अमेरिका–पैराग्वे रिश्तों में नई ऊर्जा: और की वॉशिंगटन बैठक

विदेश मंत्री मार्को रुबियो और के राष्ट्रपति सैंटियागो पेना के बीच वॉशिंगटन डी.सी. में हुई ताज़ा मुलाकात ने द्विपक्षीय संबंधों को नई गति दी है। यह वार्ता “Board of Peace” सम्मेलन के अवसर पर आयोजित की गई, जहां दोनों नेताओं ने आर्थिक भागीदारी, क्षेत्रीय सुरक्षा और लोकतांत्रिक सहयोग जैसे अहम विषयों पर ठोस चर्चा की।
आर्थिक साझेदारी का विस्तार
बैठक के दौरान अमेरिका ने पैराग्वे में व्यवसायिक वातावरण सुधारने के प्रयासों की सराहना की। राष्ट्रपति पेना के नेतृत्व में लागू किए जा रहे आर्थिक सुधारों को विदेशी निवेश के लिए सकारात्मक संकेत बताया गया।
दोनों पक्षों ने विशेष रूप से तीन क्षेत्रों—कृषि, स्वच्छ ऊर्जा और प्रौद्योगिकी—में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार किया। पैराग्वे की मजबूत कृषि उत्पादन क्षमता और दक्षिण अमेरिका के मध्य में स्थित उसकी रणनीतिक भौगोलिक स्थिति को अमेरिका ने दीर्घकालिक आर्थिक साझेदारी के लिए महत्वपूर्ण माना।
ऊर्जा क्षेत्र में नवीकरणीय स्रोतों और अवसंरचना विकास पर संयुक्त पहल की संभावनाएं भी तलाशी गईं, जिससे क्षेत्रीय आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिल सकती है।
सुरक्षा सहयोग और अवैध गतिविधियों पर रोक
बैठक का एक प्रमुख मुद्दा मादक पदार्थों की तस्करी और उससे जुड़ी हिंसक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए साझा रणनीति बनाना रहा। दोनों देशों ने खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान, सीमा प्रबंधन और वित्तीय अपराधों की निगरानी में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
अमेरिका ने क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने में पैराग्वे की भूमिका को सराहा और सुरक्षा क्षमता निर्माण के लिए समर्थन का आश्वासन दिया। इस सहयोग का उद्देश्य न केवल द्विपक्षीय हितों की रक्षा करना है, बल्कि पूरे लैटिन अमेरिकी क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना भी है।
क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर समन्वय
राष्ट्रपति पेना ने प्रवासन, मुक्त व्यापार और लोकतांत्रिक संस्थाओं को सशक्त बनाने जैसे विषयों पर अमेरिका के साथ साझा दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री से भी भेंट कर वैश्विक चुनौतियों और नीति-निर्माण पर विचार-विमर्श किया।
इस संवाद से यह संकेत मिलता है कि पैराग्वे वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका को और सक्रिय बनाना चाहता है, जबकि अमेरिका क्षेत्र में अपने विश्वसनीय साझेदारों के साथ संबंधों को गहरा कर रहा है।
निष्कर्ष
वॉशिंगटन में हुई यह मुलाकात केवल औपचारिक कूटनीतिक संवाद भर नहीं थी, बल्कि भविष्य की साझा रणनीति की नींव रखने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है। निवेश, ऊर्जा, तकनीकी नवाचार और सुरक्षा सहयोग जैसे क्षेत्रों में बढ़ती भागीदारी से दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग और मजबूत होगा।
