फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों की नई कूटनीतिक पहल: यूक्रेन संकट के शांतिपूर्ण समाधान की ओर यूरोपीय एकजुटता

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने यूक्रेन संघर्ष को लेकर हाल ही में एक महत्वपूर्ण और सक्रिय कूटनीतिक अभियान शुरू किया है। उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की से बात कर फ्रांस के समर्थन को दोहराया और रूस द्वारा किए गए हालिया हमलों की सख्त आलोचना की। यह पहल संकेत देती है कि यूरोप अब इस संकट को केवल देख नहीं रहा, बल्कि समाधान का नेतृत्व करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
चीन में महत्वपूर्ण वार्ता: वैश्विक संतुलन पर गहन चर्चा
तीन दिवसीय चीन दौरे के दौरान मैक्रों ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग से विस्तृत बातचीत की। इस मुलाकात का केंद्र बिंदु यूक्रेन युद्ध, वैश्विक आर्थिक असमानताएं और अंतरराष्ट्रीय स्थिरता रहे।
फ्रांस ने चीन से आग्रह किया कि वह रूस पर युद्धविराम के लिए प्रभावी दबाव बनाए, ताकि यूक्रेन में जारी हिंसा को कम किया जा सके।
यह संवाद यूरोप और एशिया के बीच भविष्य में गहरे सहयोग की संभावनाओं को मजबूत करता है।
लंदन में होने वाली महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय बैठक
मैक्रों ने घोषणा की है कि सोमवार को लंदन में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ के साथ उच्च-स्तरीय बैठक होगी। इस वार्ता में हाल ही में संपन्न यूक्रेन-अमेरिका वार्ता के निष्कर्षों का विश्लेषण किया जाएगा।
इस त्रिपक्षीय सहयोग का मुख्य लक्ष्य यूरोपीय देशों को एक साझा रणनीति के माध्यम से समन्वित करना है, जिससे संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।
यूरोप की बदलती भूमिका: सिर्फ समर्थन नहीं, नेतृत्व भी
मैक्रों ने कहा कि यूरोप अब एक “न्यायपूर्ण और स्थायी” समाधान तैयार करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। इसमें सैन्य सहायता के साथ-साथ कूटनीतिक प्रयास और मानवीय सहायता भी शामिल होगी।
यह घोषणा स्पष्ट करती है कि यूरोपीय देश अब केवल बड़ी शक्तियों पर निर्भर नहीं रहना चाहते, बल्कि स्वयं एक महत्वपूर्ण निर्णयकर्ता के रूप में उभर रहे हैं।
निष्कर्ष
राष्ट्रपति मैक्रों की यह पहल फ्रांस की सक्रिय विदेश नीति को दर्शाती है और साथ ही यह भी बताती है कि यूरोप अब यूक्रेन संघर्ष के समाधान के केंद्र में अपना स्थान बनाना चाहता है।
चीन के साथ संवाद, लंदन में होने वाला रणनीतिक समन्वय और ज़ेलेंस्की के साथ सीधी बातचीत — ये सभी कदम एक व्यापक, बहु-स्तरीय और संतुलित कूटनीतिक रणनीति की ओर इशारा करते हैं।
यह पहल वैश्विक शांति की दिशा में यूरोप द्वारा उठाया गया एक प्रभावी और महत्वपूर्ण कदम है।
