उत्तर प्रदेश में सड़क सुरक्षा की नई पहल : ‘नो हेलमेट, नो फ्यूल’ अभियान

लखनऊ, 27 अगस्त 2025
उत्तर प्रदेश सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए एक अनोखी मुहिम शुरू करने का फैसला किया है। 1 सितंबर से 30 सितंबर तक पूरे राज्य में ‘नो हेलमेट, नो फ्यूल’ अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट पहुंचे दोपहिया वाहन चालकों को ईंधन नहीं दिया जाएगा।
अभियान का महत्व
राज्य सरकार का मानना है कि यह कदम लोगों की आदतों में बदलाव लाने में कारगर साबित होगा। अक्सर देखा जाता है कि लोग छोटी दूरी तय करने या लापरवाहीवश हेलमेट नहीं पहनते, जिसके चलते दुर्घटना होने पर गंभीर चोटें लगती हैं और कई बार जान भी चली जाती है। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को दंडित करना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित सफर की आदत डालना है।
कानूनी दृष्टिकोण
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 129 के अंतर्गत चालक और पीछे बैठने वाले सवार दोनों के लिए हेलमेट पहनना आवश्यक है। यदि कोई इस नियम का उल्लंघन करता है तो धारा 194D के तहत जुर्माना और दंड का प्रावधान है। सर्वोच्च न्यायालय की सड़क सुरक्षा समिति भी राज्यों को हेलमेट नियमों के कड़ाई से पालन की सलाह देती रही है।
लागू करने की व्यवस्था
अभियान की निगरानी ज़िला प्रशासन, पुलिस विभाग, परिवहन विभाग, खाद्य एवं रसद विभाग और जनसंपर्क विभाग मिलकर करेंगे। पेट्रोल पंपों पर विशेष निर्देश दिए जाएंगे कि बिना हेलमेट वाले व्यक्तियों को ईंधन न दिया जाए। साथ ही, जन-जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को इस नियम के पीछे का असली उद्देश्य बताया जाएगा।
निष्कर्ष
यह कदम न केवल हेलमेट पहनने की आदत को बढ़ावा देगा, बल्कि सड़क पर जिम्मेदाराना व्यवहार की ओर भी प्रेरित करेगा। यदि यह अभियान सफल होता है, तो निश्चित रूप से सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं और मौतों में उल्लेखनीय कमी देखी जा सकेगी।
