फ़रवरी 15, 2026

मार्जोरी टेलर ग्रीन बनाम डोनाल्ड ट्रंप: बढ़ते तनाव और धमकियों ने अमेरिकी राजनीति को नए मोड़ पर ला खड़ा किया

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अमेरिकी रिपब्लिकन राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब पार्टी की विवादित सांसद मार्जोरी टेलर ग्रीन और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच चला आ रहा तनाव अचानक गंभीर टकराव में बदल गया। जो कभी राजनीतिक सहयोग और वैचारिक समानता का संबंध था, वह अब आरोप–प्रत्यारोप, धमकियों और सुरक्षा संकटों से भरा विवाद बन चुका है।


🔥 विवाद की पृष्ठभूमि: समर्थन से विरोध तक का सफर

मार्जोरी टेलर ग्रीन लंबे समय तक ट्रंप की मुखर समर्थक रही हैं। लेकिन हाल ही में उन्होंने ट्रंप की विदेश नीति और जेफरी एपस्टीन मामले संभालने को लेकर कई तीखे सवाल उठाए।
इसका जवाब देते हुए ट्रंप ने उन्हें सार्वजनिक मंचों पर निशाने पर लिया और उन्हें “Marjorie ‘Traitor’ Greene” कहकर संबोधित किया। साथ ही, उन्होंने संकेत दिया कि वे ग्रीन के पुनः चुनाव अभियान का समर्थन नहीं करेंगे।

यह कदम रिपब्लिकन खेमे में अंदरूनी तनाव को और स्पष्ट करने वाला साबित हुआ।


💣 धमकियों का दौर: ग्रीन की सुरक्षा पर गंभीर सवाल

ग्रीन ने दावा किया है कि उनके परिवार को लगातार परेशान करने की कोशिशें की जा रही हैं—जिसमें झूठे पिज़्ज़ा ऑर्डर और संदिग्ध कॉल शामिल हैं।
इससे भी ज्यादा चिंताजनक घटना तब हुई जब उनकी निर्माण कंपनी के कार्यालय में एक पाइप बम मिलने की बात सामने आई।

ग्रीन का आरोप है कि ट्रंप की कठोर टिप्पणियाँ उनके कट्टर समर्थकों के लिए “संकेत” की तरह काम कर रही हैं, जिसके कारण उनके खिलाफ खतरा बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें निजी सुरक्षा विशेषज्ञों से लगातार चेतावनियाँ मिल रही हैं कि स्थिति और बिगड़ सकती है।


🧨 रिपब्लिकन पार्टी में बढ़ती खाई

यह विवाद सिर्फ दो राजनीतिक व्यक्तियों के बीच सीमित नहीं है।
यह इस बात का संकेत है कि रिपब्लिकन पार्टी में अंदरूनी असहमति और सत्ता संघर्ष किस हद तक गहरा चुका है।

विशेषज्ञों का मानना है कि 2024 और उसके बाद की चुनावी राजनीति में यह दरार कई महत्वपूर्ण परिणाम ला सकती है—चाहे वह पार्टी का संगठन हो, मतदाता आधार हो या प्रचार रणनीति।


🕵️‍♀️ जेफरी एपस्टीन फाइलें: विवाद का सबसे संवेदनशील पहलू

ग्रीन ने ट्रंप प्रशासन पर आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में एपस्टीन से संबंधित दस्तावेजों को सार्वजनिक नहीं किया गया और महत्वपूर्ण जानकारी को दबाया गया।
यह मुद्दा पहले से ही अमेरिकी राजनीति में गर्म है—और इसे लेकर कांग्रेस में पारदर्शिता की मांग लगातार बढ़ रही है।

ग्रीन का दावा है कि एपस्टीन मामले पर ट्रंप की निष्क्रियता ने उनके बीच अविश्वास को और बढ़ा दिया है।


📌 निष्कर्ष: राजनीति का बदलता चेहरा और बढ़ते खतरे

मार्जोरी टेलर ग्रीन और डोनाल्ड ट्रंप के बीच का यह टकराव सिर्फ व्यक्तिगत विवाद नहीं है—यह अमेरिकी राजनीति में बदलते समीकरणों की कहानी है।
इसमें व्यक्तिगत सुरक्षा, राजनीतिक निष्ठा, पारदर्शिता और सत्ता संघर्ष जैसे कई परतें शामिल हैं।

यह मामला दर्शाता है कि:

  • राजनीतिक सहयोग कितनी जल्दी विरोध में बदल सकता है,
  • सार्वजनिक बयानबाज़ी किस तरह वास्तविक खतरे पैदा कर सकती है,
  • और पार्टी की अंदरूनी राजनीति किस हद तक अस्थिर हो चुकी है।

आने वाले महीनों में यह विवाद न केवल रिपब्लिकन पार्टी की दिशा तय करेगा, बल्कि अमेरिकी राजनीति की व्यापक तस्वीर पर भी गहरा असर डाल सकता है।


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