फ़रवरी 22, 2026

इज़राइल के राजनीतिक इतिहास में मेनाखेम बेगिन का नाम एक ऐसे नेता के रूप में लिया जाता है, जिन्होंने वैचारिक दृढ़ता और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर स्पष्ट रुख के जरिए देश की दिशा बदल दी। उनके नेतृत्व ने न केवल इज़राइल की आंतरिक राजनीति को नया स्वरूप दिया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उसकी स्थिति को मजबूत किया।

हाल ही में इज़राइल के वर्तमान प्रधानमंत्री ने उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बेगिन का योगदान केवल इतिहास का अध्याय नहीं, बल्कि वर्तमान नीतियों की आधारशिला है।


राजनीतिक उदय और वैचारिक संघर्ष

बेगिन लंबे समय तक विपक्ष की राजनीति का चेहरा रहे। उन्होंने दक्षिणपंथी विचारों को मुख्यधारा में स्थान दिलाया और अंततः 1977 में सत्ता परिवर्तन कर इतिहास रच दिया। उनके नेतृत्व में पार्टी एक मजबूत राजनीतिक शक्ति के रूप में उभरी। यह जीत केवल एक चुनावी सफलता नहीं थी, बल्कि इज़राइल की राजनीतिक संस्कृति में बड़े बदलाव का संकेत थी।


निर्णायक फैसले और ‘बेगिन सिद्धांत’

1981 में इराक के ओसिराक परमाणु रिएक्टर पर इज़राइल की कार्रवाई ने दुनिया का ध्यान आकर्षित किया। इस कदम ने यह संदेश दिया कि इज़राइल अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा। बाद में इसे “बेगिन सिद्धांत” के रूप में जाना गया — एक ऐसी नीति जो संभावित परमाणु खतरे को पहले ही निष्क्रिय करने पर आधारित थी।


शांति की दिशा में ऐतिहासिक पहल

बेगिन की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियों में से एक थी मिस्र के साथ शांति समझौता। के साथ वार्ता और अमेरिका की मध्यस्थता में हुए ने दशकों पुराने संघर्ष को समाप्त करने की राह खोली। इसके परिणामस्वरूप 1979 में औपचारिक शांति संधि हुई, जिसने पूरे मध्य पूर्व की राजनीति को नई दिशा दी।


सामाजिक दृष्टि और समावेशिता

बेगिन केवल सुरक्षा और विदेश नीति तक सीमित नेता नहीं थे। उन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों—विशेषकर वंचित समुदायों—को राजनीति और प्रशासन में अधिक प्रतिनिधित्व देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनके कार्यकाल में सामाजिक संवेदनशीलता और राष्ट्रीय एकता को महत्व मिला।


आज के संदर्भ में बेगिन की प्रासंगिकता

वर्तमान वैश्विक और क्षेत्रीय चुनौतियों के बीच बेगिन की नीतियाँ अब भी चर्चा का विषय हैं। चाहे सुरक्षा का प्रश्न हो या कूटनीति का, उनकी स्पष्टवादिता और दूरदर्शिता आज भी नीति-निर्माताओं के लिए संदर्भ बिंदु बनी हुई है।

बेगिन का जीवन यह दर्शाता है कि नेतृत्व केवल सत्ता प्राप्त करने का नाम नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में ठोस निर्णय लेने की क्षमता का प्रमाण होता है। इज़राइल की राजनीतिक विरासत में उनका स्थान इसलिए विशेष है क्योंकि उन्होंने संघर्ष और संवाद—दोनों के मार्ग अपनाकर इतिहास में अपनी अलग पहचान बनाई।


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