासनिक अधिकारियों की रही मौजूदगी

सामूहिक विवाह समारोह में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक शत्रुहन पाठक, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी और जिला समाज कल्याण अधिकारी संजय श्रीवास्तव सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।

इसके साथ ही बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, सामाजिक प्रतिनिधि और वर-वधू के परिजन भी कार्यक्रम में पहुंचे। प्रशासन की ओर से आयोजन को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए विभिन्न स्तरों पर व्यवस्थाएं की गईं।

714 परिवारों के लिए यादगार बना आयोजन

उरई की नवीन गल्ला मंडी में आयोजित यह समारोह 714 जोड़ों और उनके परिवारों के लिए विशेष अवसर रहा। विवाह जैसे महत्वपूर्ण पड़ाव पर सरकारी सहयोग मिलने से लाभार्थी परिवारों में उत्साह देखने को मिला।

कार्यक्रम में विवाह की रस्मों के साथ नवदंपतियों को उनके नए जीवन के लिए शुभकामनाएं दी गईं। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने सभी जोड़ों के सुखी दांपत्य जीवन की कामना की।

सामूहिक विवाह समारोह ने यह भी दिखाया कि सरकारी योजनाओं का प्रभाव केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहता, बल्कि सामुदायिक सहभागिता और सामाजिक एकजुटता को भी बढ़ावा मिल सकता है। अलग-अलग पृष्ठभूमि से आए परिवारों की एक साथ मौजूदगी ने आयोजन को व्यापक सामाजिक संदेश दिया।

सामाजिक समरसता की तस्वीर

उरई में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में 714 जोड़ों का एक साथ विवाह बंधन में बंधना जिले के लिए एक महत्वपूर्ण सामाजिक आयोजन रहा। विभिन्न समुदायों की परंपराओं के अनुसार विवाह संपन्न होने से समारोह में सांस्कृतिक विविधता भी दिखाई दी।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से आर्थिक सहायता, विवाह सामग्री और आयोजन संबंधी सहयोग उपलब्ध कराया गया। वहीं, विवाह प्रमाणपत्र के वितरण से नवविवाहित जोड़ों को आवश्यक दस्तावेज भी उपलब्ध कराए गए।

समारोह का समापन नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाओं और आशीर्वाद के साथ हुआ। आयोजन में शामिल परिवार अपने बच्चों के नए जीवन की शुरुआत को लेकर उत्साहित दिखाई दिए। इस तरह उरई की नवीन गल्ला मंडी में आयोजित यह कार्यक्रम विवाह के साथ-साथ सामाजिक सहयोग, समानता और आपसी सद्भाव का संदेश देने वाला आयोजन बनकर सामने आया।

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