यूरोपीय नेताओं की विशेष बैठक: यूक्रेन सहायता और रूस की जमी संपत्तियों पर बनी रणनीति

यूरोपीय संघ इस समय यूक्रेन को आर्थिक रूप से मज़बूत करने के लिए नए उपायों पर विचार कर रहा है। इसी क्रम में ब्रसेल्स में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के बीच एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य फोकस था—रूस की जमी संपत्तियों का उपयोग कर यूक्रेन को वित्तीय मदद उपलब्ध कराना।
मुद्दे की पृष्ठभूमि
यूक्रेन–रूस युद्ध के चलते यूरोपीय संघ ने रूस की भारी मात्रा में संपत्तियां फ्रीज कर दी थीं। अब यूरोपीय आयोग का सुझाव है कि इन संपत्तियों को आर्थिक संसाधन में बदलकर यूक्रेन को सहायता दी जा सकती है।
प्रस्ताव के अनुसार:
- या तो फ्रीज की गई संपत्तियों को सीधे उपयोग किया जाए
- या उन्हें गिरवी रखकर लगभग 90 अरब यूरो की सहायता राशि जुटाई जाए
यह कदम यूरोपीय संघ के लिए रणनीतिक और राजनीतिक दोनों ही दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बेल्जियम की आपत्तियां और जोखिम
रूस की अधिकतर जमी संपत्तियां बेल्जियम की वित्तीय संस्था Euroclear में रखी गई हैं।
बेल्जियम को चिंता है कि:
- इन संपत्तियों को इस्तेमाल करने पर कानूनी विवाद पैदा हो सकते हैं
- रूस इसका प्रतिशोधी कदम भी उठा सकता है
इन्हीं आशंकाओं के कारण बेल्जियम इस प्रस्ताव पर तुरंत सहमति देने से बच रहा है।
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की सक्रिय भूमिका
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए फ्रेडरिक मर्ज ने अपनी निर्धारित नॉर्वे यात्रा रद्द कर दी और सीधे ब्रसेल्स पहुंचकर बेल्जियम के प्रधानमंत्री से चर्चा की।
उनका उद्देश्य था:
- बेल्जियम को भरोसा दिलाना
- 18 दिसंबर को होने वाली यूरोपीय परिषद की बैठक में पूरा समर्थन सुनिश्चित करना
यह कदम दिखाता है कि जर्मनी इस प्रस्ताव को लेकर कितनी तत्परता से आगे बढ़ना चाहता है।
उर्सुला वॉन डेर लेयेन का दृष्टिकोण
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष ने बैठक को “उपयोगी और सकारात्मक” बताया।
उनका कहना था:
- यूक्रेन को आर्थिक सहायता देना यूरोप की सामूहिक सुरक्षा के लिए ज़रूरी है
- बेल्जियम की विशिष्ट स्थिति और जोखिमों को ध्यान में रखते हुए संतुलित समाधान ढूँढा जाना चाहिए
- सभी सदस्य देशों को इस योजना में बराबर का जोखिम और ज़िम्मेदारी साझा करनी चाहिए
समापन: एकता की ओर कदम
यह बैठक यूरोपीय संघ की एकजुटता और साझा रणनीति की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
यदि 18 दिसंबर की बैठक में इस योजना पर सहमति बन जाती है, तो:
- यूक्रेन को मज़बूत आर्थिक समर्थन मिलेगा
- रूस पर आर्थिक दबाव और बढ़ेगा
- यूरोपीय संघ की सामरिक स्थिति और भी सुदृढ़ होगी
यह निर्णय यूरोप की भविष्य की सुरक्षा नीति के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत साबित हो सकता है।
