दिल्ली: कंझावला प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड में बड़ी सफलता, एनकाउंटर के बाद टिल्लू ताजपुरिया गैंग से जुड़े दो शूटर गिरफ्तार
नई दिल्ली, 2 अगस्त 2026। राजधानी दिल्ली के चर्चित कंझावला प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड में दिल्ली…

नई दिल्ली, 2 अगस्त 2026। राजधानी दिल्ली के चर्चित कंझावला प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड में दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक विशेष अभियान के दौरान मुठभेड़ (एनकाउंटर) के बाद टिल्लू ताजपुरिया गैंग से जुड़े दो संदिग्ध शूटरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपियों की लंबे समय से तलाश की जा रही थी और वे केवल इस हत्याकांड में ही नहीं, बल्कि राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में अन्य टारगेट किलिंग की भी साजिश रच रहे थे।
इस कार्रवाई को दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम और स्थानीय पुलिस के संयुक्त अभियान का परिणाम बताया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गैंग के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
कंझावला हत्याकांड ने मचाई थी सनसनी
कुछ समय पहले दिल्ली के कंझावला इलाके में एक प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया था। घटना के बाद पुलिस ने हत्या, आपराधिक साजिश और आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी निगरानी और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश कर रही थी। जांच के दौरान टिल्लू ताजपुरिया गैंग की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया।
एनकाउंटर के बाद हुई गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार दोनों संदिग्धों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद विशेष टीम ने उन्हें पकड़ने के लिए घेराबंदी की। पुलिस का दावा है कि जब आरोपियों को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया तो उन्होंने भागने की कोशिश की और पुलिस पर फायरिंग की।
जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसके बाद दोनों आरोपियों को काबू कर लिया गया। मुठभेड़ के दौरान आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन किया गया और दोनों को गिरफ्तार कर चिकित्सकीय जांच के लिए अस्पताल भेजा गया। बाद में उन्हें पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में लिया गया।
टिल्लू ताजपुरिया गैंग से जुड़े होने का दावा
दिल्ली पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार दोनों आरोपी टिल्लू ताजपुरिया गैंग से जुड़े हुए हैं। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि वे गैंग के निर्देश पर काम करते थे और विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार यह गैंग लंबे समय से दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रंगदारी, हत्या, वसूली और गैंगवार जैसी घटनाओं से जुड़ा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस हत्याकांड की पूरी साजिश किसने तैयार की और इसमें कितने लोग शामिल थे।
अन्य टारगेट किलिंग की भी थी योजना
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि दोनों आरोपी भविष्य में अन्य टारगेट किलिंग को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि संभावित निशाने पर कौन लोग थे, क्या उनके पास पहले से हथियार उपलब्ध थे और क्या किसी अन्य गैंग या अपराधी नेटवर्क से उनका संपर्क था। यदि इस संबंध में ठोस साक्ष्य मिलते हैं तो मामले में नई धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
हथियार और अन्य सामग्री बरामद
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हथियार और अन्य संदिग्ध सामग्री भी बरामद की है। बरामद हथियारों की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनका उपयोग किन-किन आपराधिक घटनाओं में किया गया था।
विशेषज्ञ अब बैलिस्टिक जांच के माध्यम से यह मिलान करेंगे कि बरामद हथियारों से चली गोलियों का संबंध कंझावला हत्याकांड या अन्य मामलों से है या नहीं।
तकनीकी जांच से मिला सुराग
जांच में आधुनिक तकनीक की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, डिजिटल निगरानी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया।
इन्हीं तकनीकी जानकारियों के आधार पर आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाया गया और उनकी संभावित लोकेशन चिन्हित की गई। इसके बाद विशेष टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई कर दोनों को गिरफ्तार किया।
गैंग नेटवर्क की होगी विस्तृत जांच
दिल्ली पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गैंग के पूरे नेटवर्क का खुलासा करने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ से कई अन्य अपराधों की जानकारी भी मिल सकती है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि गैंग को आर्थिक सहायता कहां से मिल रही थी, हथियारों की आपूर्ति कौन कर रहा था और किन लोगों के माध्यम से अपराधों की योजना बनाई जाती थी।
दिल्ली में संगठित अपराध पर पुलिस की नजर
राजधानी में पिछले कुछ वर्षों के दौरान संगठित अपराध और गैंगवार से जुड़े मामलों पर पुलिस ने लगातार कार्रवाई तेज की है। कई अपराधी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि कई गैंग के नेटवर्क को कमजोर करने के लिए विशेष अभियान चलाए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी गैंग को कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बनने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
कानूनी प्रक्रिया जारी
गिरफ्तार दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी ताकि उनसे विस्तार से पूछताछ की जा सके। जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
फोरेंसिक रिपोर्ट, डिजिटल साक्ष्य और पूछताछ के आधार पर पुलिस आरोपपत्र तैयार करेगी। इसके बाद न्यायालय में मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ेगी।
स्थानीय लोगों में बढ़ा सुरक्षा का भरोसा
इस गिरफ्तारी के बाद कंझावला क्षेत्र के लोगों ने राहत की भावना व्यक्त की है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि दिनदहाड़े हुई हत्या के बाद इलाके में भय का माहौल था। अब आरोपियों की गिरफ्तारी से लोगों का पुलिस पर भरोसा और मजबूत हुआ है।
हालांकि नागरिकों ने यह भी मांग की है कि संगठित अपराध और गैंग गतिविधियों पर स्थायी रूप से अंकुश लगाने के लिए नियमित निगरानी और प्रभावी पुलिस कार्रवाई जारी रहनी चाहिए।
निष्कर्ष
कंझावला प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड में दो संदिग्ध शूटरों की गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस की जांच में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपी टिल्लू ताजपुरिया गैंग से जुड़े हैं और भविष्य में अन्य टारगेट किलिंग की योजना भी बना रहे थे। अब जांच का फोकस गैंग के पूरे नेटवर्क, हथियारों की सप्लाई, आर्थिक स्रोतों और इस साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान पर है।
आने वाले दिनों में पूछताछ, फोरेंसिक जांच और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर इस मामले में और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है। फिलहाल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राजधानी में संगठित अपराध के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले किसी भी अपराधी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।